सिक्किम को शिक्षा मंत्रालय के उल्लास नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत आधिकारिक रूप से पूर्ण साक्षर राज्य घोषित किया गया। इसकी घोषणा मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने गंगटोक के मानन केंद्र में आयोजित सिक्किम विश्वविद्यालय के सातवें दीक्षांत समारोह के दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और राज्यपाल ओम प्रकाश माथुर की उपस्थिति में की। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने 28 मई 2026 को एक वक्तव्य में इस उपलब्धि की सराहना की। हिमालयी राज्य ने शिक्षा मंत्रालय के मानदंड के अनुसार 99.82 प्रतिशत साक्षरता दर हासिल की। इस मानदंड में 95 प्रतिशत से अधिक साक्षरता दर वाले राज्य को पूर्ण साक्षर माना जाता है। सिक्किम शिक्षा विभाग के अनुसार, राज्य ने 2024 और 2026 के बीच घर-घर सर्वेक्षण और स्थानीय आकलन से 15 वर्ष और उससे अधिक आयु के 15000 से अधिक गैर-साक्षर व्यक्तियों की पहचान की। इसके बाद उल्लास ढांचे के तहत आयोजित आधारभूत साक्षरता और संख्यात्मकता FLN परीक्षणों के जरिए 14000 से अधिक शिक्षार्थियों को प्रमाणित किया गया। कार्यक्रम में सामुदायिक भागीदारी की बड़ी भूमिका रही। इसमें 4000 से अधिक स्वयंसेवी शिक्षक शामिल थे, जिनमें सरकारी कर्मचारी, स्कूल शिक्षक, कॉलेज छात्र, सामाजिक कार्यकर्ता और स्थानीय निवासी थे। उन्होंने स्कूलों, ग्राम सभाओं और निजी घरों तक में लचीले शिक्षण सत्र आयोजित किए। इस उपलब्धि के साथ, सिक्किम मिजोरम, गोवा, त्रिपुरा, हिमाचल प्रदेश और लद्दाख के बाद उल्लास कार्यक्रम के तहत पूर्ण साक्षर घोषित होने वाला छठा राज्य या संघ राज्य क्षेत्र बन गया। यह उपलब्धि 2027 के राष्ट्रीय लक्ष्य वर्ष से काफी पहले हासिल हुई। 2022 में शुरू किए गए उल्लास का उद्देश्य देश में 15 वर्ष और उससे अधिक आयु के गैर-साक्षरों तक पांच घटकों से पहुंचना है: आधारभूत साक्षरता और संख्यात्मकता, महत्वपूर्ण जीवन कौशल, व्यावसायिक कौशल विकास, बुनियादी शिक्षा और राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप सतत शिक्षा।
उल्लास नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत सिक्किम 99.82 प्रतिशत साक्षरता दर के साथ पूर्ण साक्षर राज्य घोषित; 28 मई 2026 को गंगटोक में सिक्किम विश्वविद्यालय के सातवें दीक्षांत समारोह में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इस उपलब्धि की सराहना की; मिजोरम, गोवा, त्रिपुरा, हिमाचल प्रदेश और लद्दाख के बाद सिक्किम छठा राज्य या संघ राज्य क्षेत्र बना
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की उपस्थिति में सिक्किम विश्वविद्यालय के सातवें दीक्षांत समारोह में सिक्किम को उल्लास नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के अंतर्गत 99.82 प्रतिशत साक्षरता दर के साथ पूर्ण साक्षर राज्य घोषित किया गया। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने 28 मई 2026 को इस उपलब्धि की सराहना की; सिक्किम यह दर्जा पाने वाला छठा राज्य या संघ राज्य क्षेत्र बना।
मुख्य तथ्य
- सिक्किम को आधिकारिक रूप से उल्लास नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के अंतर्गत पूर्ण साक्षर राज्य घोषित किया गया, जिसकी केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने 28 मई 2026 को सराहना की
- घोषणा मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने गंगटोक में सिक्किम विश्वविद्यालय के सातवें दीक्षांत समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और राज्यपाल ओम प्रकाश माथुर की उपस्थिति में की
