5 मार्च 2026 की देर रात राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने नौ राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में राज्यपालों और उपराज्यपालों के स्थानांतरण और नियुक्ति को मंजूरी दी — यह उनके कार्यकाल में सबसे बड़े राज्यपाल फेरबदलों में से एक है। प्रमुख नियुक्तियां इस प्रकार हैं:

जिष्णु देव वर्मा (तेलंगाना के पूर्व राज्यपाल) को महाराष्ट्र का राज्यपाल नियुक्त किया गया। शिव प्रताप शुक्ल (हिमाचल प्रदेश के पूर्व राज्यपाल) को तेलंगाना स्थानांतरित किया गया। कविंदर गुप्ता (लद्दाख के पूर्व उपराज्यपाल) को हिमाचल प्रदेश का राज्यपाल नियुक्त किया गया। नंद किशोर यादव (बिहार विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष) को नागालैंड का राज्यपाल नियुक्त किया गया। सैयद अता हसनैन (भारतीय सेना के पूर्व लेफ्टिनेंट जनरल) को बिहार का राज्यपाल नियुक्त किया गया। तरनजीत सिंह संधू (पूर्व राजनयिक और अमेरिका में भारतीय राजदूत) को दिल्ली का उपराज्यपाल नियुक्त किया गया।

संविधान के अनुच्छेद 153 के तहत राज्यपाल राज्य का संवैधानिक प्रमुख होता है, जिसे अनुच्छेद 155 के तहत राष्ट्रपति नियुक्त करते हैं। राज्यपाल केंद्र सरकार के एजेंट के रूप में कार्य करता है और राज्य प्रशासन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।