प्रकाशित: 12 मार्च 2026PIB / NHAI / DevDiscourseपर्यावरण
NHAI ने ISRO उपग्रह डेटा से भारत का पहला राष्ट्रीय राजमार्ग हरित आवरण सूचकांक (NH-GCI) 2025–26 जारी किया
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने 9 मार्च 2026 को राष्ट्रीय राजमार्ग हरित आवरण सूचकांक (NH-GCI) 2025–26 पर पहली वार्षिक रिपोर्ट जारी की, जिसका 13 मार्च 2026 के करेंट अफेयर्स में व्यापक उल्लेख हुआ। यह सूचकांक NHAI द्वारा जनवरी 2024 में हस्ताक्षरित तीन वर्षीय समझौता ज्ञापन के तहत ISRO के राष्ट्रीय सुदूर संवेदन केंद्र (NRSC) के सहयोग से विकसित किया गया है।
NH-GCI ISRO के रिसोर्ससैट-2/2ए उपग्रह (लिस-4 सेंसर) की 5 मीटर रिज़ॉल्यूशन वाली बहुवर्णक्रमीय इमेजरी का उपयोग करता है और क्लोरोफिल संकेतों के आधार पर वनस्पति की पहचान करता है। परिणामों को कार्टोसैट-2एस इमेजरी से सत्यापित किया जाता है और NRSC के ओपन-सोर्स भुवन वेब-GIS पोर्टल पर प्रकाशित किया जाता है। पहले मूल्यांकन चक्र में 24 राज्यों में लगभग 30,000 किमी राष्ट्रीय राजमार्गों का जुलाई–दिसंबर 2024 के लिए विश्लेषण किया गया।
NH-GCI राजस्थान के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि राज्य में शुष्क और अर्ध-शुष्क क्षेत्रों से गुजरने वाला बड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क है। राजमार्गों के किनारे हरित आवरण कार्बन सिंक के रूप में काम करता है, तापमान कम करता है, मृदा अपरदन रोकता है और NAPCC के लक्ष्यों को आगे बढ़ाने में मदद करता है।
0मेन्स दृष्टिकोण
प्रश्न: भारत के पहले राष्ट्रीय राजमार्ग हरित आवरण सूचकांक 2025-26 के उद्देश्यों एवं कार्यप्रणाली की चर्चा कीजिए, NHAI-इसरो सहयोग पर प्रकाश डालिए।
उत्तर (50 शब्द):
9 मार्च 2026 को जारी एनएच-जीसीआई में इसरो के रिसोर्ससैट-2ए लिस-4 सेंसर की 5-मीटर रिज़ॉल्यूशन वाली बहुवर्णक्रमीय इमेजरी का उपयोग किया गया, जिसे कार्टोसैट-2एस से सत्यापित किया गया। पहले चक्र में 24 राज्यों के 30,000 किलोमीटर शामिल हुए और जुलाई-दिसंबर 2024 का विश्लेषण किया गया। भुवन वेब-जीआईएस पोर्टल पर प्रकाशित यह सूचकांक हरित वृक्षारोपण लक्ष्यों की जवाबदेही तय करता है।
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जुड़ा प्रश्नकठिन
राष्ट्रीय राजमार्ग हरित आवरण सूचकांक वनस्पति की पहचान के लिए इसरो की किस उपग्रह इमेजरी का उपयोग करता है?
व्याख्या · सही उत्तर Bएनएच-जीसीआई इसरो के रिसोर्ससैट-2/2ए उपग्रह (एलआईएसएस-IV सेंसर) से 5-मीटर रिज़ॉल्यूशन वाली बहु-वर्णक्रमीय इमेजरी का उपयोग करता है, जो क्लोरोफिल संकेतों से वनस्पति का पता लगाता है। परिणाम कार्टोसैट-2एस इमेजरी का उपयोग करके सत्यापित किए जाते हैं एवं एनआरएससी के ओपन-सोर्स भुवन वेब-जीआईएस पोर्टल पर प्रकाशित किए जाते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
NH हरित आवरण सूचकांक (NH-GCI) क्या है और इसे किसने जारी किया?
NH हरित आवरण सूचकांक (NH-GCI) 2025-26 भारत का पहला उपग्रह-आधारित मापक है, जो राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारे वृक्षारोपण के घनत्व को मापता है। इसे राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने 9 मार्च 2026 को जारी किया।
NH हरित आवरण सूचकांक के लिए ISRO का कौन सा उपग्रह और पोर्टल उपयोग किया जाता है?
NH-GCI में ISRO के Resourcesat-2A उपग्रह के डेटा का उपयोग किया जाता है और परिणाम पारदर्शी सार्वजनिक पहुँच के लिए ISRO के भुवन GIS पोर्टल पर प्रकाशित किए जाते हैं।
NH-GCI 2025-26 के अंतर्गत भारत के कितने राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क को शामिल किया गया है?
NH-GCI 2025-26 में 24 राज्यों के लगभग 30,000 किमी राष्ट्रीय राजमार्गों को शामिल किया गया है, जिससे राजमार्गों के किनारे हरित आवरण की व्यापक निगरानी संभव हो रही है।
NH-GCI भारत की जलवायु प्रतिबद्धताओं में कैसे मदद करता है?
NH-GCI का लक्ष्य सड़क अवसंरचना से कार्बन उत्सर्जन कम करना है और यह पेरिस समझौते के तहत भारत के राष्ट्रीय निर्धारित योगदान (NDC) को पूरा करने में मदद करता है।
NH-GCI राजस्थान के लिए क्यों महत्त्वपूर्ण है?
राजस्थान में NH-48 और NH-58 सहित व्यापक राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क है। NH-GCI इन मार्गों पर वनीकरण की बेहतर निगरानी और जवाबदेही सुनिश्चित करेगा, जो राज्य के हरित आवरण प्रयासों में सहायक होगा।