फरवरी 2026 की शुरुआत में केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव के नेतृत्व में इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने भारत मंडपम, नई दिल्ली में 16–21 फरवरी 2026 को होने वाले भारत एआई इम्पैक्ट समिट 2026 की औपचारिक घोषणा की। इसे फरवरी 2025 में हुए पेरिस एआई एक्शन समिट के बाद वैश्विक एआई शासन पर होने वाला अगला बड़ा आयोजन माना गया और भारत ने इसकी मेज़बानी की ज़िम्मेदारी संभाली।

भारत एआई इम्पैक्ट समिट बाद में वैश्विक स्तर का एक ऐतिहासिक आयोजन बना। करीब 6 लाख लोगों ने प्रत्यक्ष रूप से भाग लिया और 9 लाख दर्शक ऑनलाइन जुड़े। इसमें 100 से अधिक देशों और 20 अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए। भारत एआई इम्पैक्ट समिट घोषणापत्र का 92 देशों ने समर्थन किया। नई दिल्ली फ्रंटियर एआई इम्पैक्ट कमिटमेंट्स पर 13 प्रमुख वैश्विक और भारतीय एआई मॉडल विकसित करने वाली कंपनियों ने हस्ताक्षर किए। बुनियादी ढाँचे, आधारभूत मॉडलों, सेमीकंडक्टर और अनुप्रयोगों में 200 अरब डॉलर से अधिक के एआई निवेश की प्रतिबद्धताएँ आईं। भारत ने ‘24 घंटों में एआई की ज़िम्मेदारी से जुड़े अभियान के लिए सर्वाधिक प्रतिज्ञाएँ मिलने’ का गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड भी बनाया; 2.5 लाख से अधिक प्रतिज्ञाएँ मान्य पाई गईं। इसके अलावा, भारत की संप्रभु एआई कंप्यूटिंग व्यवस्था के लिए 20,000 नए ग्राफ़िक्स प्रोसेसिंग यूनिट (जीपीयू) की घोषणा हुई।

राजस्थान से संबंध: राजस्थान सरकार ने इसी अवधि में अपना एआई रोडमैप घोषित किया। इसमें जनाधार पहचान प्रणाली में एआई को शामिल करने, जयपुर में स्मार्ट प्रशासन और कोटा तथा बीकानेर क्षेत्रों के किसानों के लिए कृषि-तकनीक अनुप्रयोग तैयार करने की योजनाएँ थीं। ये योजनाएँ केंद्रीय बजट 2026-27 में घोषित राष्ट्रीय एआई मिशन के लक्ष्यों के अनुरूप थीं।