प्रकाशित: 29 मार्च 2026बिज़नेस स्टैंडर्डअर्थव्यवस्था
वित्त वर्ष 2025-26 में भारत का शुद्ध प्रत्यक्ष कर संग्रह 7.19% बढ़कर 22.80 लाख करोड़ रुपये हुआ
वित्त वर्ष 2025-26 में 17 मार्च 2026 तक भारत का शुद्ध प्रत्यक्ष कर संग्रह 7.19% बढ़कर ₹22.80 लाख करोड़ हो गया। कॉर्पोरेट और गैर-कॉर्पोरेट करों की वसूली बढ़ने से कुल संग्रह में यह वृद्धि हुई। परीक्षा की दृष्टि से यह आँकड़ा इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि प्रत्यक्ष कर संग्रह से सरकार की राजस्व क्षमता, औपचारिक आर्थिक गतिविधि की मज़बूती और राजकोषीय नीति की दिशा का पता चलता है।
केंद्रीय बजट 2026-27 में सार्वजनिक पूंजीगत व्यय का लक्ष्य ₹12.2 लाख करोड़ रखा गया और इसे अब तक का सबसे बड़ा लक्ष्य बताया गया। पूंजीगत व्यय पर ज़ोर से बुनियादी ढाँचे पर आधारित विकास और सार्वजनिक निवेश का महत्व सामने आता है। RAS और UPSC जैसी परीक्षाओं की तैयारी में यही तथ्य राजकोषीय नीति, आर्थिक वृद्धि और सतत विकास पर उत्तर तैयार करने के लिए उपयोगी आधार देता है।
मौद्रिक नीति के मोर्चे पर RBI ने वित्त वर्ष 2026 के लिए वास्तविक GDP वृद्धि का अनुमान संशोधित कर 7.3% किया और उपभोक्ता मूल्य मुद्रास्फीति का अनुमान घटाकर 2.0% किया। विकास को सहारा देने के लिए RBI ने नीतिगत दर 25 आधार अंक घटाकर 5.25% की। इन आँकड़ों से वृद्धि और मुद्रास्फीति के बीच संतुलन तथा समष्टि आर्थिक प्रबंधन में केंद्रीय बैंक की भूमिका समझी जा सकती है।
गोल्डमैन सैक्स ने 2026 में भारत की वास्तविक GDP वृद्धि सालाना आधार पर 6.9% रहने का अनुमान लगाया है। लगभग 700 अरब डॉलर के विदेशी मुद्रा भंडार को भी समष्टि आर्थिक स्थिरता का सहारा बताया गया है। इन सभी बातों को साथ पढ़ने पर प्रत्यक्ष कर, बजट, RBI की नीति, GDP वृद्धि और विदेशी मुद्रा भंडार की एक परीक्षा-उपयोगी आर्थिक तस्वीर बनती है। प्रारंभिक परीक्षा में इन आँकड़ों पर प्रश्न आ सकते हैं, जबकि मुख्य परीक्षा में राजकोषीय-मौद्रिक समन्वय और विकास की निरंतरता का विश्लेषण किया जा सकता है।
0मेन्स दृष्टिकोण
प्रश्न: वित्त वर्ष 2025-26 में भारत के प्रत्यक्ष कर संग्रह के रुझान और भारतीय रिज़र्व बैंक के मौद्रिक कदम समष्टि आर्थिक मज़बूती को कैसे दर्शाते हैं?
उत्तर (50 शब्द):
17 मार्च 2026 तक शुद्ध प्रत्यक्ष कर संग्रह 7.19 प्रतिशत बढ़कर 22.80 लाख करोड़ रुपये हुआ। रिज़र्व बैंक ने वास्तविक GDP वृद्धि का अनुमान संशोधित कर 7.3 प्रतिशत किया, मुद्रास्फीति का अनुमान घटाकर 2.0 प्रतिशत किया और नीतिगत दर 25 आधार अंक घटाकर 5.25 प्रतिशत की। बजट 2026-27 में पूंजीगत व्यय का रिकॉर्ड लक्ष्य 12.2 लाख करोड़ रुपये रखा गया।
6-अक्ष वर्गीकरण
कवरेजराष्ट्रीयविषयआर्थिकपरीक्षाबेसिक कंप्यूटर इंस्ट्रक्टर · CET स्नातक · CET सीनियर सेकेंडरी · EO/RO · LDC · महिला पर्यवेक्षक · पटवार · PTI · RAS · REET · RPSC SI · स्कूल व्याख्याता · सीनियर कंप्यूटर इंस्ट्रक्टर · वरिष्ठ अध्यापक · UPSC · वनपाल · दोनोंस्रोतबिज़नेस स्टैंडर्ड
अभ्यास प्रश्न MCQ
हल करेंनीचे विकल्प चुनें। सही या गलत संकेत तुरंत दिखेगा।
जुड़ा प्रश्नमध्यम
लेख में वित्त वर्ष 2026 के लिए आरबीआई का संशोधित वास्तविक जीडीपी वृद्धि पूर्वानुमान कितना बताया गया है?
व्याख्या · सही उत्तर Aभारतीय रिज़र्व बैंक ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए वास्तविक जीडीपी वृद्धि 6.5% रहने का अनुमान लगाया, जिसमें पहली तिमाही 6.5%, दूसरी तिमाही 6.7%, तीसरी तिमाही 6.6% और चौथी तिमाही 6.3% रखी गई।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
वित्त वर्ष 2025-26 में भारत का शुद्ध प्रत्यक्ष कर संग्रह कितना रहा?
17 मार्च 2026 तक भारत का शुद्ध प्रत्यक्ष कर संग्रह 7.19% बढ़कर ₹22.80 लाख करोड़ हो गया। इस वृद्धि में कॉर्पोरेट और गैर-कॉर्पोरेट करों की अधिक वसूली का योगदान रहा।
केंद्रीय बजट 2026-27 में सार्वजनिक पूंजीगत व्यय का लक्ष्य क्या रखा गया?
केंद्रीय बजट 2026-27 में सार्वजनिक पूंजीगत व्यय का लक्ष्य ₹12.2 लाख करोड़ रखा गया। इसे अब तक का सबसे बड़ा लक्ष्य बताया गया है, इसलिए यह राजकोषीय नीति और सार्वजनिक निवेश के अध्ययन में महत्वपूर्ण है।
RBI ने वित्त वर्ष 2026 के लिए वृद्धि और मुद्रास्फीति से जुड़े कौन-से अनुमान दिए?
RBI ने वित्त वर्ष 2026 के लिए वास्तविक GDP वृद्धि का अनुमान संशोधित कर 7.3% किया और उपभोक्ता मूल्य मुद्रास्फीति का अनुमान घटाकर 2.0% किया। साथ ही नीतिगत दर 25 आधार अंक घटाकर 5.25% की गई।
इस जानकारी की परीक्षा की दृष्टि से क्या उपयोगिता है?
यह प्रत्यक्ष कर, बजट, पूंजीगत व्यय, RBI की नीति, GDP वृद्धि और विदेशी मुद्रा भंडार को एक साथ समझने में मदद करता है। प्रारंभिक परीक्षा में इन आँकड़ों पर प्रश्न आ सकते हैं, जबकि मुख्य परीक्षा के उत्तरों में राजकोषीय-मौद्रिक नीति का विश्लेषण किया जा सकता है।