अक्टूबर 2025 में प्रकाशित एक नीति विश्लेषण से पता चला कि भारत के शहरी स्थानीय निकाय (ULB) — जो मिलकर राष्ट्रीय GDP में लगभग दो-तिहाई योगदान देते हैं — कुल कर राजस्व के 1% से कम पर नियंत्रण रखते हैं। GST लागू होने के बाद करों के अत्यधिक केंद्रीकरण से नगरपालिका वित्त काफी कमजोर हुआ है। भारतीय शहर नागरिक सेवाओं पर प्रति वर्ष औसतन $55 प्रति व्यक्ति खर्च करते हैं, जबकि चीन में $3,000 और ब्राजील में $600 है। 74वें संविधान संशोधन में ULBs को कार्यों, वित्त और कर्मियों के हस्तांतरण का निर्देश दिया गया था; परन्तु राज्यों में इसका कार्यान्वयन समान नहीं है। राजस्थान के लिए इसका सीधा प्रभाव जयपुर, जोधपुर, कोटा एवं अजमेर सहित 10 नगर निगमों पर पड़ता है।
शहरी वित्तीय संकट: भारतीय नगर पालिकाओं के नियंत्रण में कुल कर राजस्व का 1% से भी कम हिस्सा
अक्टूबर 2025 में प्रकाशित एक नीति विश्लेषण से पता चला कि भारत के शहरी स्थानीय निकाय (ULB) — जो सामूहिक रूप से राष्ट्रीय GDP में लगभग दो-तिहाई योगदान देते हैं — कुल कर राजस्व के 1% से कम पर नियंत्रण रखते हैं। GST लागू होने के बाद करों के अत्यधिक केंद्रीकरण ने नगरपालिका वित्त को काफी कमजोर किया है। भारतीय शहर नागरिक सेवाओं पर प्रति वर्ष औसतन $55 प्रति व्यक्ति खर्च करते हैं, जबकि चीन में $3,000 और ब्राजील में $600 है। 74वें संविधान संशोधन में ULBs को कार्यों, वित्त और कर्मियों के हस्तांतरण का प्रावधान किया गया था; परन्तु राज्यों में इसका कार्यान्वयन एक जैसा नहीं है। राजस्थान के लिए इसका सीधा प्रभाव जयपुर, जोधपुर, कोटा एवं अजमेर सहित 10 नगर निगमों पर पड़ता है।
मुख्य तथ्य
- भारतीय शहरी स्थानीय निकाय GDP में लगभग दो-तिहाई योगदान देते हैं, पर कर राजस्व के 1% से कम पर नियंत्रण रखते हैं।
- GST के केंद्रीकरण से भारतीय शहरों की नगरपालिका वित्त व्यवस्था काफी कमजोर हुई है।
- भारतीय शहर नागरिक सेवाओं पर औसतन $55 प्रति व्यक्ति खर्च करते हैं, जबकि चीन में यह खर्च $3,000 है।
- 74वें संविधान संशोधन ने ULBs को कार्यों, वित्त और कर्मियों का हस्तांतरण अनिवार्य किया था।
- 74वें संशोधन का कार्यान्वयन भारतीय राज्यों में एक समान नहीं रहा है।
- राजस्थान में जयपुर, जोधपुर, कोटा और अजमेर सहित 10 नगर निगम सीधे प्रभावित हैं।
6-अक्ष वर्गीकरण
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कौन-सा संवैधानिक संशोधन शहरी स्थानीय निकायों को कार्य, वित्त और कार्मिक हस्तांतरित करने का प्रावधान करता है?
74वाँ संविधान संशोधन यूएलबी को कार्य, वित्त और कार्मिक सौंपने का प्रावधान करता है, हालाँकि राज्यों में इसका क्रियान्वयन एकसमान नहीं रहा है।
स्रोत: समाचार स्रोत
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
GDP में योगदान के बावजूद शहरी स्थानीय निकाय (ULB) कुल कर राजस्व का कितना प्रतिशत नियंत्रित करते हैं?
भारत के शहरी स्थानीय निकाय (ULB) मिलकर राष्ट्रीय GDP में लगभग दो-तिहाई योगदान देते हैं, लेकिन कुल कर राजस्व का 1% से भी कम नियंत्रित करते हैं। अक्टूबर 2025 के नीति विश्लेषणों में इस गंभीर वित्तीय असंतुलन को रेखांकित किया गया है।
नागरिक सेवाओं पर प्रति व्यक्ति खर्च में भारत की तुलना चीन और ब्राजील से कैसी है?
भारतीय शहर नागरिक सेवाओं पर प्रति वर्ष औसतन केवल $55 प्रति व्यक्ति खर्च करते हैं। यह चीन ($3,000 प्रति व्यक्ति) और ब्राजील ($600 प्रति व्यक्ति) की तुलना में बहुत कम है, जिससे भारत में शहरी स्थानीय निकायों के पास धन की गंभीर कमी दिखती है।
74वाँ संविधान संशोधन शहरी स्थानीय निकायों के संबंध में क्या अनिवार्य करता है?
74वें संविधान संशोधन ने शहरी स्थानीय निकायों (ULB) को तीन प्रमुख तत्व सौंपने का प्रावधान किया: कार्य (12वीं अनुसूची में सूचीबद्ध 18 विषय), वित्त (स्वयं के कर राजस्व और अनुदान), और कर्मी (स्टाफ और प्रशासनिक शक्तियां)। हालांकि, भारतीय राज्यों में इसका कार्यान्वयन एकसमान नहीं रहा है।
GST लागू होने से भारत में नगरपालिका वित्त पर क्या प्रभाव पड़ा?
GST (वस्तु एवं सेवा कर) लागू होने से केंद्र और राज्य स्तर पर कर राजस्व का अत्यधिक केंद्रीकरण हुआ, जिससे नगरपालिका वित्त काफी कमजोर हुआ। नगरपालिकाएं जिन स्थानीय करों को पहले वसूलती थीं, वे GST में शामिल हो गए, इसलिए ULBs की वित्तीय स्वायत्तता कम हो गई।
शहरी वित्तीय संकट से राजस्थान के कौन से नगर निगम सीधे प्रभावित हैं?
राजस्थान के 10 नगर निगम शहरी वित्तीय संकट से सीधे प्रभावित हैं, जिनमें जयपुर, जोधपुर, कोटा और अजमेर के नगर निगम शामिल हैं। राज्य सरकार से कर राजस्व का पर्याप्त हस्तांतरण न होने के कारण इन शहरों को नागरिक सेवाओं के वित्तपोषण में कठिनाई होती है।
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