राजस्थान में 22 सितंबर 2025 की समसामयिकी के लिए प्रमुख तथ्य यह है कि राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े ने राजेश्वर सिंह को राजस्थान का नया मुख्य राज्य निर्वाचन आयुक्त नियुक्त किया। उन्होंने मधुकर गुप्ता का स्थान लिया। राजेश्वर सिंह भारतीय प्रशासनिक सेवा के सेवानिवृत्त अधिकारी हैं और उनके पास 35 वर्ष का प्रशासनिक अनुभव है। इसलिए यह नियुक्ति राजस्थान की स्थानीय स्वशासन व्यवस्था, चुनावी प्रशासन और संवैधानिक संस्थाओं से जुड़ी परीक्षा-उपयोगी सूचना है।
राज्य निर्वाचन आयोग का संबंध पंचायतों और नगर निकायों के चुनावों से है। राजस्थान राज्य निर्वाचन आयोग की आधिकारिक जानकारी के अनुसार यह आयोग जुलाई 1994 में संविधान के अनुच्छेद 243K के तहत गठित हुआ। यह एकल-सदस्यीय आयोग है, जिसकी अगुवाई राज्य निर्वाचन आयुक्त करते हैं। आयोग मतदाता सूचियां तैयार करने और पंचायती राज संस्थाओं तथा नगर निकायों के चुनाव कराने का संवैधानिक दायित्व निभाता है। नगर निकायों के चुनावों के संदर्भ में अनुच्छेद 243ZA भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह नगरपालिकाओं की मतदाता सूचियों और चुनावों की निगरानी, दिशा-निर्देशन और नियंत्रण को राज्य निर्वाचन आयोग से जोड़ता है।
परीक्षा की दृष्टि से इस नियुक्ति को राजस्थान शासन, पंचायती राज, नगर निकाय और संवैधानिक निकायों के साथ जोड़कर पढ़ना चाहिए। RAS और UPSC जैसे पेपरों में सीधे तथ्य पूछे जा सकते हैं: किसे नियुक्त किया गया, किसने नियुक्त किया, किसका स्थान लिया और राज्य निर्वाचन आयोग का मुख्य काम क्या है। स्टैटिक जीके में इसे अनुच्छेद 243K, अनुच्छेद 243ZA, मतदाता सूची, पंचायत चुनाव और नगर निकाय चुनाव से जोड़ना उपयोगी है। मुख्य परीक्षा में यह विषय स्थानीय लोकतंत्र, स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव, तथा राज्य स्तर पर संवैधानिक संस्थाओं की भूमिका पर छोटे उत्तर या विश्लेषणात्मक बिंदु के रूप में काम आ सकता है।
