राजस्थान विधान सभा का बजट सत्र 2026, जो 24 बैठकों में संपन्न हुआ, 10 महत्त्वपूर्ण विधेयकों के पारित होने के साथ समाप्त हुआ। यह सत्र फरवरी के अंत से 23 मार्च 2026 तक चला और इसमें स्वास्थ्य अवसंरचना, श्रम अधिकारों तथा स्थानीय शासन जैसे नीतिगत क्षेत्रों से जुड़े मुद्दे शामिल रहे।

सबसे महत्त्वपूर्ण विधेयक राजस्थान इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (RIMS) विधेयक 2026 था, जिसके तहत राजीव गांधी स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय (RUHS) को AIIMS के समकक्ष संस्थान के रूप में उन्नत किया जाएगा। RIMS एक स्वायत्त निकाय के रूप में कार्य करेगा, जिसमें विस्तारित अनुसंधान, शिक्षण और सुपर-स्पेशलिटी क्लिनिकल क्षमताएँ होंगी। इससे राजस्थान में उन्नत चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की कमी दूर होगी।

राजस्थान कारखाना (संशोधन) विधेयक 2026 ने पंजीकृत कारखानों में महिलाओं को 12 घंटे तक रात्रि पाली (शाम 6 बजे से सुबह 6 बजे) में काम करने की अनुमति दी। संशोधन में अनिवार्य सुरक्षा प्रावधान शामिल हैं — नियोक्ता द्वारा उपलब्ध परिवहन, रात्रि घंटों में महिला पर्यवेक्षक और CCTV निगरानी। इससे राजस्थान तमिलनाडु और गुजरात जैसे राज्यों की कतार में शामिल हो गया।

पंचायती राज (संशोधन) विधेयक 2026 ने दो बच्चों का नियम समाप्त किया, जिसके कारण पहले दो से अधिक बच्चों वाले उम्मीदवार पंचायत चुनाव नहीं लड़ सकते थे। यह बदलाव उन समुदायों और महिलाओं के लिए एक महत्त्वपूर्ण राहत मानी जा रही है जिन पर यह नियम असमान रूप से प्रभाव डालता था।

पारित अन्य विधेयकों में राजस्थान सार्वजनिक स्वास्थ्य अधिनियम, राज्य सहकारी समितियाँ अधिनियम और राजस्थान कृषि उपज मंडी अधिनियम में संशोधन शामिल हैं। सत्र में राज्य बजट, मनरेगा क्रियान्वयन और किसान ऋण माफी पर भी बहसें हुईं।