प्रकाशित: 9 अक्टूबर 2025टॉपिक
नीति आयोग ने 49 करोड़ असंगठित कामगारों के लिए 'समावेशी सामाजिक विकास के लिए AI' रोडमैप शुरू किया
नीति आयोग का अध्ययन 'समावेशी सामाजिक विकास के लिए AI' भारत के 49 करोड़ असंगठित कामगारों को केंद्र में रखता है, जो बड़े पैमाने पर डिजिटल अर्थव्यवस्था से बाहर हैं। इसी संदर्भ में मिशन डिजिटल श्रमसेतु का प्रस्ताव महत्वपूर्ण है। यह 2025 से 2030 और उसके आगे तक फैली 20-वर्षीय राष्ट्रीय पहल है, जिसका लक्ष्य कामगारों का डिजिटल सशक्तीकरण है।
इस रोडमैप में AI को केवल तकनीकी प्रयोग नहीं, बल्कि श्रम और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े शासन के औजार के रूप में देखा गया है। कौशल मूल्यांकन, रोजगार मिलान, सामाजिक सुरक्षा पोर्टेबिलिटी और वित्तीय समावेश इसके मुख्य उपयोग बताए गए हैं। असंगठित क्षेत्र को डिजिटल व्यवस्था से जोड़ना इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसी से कामगारों की कौशल पहचान, रोजगार से जुड़ाव, लाभों की पोर्टेबिलिटी और वित्तीय पहुंच जैसे मुद्दों पर नीति बनती है।
प्रारंभिक परीक्षा के लिए 49 करोड़ कामगार, 20-वर्षीय मिशन डिजिटल श्रमसेतु और AI के प्रस्तावित उपयोग सीधे याद रखने योग्य तथ्य हैं। RAS और UPSC जैसे पेपरों में इससे डिजिटल समावेशन, असंगठित श्रम, वित्तीय समावेश और सामाजिक सुरक्षा जैसे बिंदु पूछे जा सकते हैं। मुख्य परीक्षा में इसका उपयोग इस बात पर चर्चा के लिए किया जा सकता है कि तकनीक असंगठित कामगारों को डिजिटल अर्थव्यवस्था से जोड़ने में मदद कर सकती है, लेकिन इसे गलत या असमान ढंग से लागू करने से डिजिटल विभाजन और बढ़ सकता है। इसलिए AI को जिम्मेदार और न्यायसंगत ढंग से लागू करना इस रोडमैप का केंद्रीय संदेश है।
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जुड़ा प्रश्नमध्यम
नीति आयोग के 'समावेशी सामाजिक विकास के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता' रोडमैप का डिजिटल सशक्तिकरण लक्ष्य कितने अनौपचारिक श्रमिकों को शामिल करता है?
व्याख्या · सही उत्तर BNITI आयोग की 'समावेशी सामाजिक विकास के लिए AI' भारत के 49 करोड़ अनौपचारिक श्रमिकों को लक्षित करती है जो डिजिटल अर्थव्यवस्था से बड़े पैमाने पर बाहर हैं, और मिशन डिजिटल श्रमसेतु का प्रस्ताव करती है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
मिशन डिजिटल श्रमसेतु क्या है?
मिशन डिजिटल श्रमसेतु भारत के असंगठित कामगारों के डिजिटल सशक्तीकरण के लिए प्रस्तावित 20-वर्षीय राष्ट्रीय पहल है। इसका दायरा 2025 से 2030 और उसके आगे तक फैले चरणों में बताया गया है।
नीति आयोग का AI रोडमैप कितने असंगठित कामगारों पर केंद्रित है?
यह रोडमैप भारत के लगभग 49 करोड़ असंगठित कामगारों पर केंद्रित है, जो बड़े पैमाने पर डिजिटल अर्थव्यवस्था से बाहर हैं।
इस रोडमैप में AI के कौन-से उपयोग बताए गए हैं?
रोडमैप में कौशल मूल्यांकन, रोजगार मिलान, सामाजिक सुरक्षा पोर्टेबिलिटी और वित्तीय समावेश के लिए AI के उपयोग का प्रस्ताव है।
परीक्षा की दृष्टि से यह विषय क्यों महत्वपूर्ण है?
प्रारंभिक परीक्षा के लिए 49 करोड़ कामगार, 20-वर्षीय पहल और AI के प्रस्तावित उपयोग याद रखने योग्य हैं। मुख्य परीक्षा में इसे असंगठित श्रम, डिजिटल समावेशन, सामाजिक सुरक्षा और वित्तीय समावेश के उदाहरण के रूप में लिखा जा सकता है।
रोडमैप डिजिटल विभाजन के बारे में क्या संकेत देता है?
रोडमैप AI को जिम्मेदार और न्यायसंगत ढंग से लागू करने पर बल देता है, ताकि तकनीकी लाभ औपचारिक और असंगठित क्षेत्रों के बीच डिजिटल विभाजन को और न बढ़ाएँ।