प्रकाशित: 25 अक्टूबर 2025टॉपिक
गृह मंत्रालय ने बोडो समुदाय के बाथौ धर्म के लिए अलग जनगणना कोड मंजूर किया
गृह मंत्रालय (MHA) ने बोडो समुदाय के पारंपरिक बाथौ धर्म के लिए अलग जनगणना कोड बनाने की मंजूरी दी, जिससे अगली जनगणना में बाथौ आस्था को 'अन्य धर्म' में शामिल करने के बजाय अलग दर्ज किया जाएगा।
बोडो असम का सबसे बड़ा आदिवासी समूह है और बाथौ उनका स्वदेशी धर्म है, जो बाथौ ब्वराई (सर्वोच्च देवता) की पूजा पर केंद्रित है। यह निर्णय बोडो समुदाय की लंबे समय की मांग पूरी करता है और जनवरी 2020 में केंद्र, असम सरकार और बोडो संगठनों के बीच हस्ताक्षरित बोडो शांति समझौते का हिस्सा था। भारत की जनगणना वर्तमान में छह धर्मों — हिंदू, इस्लाम, ईसाई, सिख, बौद्ध और जैन — को एक अवशिष्ट श्रेणी के साथ मान्यता देती है।
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जनगणना 2027 नागरिकों को पहली बार कौन सी डिजिटल सुविधा देगी?
व्याख्या · सही उत्तर Bजनगणना 2027 भारत की पहली डिजिटल जनगणना है। इसमें पहली बार नागरिक आधिकारिक स्व-गणना पोर्टल के जरिए अपनी जानकारी ऑनलाइन भर सकते हैं, जबकि गणनाकर्मी फील्ड डेटा के लिए मोबाइल ऐप का उपयोग करेंगे।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
बाथु धर्म क्या है और इसे कौन सा समुदाय मानता है?
**बाथु** (बाथौ) **बोडो समुदाय** का स्वदेशी धर्म है, जो असम का सबसे बड़ा जनजातीय समूह है। यह धर्म **बाथौ ब्वराई** (सर्वोच्च देवता) की पूजा पर केंद्रित है। MHA ने इसे अलग जनगणना कोड दिया ताकि इसे अलग से दर्ज किया जा सके।
MHA ने बाथु धर्म के लिए अलग जनगणना कोड क्यों मंजूर किया?
**गृह मंत्रालय (MHA)** ने बाथु धर्म के लिए अलग जनगणना कोड **जनवरी 2020 में हस्ताक्षरित बोडो शांति समझौते** की एक प्रमुख शर्त पूरी करने के लिए मंजूर किया। पहले बाथु धर्म को अवशिष्ट श्रेणी में रखा जाता था।
बोडो शांति समझौता 2020 और बाथु जनगणना कोड का क्या संबंध है?
**बोडो शांति समझौते** पर केंद्र, असम सरकार और बोडो संगठनों के बीच **जनवरी 2020** में हस्ताक्षर हुए। इसकी एक शर्त **बाथु धर्म** को अलग जनगणना कोड देना था, जिसे MHA ने पूरा किया।
भारत की जनगणना आधिकारिक तौर पर कितने धर्मों को मान्यता देती है?
भारत की जनगणना वर्तमान में **छह धर्मों** — **हिंदू, इस्लाम, ईसाई, सिख, बौद्ध और जैन** — और एक अवशिष्ट श्रेणी को मान्यता देती है। बाथु (बोडो) धर्म के लिए अलग कोड एक महत्वपूर्ण कदम है।
बोडो लोग कौन हैं और असम में उनका क्या महत्व है?
**बोडो लोग** पूर्वोत्तर भारत में **असम का सबसे बड़ा जनजातीय समूह** हैं। वे **बाथु (बाथौ) धर्म** मानते हैं, जिसमें बाथौ ब्वराई की पूजा प्रमुख है। MHA ने 2020 के बोडो शांति समझौते के तहत इन्हें अलग जनगणना कोड दिया।