भारत अनुपालन लागत कम करने और अपनी चार-स्लैब संरचना (5%, 12%, 18%, 28% और उपकर) को सरल बनाने के लिए बड़े GST 2.0 सुधार पर विचार कर रहा है। मासिक GST संग्रह ₹1.6-1.7 लाख करोड़ रहा, फिर भी भारत का कर और GDP का अनुपात (~11-12%) वैश्विक समकक्षों से कम है। इस सुधार से शुरुआत में लगभग ₹48,000 करोड़ के राजस्व घाटे का अनुमान है, लेकिन व्यापक अनुपालन और कर चोरी में कमी से दीर्घकालिक राजस्व वृद्धि का लक्ष्य रखा गया है। साथ ही, RBI ने 6 जून 2025 से तत्काल प्रभाव से नीति रेपो दर 5.5% कर दी।
GST 2.0 सुधार: अनुपालन बढ़ाने के लिए भारत कर स्लैब को तर्कसंगत बनाने पर विचार कर रहा है
भारत के GST 2.0 सुधार में चार स्लैब को तर्कसंगत बनाने और कर-GDP अनुपात बढ़ाने का प्रस्ताव है; वहीं RBI ने Q1 FY26 में 7.8% GDP वृद्धि के बीच दर को 5.5% तक घटाया।
मुख्य तथ्य
- GST 2.0 में कर अनुपालन बेहतर बनाने के लिए चार स्लैब को युक्तिसंगत बनाने का प्रस्ताव है।
- सुधार का लक्ष्य भारत का कर-GDP अनुपात बढ़ाना है।
- RBI ने मजबूत आर्थिक वृद्धि के बीच रेपो रेट 5.5% तक घटाया।
- भारत ने Q1 FY26 में 7.8% GDP वृद्धि दर्ज की।
- सरलीकृत GST से कर चोरी कम होने और संग्रह बेहतर होने की उम्मीद है।
- संयुक्त मौद्रिक और राजकोषीय सुधार सतत विकास पथ को बढ़ावा देते हैं।
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जीएसटी 2.0 सुधार के तहत जीएसटी कर स्लैब को युक्तिसंगत बनाने से अनुमानित शुद्ध राजस्व प्रभाव लगभग कितना था?
जीएसटी 2.0 में कर स्लैब के युक्तिसंगतकरण से शुद्ध राजस्व प्रभाव लगभग 48,000 करोड़ रुपये आंका गया था। अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि इसे सीधे राजस्व हानि कहना ठीक नहीं है, क्योंकि कम दरों से खपत, अनुपालन और व्यापक आर्थिक गतिविधि को सहारा मिलने की उम्मीद थी।
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
GST 2.0 क्या है और यह कर स्लैब के बारे में क्या प्रस्ताव करता है?
GST 2.0 भारत की वस्तु एवं सेवा कर प्रणाली में लागू किया गया सुधार है, जिसमें पुराने चार कर स्लैब को घटाकर दो मुख्य दरें कर दी गईं, ताकि अनुपालन सरल हो, कर चोरी घटे और कुल कर संग्रह बेहतर हो।
Q1 FY26 में भारत की GDP वृद्धि दर क्या रही और RBI ने रेपो रेट में क्या बदलाव किया?
भारत ने Q1 FY26 में 7.8% GDP वृद्धि दर्ज की। इस मजबूत आर्थिक वृद्धि की पृष्ठभूमि में RBI ने आर्थिक गतिविधियों को और गति देने के लिए रेपो रेट घटाकर 5.5% कर दिया।
भारत की राजकोषीय स्थिति के लिए GST 2.0 सुधार का प्राथमिक उद्देश्य क्या है?
GST 2.0 का प्राथमिक उद्देश्य स्लैब संरचना को सरल बनाकर और कर अनुपालन सुधारकर भारत के कर-GDP अनुपात को बढ़ाना है। सरलीकृत GST से कर चोरी कम होने और संग्रह बढ़ने की उम्मीद है।
GST 2.0 सुधार और RBI की मौद्रिक नीति मिलकर भारत की वृद्धि में कैसे मदद करते हैं?
GST 2.0, यानी राजकोषीय सुधार, और RBI की रेपो रेट कटौती, यानी मौद्रिक नीति, मिलकर भारत के सतत विकास पथ को मजबूत करने की संयुक्त रणनीति दिखाते हैं। राजकोषीय सुधार कर आधार को व्यापक बनाते हैं, जबकि मौद्रिक सहजता निवेश और खपत को प्रोत्साहित करती है।
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