नीति आयोग ने 5 मई 2026 को आकांक्षी जिला और ब्लॉक कार्यक्रम के तहत वास्तविक समय में शासन को मजबूत करने, हितधारकों के बीच समन्वय सुधारने और अंतिम छोर तक सेवा पहुंच तेज करने के लिए केंद्रीय प्रभारी अधिकारी पोर्टल शुरू किया। पोर्टल को नीति आयोग की मुख्य कार्यकारी अधिकारी निधि छिब्बर ने आभासी कार्यक्रम में औपचारिक रूप से शुरू किया और इसे पारदर्शी तथा उत्तरदायी शासन व्यवस्था की दिशा में कदम बताया। यह प्लेटफ़ॉर्म क्षेत्र से आने वाली टिप्पणियों को तुरंत भेजने और उनकी स्थिति देखने की सुविधा देता है, ताकि जमीनी जानकारी सीधे नीतिगत कार्रवाई और प्रशासनिक हस्तक्षेप में काम आ सके। आकांक्षी जिला और ब्लॉक कार्यक्रम के अतिरिक्त सचिव और मिशन निदेशक रोहित कुमार ने डेटा-आधारित शासन और क्षेत्रीय स्तर की जानकारी उपलब्ध कराने में केंद्रीय प्रभारी अधिकारियों की भूमिका पर बल दिया। पोर्टल को ऐसा उन्नत डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म बनाया गया है, जो वास्तविक समय की टिप्पणियां दर्ज करता है, संचार को सुव्यवस्थित करता है और शासन के सभी स्तरों पर तेज प्रशासनिक प्रतिक्रिया में मदद करता है। मोबाइल पर ही केंद्रीय प्रभारी अधिकारी क्षेत्र से टिप्पणियां और सिफारिशें भेज सकते हैं। भेजने के बाद डेटा लाइव हो जाता है और जिले सुझाव देख सकते हैं, उपयुक्त कार्रवाई कर सकते हैं तथा अपने उत्तर जमा कर सकते हैं। राज्य योजना सचिवों को विभागों के बीच समन्वय और प्रतिक्रिया दर्ज करने के लिए समग्र दृष्टि मिलती है। साथ ही नीति आयोग, विषयगत मंत्रालयों और विभागों के अधिकारी इन इनपुटों की निगरानी कर सकते हैं। इसलिए पोर्टल क्षेत्रीय अवलोकन और प्रशासनिक कार्रवाई के बीच एकीकृत डिजिटल इंटरफेस के रूप में काम करता है। त्वरित दृश्यता, संरचित निगरानी और जवाबदेही की सुविधा देकर यह आकांक्षी जिलों और ब्लॉकों में क्रियान्वयन की कार्यकुशलता और उत्तरदायित्व सुधारने में मदद करेगा। नीति आयोग ने यह भी कहा कि हितधारकों के लिए समर्पित प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए जाएंगे।
नीति आयोग ने 5 मई 2026 को आकांक्षी जिलों और ब्लॉकों में रीयल-टाइम शासन तथा अंतिम छोर तक सेवा पहुंच मजबूत करने के लिए केंद्रीय प्रभारी अधिकारी पोर्टल शुरू किया
नीति आयोग ने 5 मई 2026 को आकांक्षी जिला और ब्लॉक कार्यक्रम के लिए केंद्रीय प्रभारी अधिकारी पोर्टल शुरू किया। इससे केंद्रीय प्रभारी अधिकारी वास्तविक समय में क्षेत्रीय टिप्पणियां और सिफारिशें दर्ज कर सकते हैं, जिलों को उत्तर देने की सुविधा मिलती है तथा राज्य योजना सचिव, नीति आयोग और विषयगत मंत्रालय क्रियान्वयन और जवाबदेही की निगरानी कर सकते हैं।
मुख्य तथ्य
- नीति आयोग ने 5 मई 2026 को केंद्रीय प्रभारी अधिकारी पोर्टल शुरू किया।
- पोर्टल आकांक्षी जिला और ब्लॉक कार्यक्रम के तहत वास्तविक समय शासन को सहारा देता है।
- इसे नीति आयोग की मुख्य कार्यकारी अधिकारी निधि छिब्बर ने आभासी कार्यक्रम में शुरू किया।
- केंद्रीय प्रभारी अधिकारी मोबाइल के माध्यम से क्षेत्रीय टिप्पणियां और सिफारिशें वास्तविक समय में जमा कर सकते हैं।
- डेटा लाइव होने के बाद जिले सुझाव देख सकते हैं, कार्रवाई कर सकते हैं और उत्तर जमा कर सकते हैं।
- राज्य योजना सचिव, नीति आयोग और विषयगत मंत्रालय इनपुटों का समन्वय और निगरानी कर सकते हैं।
- हितधारकों द्वारा प्रभावी उपयोग के लिए समर्पित प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए जाएंगे।
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5 मई 2026 को नीति आयोग द्वारा शुरू किए गए केंद्रीय प्रभारी अधिकारी पोर्टल का प्राथमिक कार्य क्या है?
पोर्टल केंद्रीय प्रभारी अधिकारियों को क्षेत्रीय टिप्पणियां और सिफारिशें वास्तविक समय में जमा करने देता है, जबकि जिले और उच्च स्तर ट्रैकिंग और प्रतिक्रिया करते हैं। अन्य विकल्प कराधान, भर्ती और संपत्ति अभिलेख से जुड़े हैं, जिनका लॉन्च विज्ञप्ति में वर्णन नहीं है।
स्रोत: समाचार स्रोत
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
नीति आयोग ने 5 मई 2026 को क्या शुरू किया?
उसने रीयल-टाइम शासन और अंतिम छोर तक सेवाओं की पहुँच के लिए केंद्रीय प्रभारी अधिकारी पोर्टल शुरू किया।
पोर्टल किस कार्यक्रम से जुड़ा है?
यह आकांक्षी जिला और ब्लॉक कार्यक्रम से जुड़ा है।
केंद्रीय प्रभारी अधिकारी पोर्टल का उपयोग कैसे करते हैं?
वे मोबाइल से मैदानी टिप्पणियां और सिफारिशें वास्तविक समय में जमा करते हैं।
डेटा लाइव होने के बाद क्या होता है?
जिले सुझाव देख सकते हैं, कार्रवाई कर सकते हैं और उत्तर जमा कर सकते हैं।
जिलों के अलावा इनपुट की निगरानी कौन कर सकता है?
राज्य योजना सचिव, नीति आयोग के अधिकारी तथा विषयगत मंत्रालय और विभाग इनपुट की निगरानी कर सकते हैं।
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