अक्टूबर 2025 में भारत ने एक बड़े सार्वजनिक स्वास्थ्य संकट का सामना किया, जब मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा और बैतूल जिलों में डायथाइलीन ग्लाइकॉल (DEG) से दूषित कफ सिरप पीने से छह साल से कम उम्र के कम से कम 23 बच्चों की गुर्दों को गंभीर क्षति पहुंचने से मृत्यु हो गई। कोल्ड्रिफ नामक यह सिरप तमिलनाडु की श्रीसन फार्मास्यूटिकल्स द्वारा बनाया गया था और इसमें लगभग 48.6% DEG था। WHO ने 13 अक्टूबर को कोल्ड्रिफ और दो अन्य सिरपों में दूषण की पुष्टि करते हुए मेडिकल प्रोडक्ट अलर्ट जारी किया। तमिलनाडु के औषधि नियंत्रण विभाग ने श्रीसन फार्मा के सभी निर्माण लाइसेंस रद्द कर दिए और कंपनी के मालिक को गिरफ्तार किया गया।
दूषित कफ सिरप संकट: मध्य प्रदेश में 23 बच्चों की मौत
श्रीसन फार्मा (तमिलनाडु) द्वारा निर्मित DEG-दूषित कोल्ड्रिफ कफ सिरप से मध्य प्रदेश में कम से कम 23 बच्चों की मृत्यु; WHO ने अलर्ट जारी किया, निर्माता गिरफ्तार।
मुख्य तथ्य
- मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा और बैतूल जिलों में डायइथिलीन ग्लाइकोल (DEG) से दूषित खाँसी की दवा पीने से कम से कम 23 बच्चों की तीव्र किडनी क्षति से मृत्यु हुई
- Sreasan Pharmaceuticals (Tamil Nadu) की Coldrif सिरप में लगभग 48.6% DEG था, जो अनुमत सीमा से बहुत अधिक है
- WHO ने 13 अक्टूबर को Coldrif और दो अन्य सिरपों (Respifresh TR और ReLife) में दूषण की पुष्टि करते हुए Medical Product Alert जारी किया
- Tamil Nadu के औषधि नियंत्रण विभाग ने Sreasan Pharma के सभी विनिर्माण लाइसेंस रद्द किए; कंपनी मालिक गिरफ्तार
- Coldrif पर राष्ट्रव्यापी प्रतिबंध लगाया गया
मेन्स दृष्टिकोण
प्रश्न: मध्य प्रदेश कोल्डरिफ कफ-सिरप त्रासदी से सामने आए नियामक, जन-स्वास्थ्य और जवाबदेही से जुड़े मुद्दों का परीक्षण कीजिए तथा भारत में औषधि-गुणवत्ता शासन के लिए सुधार सुझाइए।
उत्तर (50 शब्द):
अक्टूबर 2025 में छह वर्ष से कम आयु के 23 बच्चे छिंदवाड़ा-बेतुल में मरे। कारण था तमिलनाडु की सरेसन फार्मास्यूटिकल्स द्वारा निर्मित 48.6% डायइथिलीन ग्लाइकॉल वाला कोल्डरिफ कफ सिरप। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने 13 अक्टूबर को दो अन्य सिरपों सहित चिकित्सा उत्पाद चेतावनी जारी की। लाइसेंस रद्द हुए, मालिक गिरफ्तार हुआ और राज्य प्राधिकरणों ने उत्पाद वापस मंगाने शुरू किए।
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अक्टूबर 2025 के दूषित कफ सिरप संकट में, सिरप 'कोल्ड्रिफ' में कौन-सा रासायनिक दूषक पाया गया, जिससे बच्चों में तीव्र गुर्दा क्षति हुई?
कफ सिरप 'कोल्ड्रिफ' लगभग 48.6% डाइथिलीन ग्लाइकॉल (DEG) से दूषित था, जो अनुमत सीमा से बहुत अधिक था, जिससे मध्य प्रदेश में कम से कम 23 बच्चों में तीव्र गुर्दा क्षति और मृत्यु हुई। WHO ने दूषण की पुष्टि करते हुए एक चिकित्सा उत्पाद चेतावनी जारी की।
स्रोत: CNN
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
मध्य प्रदेश में दूषित कफ सिरप से कितने बच्चों की मौत हुई?
मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा और बैतूल जिलों में **डाइएथिलीन ग्लाइकॉल (DEG) से दूषित** कफ सिरप पीने से **कम से कम 23 बच्चों की मृत्यु** हो गई। ये सभी बच्चे छह वर्ष से कम आयु के थे और उनकी मौत गुर्दे को अचानक गंभीर क्षति पहुंचने से हुई।
कोल्ड्रिफ कफ सिरप किस कंपनी ने बनाया था?
कोल्ड्रिफ कफ सिरप का निर्माण तमिलनाडु स्थित **श्रेयसन फार्मास्यूटिकल्स** ने किया था। इस सिरप में **48.6% डाइएथिलीन ग्लाइकॉल (DEG)** पाया गया जो अनुमेय सीमा से कहीं अधिक था।
WHO ने मध्य प्रदेश के दूषित कफ सिरप मामले में क्या कार्रवाई की?
विश्व स्वास्थ्य संगठन (**WHO**) ने **13 अक्टूबर 2025 को मेडिकल प्रोडक्ट अलर्ट** जारी किया और कोल्ड्रिफ सिरप में DEG संदूषण की पुष्टि की। इसके बाद भारत सरकार ने दवा वापस मंगाई और **CDSCO** ने जांच शुरू की।
डाइएथिलीन ग्लाइकॉल (DEG) से क्या नुकसान होता है?
**डाइएथिलीन ग्लाइकॉल (DEG)** एक औद्योगिक विलायक है। यह दवाओं में मिल जाए तो **तीव्र गुर्दा विफलता** का कारण बन सकता है। मध्य प्रदेश में इसी कारण 23 बच्चों की मृत्यु हुई।
मध्य प्रदेश कफ सिरप त्रासदी ने भारत की दवा नियामक प्रणाली की किन खामियों को सामने लाया?
इस त्रासदी से **CDSCO की निगरानी में कमजोरी** और **गुड मैन्युफैक्चरिंग प्रैक्टिस (GMP)** के अपर्याप्त अनुपालन की समस्या सामने आई। दवाओं को बाजार में लाने से पहले परीक्षण और बाजार में आने के बाद निगरानी की कमी भारत की फार्मा नियामक प्रणाली की बड़ी चुनौती के रूप में दिखी।
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