प्रकाशित: 26 जनवरी 2026समाचार स्रोतपर्यावरण
इंडिया एनर्जी वीक 2026: गोवा में हाइड्रोजन जोन का उद्घाटन; NRL-TotalEnergies 200 KTPA सतत विमानन ईंधन प्लांट MoU पर हस्ताक्षर
इंडिया एनर्जी वीक (IEW) 2026 का आयोजन 27-30 जनवरी को गोवा में हुआ, जहाँ भारत के बहु-ईंधन ऊर्जा परिवर्तन से जुड़े कई महत्वपूर्ण विकास सामने आए। ऑयल इंडिया लिमिटेड (OIL) ने एक समर्पित हाइड्रोजन जोन का उद्घाटन किया, जो हरित हाइड्रोजन के क्षेत्र में भारत की बढ़ती प्रतिबद्धता को दिखाता है। इस जोन में 120 देशों से आए घरेलू और अंतरराष्ट्रीय प्रतिभागियों ने अत्याधुनिक इलेक्ट्रोलाइज़र, ईंधन सेल तकनीक और हाइड्रोजन भंडारण प्रणालियाँ प्रदर्शित कीं।
नुमालीगढ़ रिफाइनरी लिमिटेड (NRL) और TotalEnergies के बीच 200 किलो टन प्रति वर्ष (KTPA) सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल (SAF) उत्पादन संयंत्र स्थापित करने के लिए एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर हुए। यह भारत में SAF से जुड़ी सबसे बड़ी प्रतिबद्धताओं में से एक है और विमानन क्षेत्र के डीकार्बोनाइजेशन में मदद करेगा। साथ ही, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने SAF नीति रोडमैप की जानकारी देने के लिए एक समर्पित SAF माइक्रोसाइट लॉन्च की।
BPCL (भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड) ने ब्राजील की पेट्रोब्रास के साथ कच्चे तेल की अवधि-आधारित डील की, जिससे भारत की कच्चे तेल की आपूर्ति के स्रोतों में विविधता आई और ऊर्जा सुरक्षा मजबूत हुई। IEA और PPAC ने संयुक्त रूप से "इंडिया बायोएनर्जी आउटलुक 2030" जारी किया। सरकार ने 2030 तक प्राकृतिक गैस नेटवर्क में 5% कम्प्रेस्ड बायोगैस (CBG) मिश्रण का लक्ष्य दोहराया। IEW 2026 में 120 देशों की भागीदारी रही, 700 से अधिक प्रदर्शक आए और 75,000 से अधिक लोग उपस्थित रहे। भारत की हाइड्रोजन, जैव ईंधन, SAF और प्राकृतिक गैस जैसे बहु-ईंधन मार्गों को अपनाने की रणनीति उसके व्यावहारिक ऊर्जा परिवर्तन दृष्टिकोण को दिखाती है।
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
इंडिया एनर्जी वीक 2026 में हाइड्रोजन क्षेत्र का क्या महत्व है?
हाइड्रोजन क्षेत्र का आयोजन ऑयल इंडिया लिमिटेड ने किया और इसका उद्घाटन केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने किया। इसमें इलेक्ट्रोलाइज़र, ईंधन सेल और हाइड्रोजन भंडारण तकनीकें प्रदर्शित हुईं, जो हरित हाइड्रोजन के प्रति भारत की बढ़ती प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं।
नुमालीगढ़ रिफाइनरी-टोटलएनर्जीज समझौता ज्ञापन किस बारे में है?
नुमालीगढ़ रिफाइनरी लिमिटेड और टोटलएनर्जीज ने भारत में 200 किलो टन प्रतिवर्ष क्षमता का सतत विमानन ईंधन उत्पादन संयंत्र स्थापित करने के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। यह विमानन क्षेत्र के कार्बन-उत्सर्जन में कमी के लिए भारत की सबसे बड़ी प्रतिबद्धताओं में से एक है।
इंडिया बायोएनर्जी आउटलुक 2030 क्या है?
यह अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी और पेट्रोलियम योजना एवं विश्लेषण प्रकोष्ठ का संयुक्त प्रकाशन है, जिसे इंडिया एनर्जी वीक 2026 में जारी किया गया। यह 2030 तक भारत में जैव ऊर्जा विकास की दिशा को रेखांकित करता है।
भारत में संपीड़ित जैव गैस मिलाने का लक्ष्य क्या है?
सतत किफायती परिवहन की ओर वैकल्पिक पहल योजना के तहत वित्त वर्ष 2025-26 से संपीड़ित जैव गैस मिलाना अनिवार्य होगा और वित्त वर्ष 2028-29 से यह कुल संपीड़ित प्राकृतिक गैस तथा पाइप्ड प्राकृतिक गैस खपत के 5% तक पहुंचेगा।
भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन ने इंडिया एनर्जी वीक 2026 में कौन-सा समझौता किया?
भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड ने ब्राजील की पेट्रोब्रास के साथ कच्चे तेल का दीर्घकालिक समझौता किया, जिससे भारत के कच्चे तेल स्रोतों में विविधता आई और ऊर्जा सुरक्षा मजबूत हुई।