राजस्थान में स्थानीय निकाय चुनावों से जुड़ी संवैधानिक व्यवस्था के लिए 17 सितंबर 2025 की नियुक्ति महत्वपूर्ण है। राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी डॉ. राजेश्वर सिंह को राजस्थान का नया मुख्य राज्य निर्वाचन आयुक्त नियुक्त किया। वे मधुकर गुप्ता के उत्तराधिकारी हैं। डॉ. सिंह जुलाई 2024 में राजस्व बोर्ड के अध्यक्ष पद से सेवानिवृत्त हुए थे और उनके पास 35 वर्ष की प्रशासनिक सेवा का अनुभव रहा है। उनका कार्यकाल पाँच वर्ष या 65 वर्ष की आयु तक, जो भी पहले हो, माना गया है।

राज्य निर्वाचन आयोग का महत्व इसलिए है क्योंकि पंचायत और नगरपालिका चुनावों की चुनावी व्यवस्था राज्य स्तर पर इसी संस्था से जुड़ी है। संविधान का अनुच्छेद 243-K पंचायतों के चुनाव के लिए मतदाता सूचियों की तैयारी और चुनावों के अधीक्षण, निदेशन और नियंत्रण को राज्य निर्वाचन आयोग में निहित करता है। नगरपालिकाओं के लिए अनुच्छेद 243-ZA यही भूमिका अनुच्छेद 243-K में बताए गए राज्य निर्वाचन आयोग को देता है। इसलिए यह पद केवल प्रशासनिक नियुक्ति नहीं, बल्कि स्थानीय स्वशासन की निष्पक्षता और नियमितता से जुड़ा संवैधानिक पद है।

परीक्षा में इस नियुक्ति को राज्य स्तर पर स्थानीय चुनाव कराने वाली स्वतंत्र संवैधानिक संस्था और पंचायत-नगरपालिका चुनावों के नियंत्रण से जोड़कर पढ़ना चाहिए। RAS और UPSC प्रारंभिक परीक्षा में नियुक्त व्यक्ति, नियुक्ति की तारीख, पूर्ववर्ती आयुक्त, कार्यकाल और संबंधित अनुच्छेद सीधे पूछे जा सकते हैं। मुख्य परीक्षा में यह नियुक्ति स्थानीय स्वशासन, स्वतंत्र संवैधानिक संस्थाओं और राज्य स्तर पर चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता पर छोटे नोट या विश्लेषणात्मक उत्तर के लिए उपयोगी है। स्टैटिक जीके में राज्य निर्वाचन आयोग को भारत निर्वाचन आयोग से अलग समझना जरूरी है: भारत निर्वाचन आयोग संसद, राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और विधानमंडल चुनावों से जुड़ा है, जबकि राज्य निर्वाचन आयोग पंचायतों और नगरपालिकाओं के चुनावों से जुड़ा है।