भारत 2026 में BRICS की अध्यक्षता कर रहा है और इस भूमिका का उपयोग करके खुद को ग्लोबल साउथ के एक नेता के रूप में प्रस्तुत कर रहा है। भारत की मेज़बानी में होने वाला आगामी BRICS शिखर सम्मेलन भू-राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है।

प्रमुख कूटनीतिक घटनाक्रम

  • चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग BRICS शिखर सम्मेलन के लिए भारत आ सकते हैं — यह उनकी कई वर्षों बाद पहली भारत यात्रा होगी
  • अगर क्वाड शिखर सम्मेलन भी उसी समय हुआ, तो अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप भी आ सकते हैं
  • कनाडाई प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने हिंद-प्रशांत दौरे के तहत भारत का दौरा किया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। तनावपूर्ण संबंधों के बाद यह नए कूटनीतिक जुड़ाव का संकेत है

अमेरिका-भारत व्यापार तनाव

  • अमेरिका ने 2025 में भारत पर 50% शुल्क लगाया, जिसके दो कारण बताए गए:
  • भारत द्वारा रियायती रूसी कच्चे तेल की खरीद जारी रखना
  • द्विपक्षीय व्यापार समझौते की वार्ता ठप पड़ना

भारत की बहु-संरेखण रणनीति

2026 में भारत की विदेश नीति रणनीतिक बहु-संरेखण पर आधारित है:

  • क्वाड के ज़रिए पश्चिमी देशों से संबंध गहरे करना
  • रूस और चीन सहित BRICS देशों से जुड़ाव बनाए रखना
  • फरवरी 2026 में आयोजित एआई इम्पैक्ट शिखर सम्मेलन में सक्रिय भागीदारी
  • खुद को ग्लोबल साउथ के एक नेता के रूप में स्थापित करना

महत्व

भारत की 2026 की BRICS अध्यक्षता प्रतिस्पर्धी भू-राजनीतिक हितों के बीच संतुलन बनाने का अवसर देती है। भारतीय धरती पर शी जिनपिंग और ट्रंप, दोनों के साथ संभावित संवाद भारत की बहु-संरेखण कूटनीति और वैश्विक मामलों में उसके बढ़ते प्रभाव को दर्शाएगा।