प्रकाशित: 21 मार्च 2026समाचार स्रोतशासन
राष्ट्रीय दंत आयोग ने भारतीय दंत परिषद की जगह ली; NDC अधिनियम 19 मार्च 2026 से प्रभावी
भारत सरकार ने 19 मार्च 2026 को राष्ट्रीय दंत आयोग (NDC) का औपचारिक गठन किया। यह 1948 के दंत चिकित्सक अधिनियम के तहत दंत चिकित्सा विनियमन करने वाली संस्था दंत परिषद भारत (DCI) की जगह लेता है। NDC अधिनियम 19 मार्च 2026 से प्रभावी हुआ; इसके साथ 78 वर्ष पुराना दंत चिकित्सक अधिनियम 1948 निरस्त हुआ और DCI भंग कर दी गई।
डॉ. संजय तेवारी को NDC का अध्यक्ष और डॉ. मौसुमी गोस्वामी को अंशकालिक सदस्य नियुक्त किया गया। NDC तीन विशेष स्वायत्त बोर्डों से काम करता है: (1) स्नातक और स्नातकोत्तर दंत शिक्षा बोर्ड — पाठ्यक्रम और शैक्षिक मानक; (2) दंत मूल्यांकन और रेटिंग बोर्ड — संस्थागत मान्यता और प्रदर्शन मूल्यांकन; और (3) आचार और दंत पंजीकरण बोर्ड — व्यावसायिक आचार और राष्ट्रीय दंत चिकित्सक रजिस्ट्री।
इस सुधार से दंत विनियमन की व्यवस्था निर्वाचित निकाय से नियुक्त विशेषज्ञ निकाय की ओर गई, जिससे पारदर्शिता बढ़ी। राजस्थान में जयपुर और जोधपुर समेत कई निजी दंत महाविद्यालय हैं, इसलिए NDC के शुल्क विनियमन और मान्यता मानदंड दंत शिक्षा की गुणवत्ता और सुलभता पर सीधा प्रभाव डालेंगे।
0मेन्स दृष्टिकोण
प्रश्न: दंत शिक्षा की पारदर्शिता, गुणवत्ता आश्वासन एवं पहुंच के लिए राष्ट्रीय दंत आयोग अधिनियम, 2023 के तहत निर्वाचित भारतीय दंत परिषद से नामित राष्ट्रीय दंत आयोग तक हुए बदलाव का आलोचनात्मक विश्लेषण कीजिए।
उत्तर (50 शब्द):
19 मार्च 2026 से प्रभावी राष्ट्रीय दंत आयोग अधिनियम ने 78-वर्षीय दंत चिकित्सक अधिनियम 1948 को निरस्त कर निर्वाचित भारतीय दंत परिषद की जगह ली। डॉ. संजय तिवारी तीन बोर्डों — शिक्षा, रेटिंग, आचार — की अध्यक्षता करते हैं। 315 से अधिक कॉलेज और 25,000 वार्षिक स्नातकों पर यह नियमन पारदर्शिता तथा निजी शुल्क जवाबदेही सुधारता है।
6-अक्ष वर्गीकरण
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19 मार्च 2026 को गठित राष्ट्रीय दंत आयोग (NDC) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार करें:
1. NDC ने 1948 के दंत चिकित्सक अधिनियम को निरस्त कर भारतीय दंत परिषद को प्रतिस्थापित किया।
2. डॉ. संजय तेवारी को NDC का पहला अध्यक्ष नियुक्त किया गया।
3. NDC चार विशेष स्वायत्त बोर्डों के ज़रिए कार्य करता है।
4. प्रशासनिक ढांचा निर्वाचित निकाय से नियुक्त पेशेवर निकाय में बदल गया।
ऊपर दिए गए कथनों में से कौन से सही हैं?
व्याख्या · सही उत्तर Aकथन 1, 2 और 4 सही हैं। एनडीसी अधिनियम 19 मार्च 2026 को लागू हुआ। इसने दंत चिकित्सक अधिनियम, 1948 को निरस्त किया और भारतीय दंत परिषद, यानी डीसीआई, को भंग कर दिया। डॉ. संजय तेवारी अध्यक्ष नियुक्त हुए, जबकि डॉ. मौसुमी गोस्वामी अंशकालिक सदस्य बनीं। नया मॉडल निर्वाचित नहीं, बल्कि नियुक्त निकाय पर आधारित है। कथन 3 गलत है। एनडीसी चार नहीं, तीन विशेष स्वायत्त बोर्डों के ज़रिए काम करता है: पहला, स्नातक और स्नातकोत्तर दंत शिक्षा बोर्ड; दूसरा, दंत मूल्यांकन और रेटिंग बोर्ड; और तीसरा, आचार तथा दंत पंजीकरण बोर्ड।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
भारतीय दंत परिषद की जगह किस निकाय ने ली और इसे किस अधिनियम के तहत गठित किया गया?
राष्ट्रीय दंत आयोग (NDC) ने भारतीय दंत परिषद (DCI) की जगह ली। इसे 19 मार्च 2026 को राष्ट्रीय दंत आयोग अधिनियम 2023 के तहत गठित किया गया, जिसने दंत चिकित्सक अधिनियम 1948 को भी निरस्त किया।
राष्ट्रीय दंत आयोग के तहत कितने स्वायत्त बोर्ड बनाए गए और उनके क्या नाम हैं?
NDC के तहत तीन स्वायत्त बोर्ड बनाए गए: स्नातक दंत शिक्षा बोर्ड, स्नातकोत्तर दंत शिक्षा बोर्ड और दंत मूल्यांकन एवं रेटिंग बोर्ड।
राष्ट्रीय दंत आयोग के प्रथम अध्यक्ष के रूप में किसे नियुक्त किया गया?
डॉ. संजय तेवारी को राष्ट्रीय दंत आयोग (NDC) का प्रथम अध्यक्ष नियुक्त किया गया।
शासन संरचना के लिहाज से NDC सुधार का क्या महत्व है?
NDC सुधार के तहत दंत विनियमन निर्वाचित निकाय से हटकर नियुक्त व्यावसायिक निकाय के हाथ में आया, जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ी। इसकी संरचना एलोपैथिक चिकित्सा के लिए बने राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) जैसी है।
राष्ट्रीय दंत आयोग अधिनियम 2023 ने किस केंद्रीय कानून को निरस्त किया?
राष्ट्रीय दंत आयोग अधिनियम 2023 ने दंत चिकित्सक अधिनियम 1948 को निरस्त किया, जो 75 से अधिक वर्षों तक भारत में दंत शिक्षा और दंत चिकित्सा के अभ्यास को नियंत्रित करने वाला मुख्य कानून था।