- सिक्किम ने शिक्षा मंत्रालय के 95 प्रतिशत के पूर्ण साक्षर मानदंड के तहत 99.82 प्रतिशत साक्षरता दर प्राप्त की
- 2024 और 2026 के बीच घर-घर सर्वेक्षण से 15 वर्ष और उससे अधिक आयु के 15000 से अधिक गैर साक्षर व्यक्तियों की पहचान की गई और 14000 से अधिक को FLN परीक्षण से प्रमाणित किया गया
- कार्यक्रम में 4000 से अधिक स्वयंसेवी शिक्षक शामिल थे, जिन्होंने स्कूलों, ग्राम सभाओं और घरों में लचीले शिक्षण सत्र आयोजित किए
- 2022 में शुरू किए गए उल्लास कार्यक्रम के तहत सिक्किम, मिजोरम, गोवा, त्रिपुरा, हिमाचल प्रदेश और लद्दाख के बाद पूर्ण साक्षर घोषित होने वाला छठा राज्य या संघ राज्य क्षेत्र बना
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28 मई 2026 को केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने उल्लास के तहत सिक्किम को पूर्ण साक्षर राज्य घोषित किए जाने की सराहना की। इस संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार करें: 1. सिक्किम ने शिक्षा मंत्रालय के मानदंड के तहत 99.82 प्रतिशत साक्षरता दर प्राप्त की; इस मानदंड के अनुसार 95 प्रतिशत से अधिक साक्षरता वाले राज्य को पूर्ण साक्षर माना जाता है। 2. सिक्किम मिजोरम, गोवा, त्रिपुरा, हिमाचल प्रदेश और लद्दाख के बाद 2022 में शुरू किए गए उल्लास के तहत पूर्ण साक्षर घोषित होने वाला छठा राज्य या संघ राज्य क्षेत्र बना। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
दोनों कथन सही हैं। सिक्किम ने 95 प्रतिशत के मानक से अधिक 99.82 प्रतिशत साक्षरता प्राप्त की और 2022 में शुरू किए गए उल्लास कार्यक्रम के तहत मौजूदा पांच पूर्ण साक्षर राज्यों या संघ राज्य क्षेत्रों (मिजोरम, गोवा, त्रिपुरा, हिमाचल प्रदेश और लद्दाख) में शामिल हो गया।
स्रोत: समाचार स्रोत
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
सिक्किम को किस कार्यक्रम के अंतर्गत पूर्ण साक्षर राज्य घोषित किया गया और इसकी साक्षरता दर क्या है?
सिक्किम को शिक्षा मंत्रालय के उल्लास नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के अंतर्गत 99.82 प्रतिशत साक्षरता दर के साथ पूर्ण साक्षर राज्य घोषित किया गया, जो 95 प्रतिशत के मानदंड से अधिक है। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने 28 मई 2026 को इस उपलब्धि की सराहना की।
घोषणा कहां और किसके द्वारा की गई?
घोषणा मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने गंगटोक के मानन केंद्र में आयोजित सिक्किम विश्वविद्यालय के सातवें दीक्षांत समारोह के दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और राज्यपाल ओम प्रकाश माथुर की उपस्थिति में की।
उल्लास योजना क्या है और इसे कब शुरू किया गया था?
उल्लास, जिसे नव भारत साक्षरता कार्यक्रम भी कहा जाता है, शिक्षा मंत्रालय द्वारा 2022 में शुरू की गई एक केंद्र प्रायोजित योजना है। इसका उद्देश्य राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप देश में 15 वर्ष और उससे अधिक आयु के गैर-साक्षर लोगों को साक्षरता के दायरे में लाना है।
उल्लास योजना के पांच घटक क्या हैं?
उल्लास के पांच घटक हैं आधारभूत साक्षरता और संख्यात्मकता, महत्वपूर्ण जीवन कौशल, व्यावसायिक कौशल विकास, बुनियादी शिक्षा और सतत शिक्षा।
उल्लास के तहत किन अन्य राज्यों और संघ राज्य क्षेत्रों को पूर्ण साक्षर घोषित किया गया है?
मिजोरम, गोवा, त्रिपुरा, हिमाचल प्रदेश और लद्दाख को सिक्किम से पहले उल्लास के तहत पूर्ण साक्षर घोषित किया गया था। इस तरह सिक्किम पूर्ण साक्षर घोषित होने वाला छठा राज्य या संघ राज्य क्षेत्र बना।
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