केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने नई दिल्ली के विज्ञान भवन में नार्को-कोऑर्डिनेशन सेंटर (NCORD) की 10वीं शीर्ष-स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने "मादक पदार्थ नियंत्रण पर विज़न डॉक्यूमेंट (2026-2029)" तथा "एनसीबी वार्षिक रिपोर्ट 2025" का विमोचन किया और जम्मू एवं गुवाहाटी में NCB के ज़ोनल कार्यालयों का ई-उद्घाटन भी किया। श्री शाह ने 'ऑनलाइन ड्रग्स डिस्पोज़ल फोर्टनाइट कैंपेन' की शुरुआत भी की, जिसमें 6,000 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के 2,09,500 किलोग्राम नशीले पदार्थों को नष्ट करने का लक्ष्य रखा गया है। NCB द्वारा जारी विज़न डॉक्यूमेंट का उद्देश्य सिंथेटिक ड्रग्स, डार्कनेट नेटवर्क, सीमा पार तस्करी और नए खतरों के खिलाफ संस्थागत क्षमता को मजबूत बनाना है। शाह ने कहा कि आने वाले तीन वर्ष इस लड़ाई का परिणाम तय करेंगे। 2026-2029 का रोडमैप चार स्तंभों पर आधारित है- एनफोर्समेंट, इंटेलिजेंस व ऑपरेशंस; प्रीकर्सर व सिंथेटिक ड्रग कंट्रोल; डिमांड व हार्म रिडक्शन एवं पुनर्वास; तथा कैपेसिटी बिल्डिंग, कोऑर्डिनेशन व मॉनिटरिंग। पूरी रणनीति तीन शब्दों- डिटेक्ट, डिसरप्ट और डिस्ट्रॉय- पर आधारित है। उन्होंने ड्रग व्यापारियों के प्रति निर्मम तथा पीड़ितों के प्रति सहानुभूतिपूर्ण दृष्टिकोण रखने की बात कही। अब तक 15,876 ज़िला स्तरीय, 266 राज्य स्तरीय और सात कार्यकारी स्तरीय NCORD बैठकें हो चुकी हैं। शाह ने बताया कि 2014 से 2026 के बीच 1.84 लाख करोड़ रुपये मूल्य की 1.18 करोड़ किलोग्राम ड्रग्स जब्त की गई, जबकि 2004-2014 में 40,000 करोड़ रुपये मूल्य की 26 लाख किलोग्राम।