भारतीय सेना ने जयपुर सेना दिवस परेड में भैरव बटालियन स्थापित की
Aसीधा उत्तर
सेना ने भैरव फोर्स ड्रोन युद्ध इकाई स्थापित की; जयपुर सेना दिवस परेड में पहली बार प्रदर्शन; 850 कामिकेज़ ड्रोन की योजना।
मुख्य तथ्य
भारतीय सेना ने आधुनिक युद्ध अभियानों में विशेषज्ञता के लिए 'भैरव फोर्स' नामक एक अत्याधुनिक ड्रोन युद्ध इकाई स्थापित की है, जिसका ध्यान आक्रामक ड्रोन हमलों और वास्तविक समय निगरानी पर रहेगा।
भैरव बटालियन को पैरा स्पेशल फोर्सेस और नियमित पैदल सेना इकाइयों के बीच तैनात किया जाएगा, ताकि आधुनिक युद्ध की आवश्यकताओं को पूरा किया जा सके।
यह पहली सार्वजनिक प्रदर्शनी 15 जनवरी, 2026 को जयपुर में भारतीय सेना दिवस परेड में आयोजित की जाएगी।
ऑपरेशन सिंदूर से प्राप्त सबक के आधार पर, सेना तीनों सशस्त्र बलों के लिए 850 आत्मघाती ड्रोन खरीदने की योजना बना रही है।
यह इकाई स्विच यूएवी, संजय, प्रलय, बाज़ सशस्त्र ड्रोन और प्रबाल सी-यूएएस काउंटर-ड्रोन सिस्टम सहित नई पीढ़ी की प्रणालियों का संचालन करेगी।
भारतीय सेना ने 'भैरव फोर्स' नामक अपनी अत्याधुनिक ड्रोन युद्ध इकाई की स्थापना की घोषणा की। यह इकाई आक्रामक ड्रोन हमलों और तात्कालिक निगरानी में विशेषज्ञता रखने वाले आधुनिक युद्ध अभियानों के लिए बनाई गई है। भैरव बटालियन को पैरा स्पेशल फोर्सेज और नियमित पैदल सेना इकाइयों के बीच रखा गया है।
इकाई का पहला सार्वजनिक प्रदर्शन 15 जनवरी को जयपुर में सेना दिवस परेड 2026 में निर्धारित था। ऑपरेशन सिंदूर से सीखे गए सबक के आधार पर सेना ने तीनों सशस्त्र बलों के लिए 850 कामिकेज़ ड्रोन खरीदने की योजना बनाई है। भैरव फोर्स स्विच UAV, संजय, प्रलय और बाज सशस्त्र ड्रोन सहित अगली पीढ़ी की प्रणालियां संचालित करेगी।
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मेन्स दृष्टिकोण
प्रश्न: परीक्षण कीजिए कि भारतीय सेना की भैरव फोर्स ऑपरेशन सिंदूर के सबकों से ड्रोन-युद्ध क्षमता को कैसे संस्थागत बनाती है।
उत्तर (50 शब्द):
पैरा विशेष बल और नियमित पैदल सेना के बीच की भूमिका निभाने वाली भैरव बटालियन आक्रामक ड्रोन प्रहार और तत्काल निगरानी में विशेषज्ञ है, जिसका पहला प्रदर्शन 15 जनवरी को जयपुर में सेना दिवस परेड में हुआ। सेना ने तीनों सेवाओं के लिए 850 कामिकाज़े ड्रोन, स्विच यूएवी, संजय, प्रलय, बाज़ सशस्त्र ड्रोन तथा प्रबल सी-यूएएस तैनात करने की योजना बनाई है।
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भारतीय सेना द्वारा स्थापित भैरव फोर्स क्या है और इसकी प्रमुख क्षमताएं क्या हैं?
**भैरव फोर्स** भारतीय सेना की **समर्पित ड्रोन युद्ध इकाई** है, जिसे **आक्रामक ड्रोन हमलों** और **रीयल-टाइम निगरानी** जैसे आधुनिक युद्ध अभियानों के लिए बनाया गया है। **भैरव बटालियन** को **पैरा स्पेशल फोर्सेज** और नियमित पैदल सेना के बीच की कड़ी के रूप में रखा गया है। **ऑपरेशन सिंदूर** से मिले सबकों के आधार पर **850 कामिकेज़ ड्रोन** खरीदने की योजना है। **स्विच UAV, संजय, प्रलय, बाज** और **प्रबल C-UAS** प्रणालियां संचालित होंगी।
भारत की ड्रोन युद्ध क्षमता में भैरव फोर्स कौन से ड्रोन संचालित करेगी?
**भारतीय सेना की भैरव फोर्स** अगली पीढ़ी की ये प्रणालियां संचालित करेगी: **स्विच UAV**, **संजय** (निगरानी ड्रोन), **प्रलय** (सशस्त्र ड्रोन), **बाज** (सशस्त्र ड्रोन), और **प्रबल C-UAS** ड्रोन-रोधी प्रणालियां। **ऑपरेशन सिंदूर** से मिले सबकों के आधार पर तीनों सशस्त्र बलों के लिए **850 कामिकेज़ ड्रोन** खरीदने की योजना है। **15 जनवरी को जयपुर में सेना दिवस परेड 2026** में इनका पहला सार्वजनिक प्रदर्शन होगा।
ऑपरेशन सिंदूर के किन सबकों के आधार पर भैरव फोर्स बनाई गई?
**ऑपरेशन सिंदूर** ने आधुनिक युद्ध में **ड्रोन युद्ध** की अहम भूमिका — आक्रामक ड्रोन हमले, निगरानी और ड्रोन-रोधी कार्रवाई — को रेखांकित किया। इन सबकों के आधार पर **भारतीय सेना** ने **भैरव फोर्स** स्थापित की और तीनों सशस्त्र बलों के लिए **850 कामिकेज़ ड्रोन** खरीदने की योजना बनाई। **भैरव बटालियन** पैरा स्पेशल फोर्सेज और नियमित पैदल सेना के बीच की कड़ी है।
भैरव फोर्स का पहली बार सार्वजनिक प्रदर्शन कहां हुआ और भारतीय सेना की संरचना में इसकी क्या स्थिति है?
**भैरव फोर्स** का पहला सार्वजनिक प्रदर्शन **15 जनवरी को जयपुर में सेना दिवस परेड 2026** में निर्धारित था। सेना की संरचना में **भैरव बटालियन** **पैरा स्पेशल फोर्सेज और नियमित पैदल सेना** के बीच की कड़ी है। **ऑपरेशन सिंदूर** के सबकों के आधार पर **850 कामिकेज़ ड्रोन** खरीदे जाएंगे। इकाई **स्विच UAV, संजय, प्रलय, बाज** और **प्रबल C-UAS** संचालित करेगी।
भैरव फोर्स के शस्त्रागार में उल्लिखित प्रबल C-UAS प्रणाली क्या है?
**प्रबल C-UAS** **भैरव फोर्स** के शस्त्रागार में शामिल एक **ड्रोन-रोधी** प्रणाली है, जिसका उपयोग शत्रु ड्रोनों को पकड़ने और निष्क्रिय करने के लिए किया जाएगा। **भैरव फोर्स** — **ऑपरेशन सिंदूर** के सबकों पर आधारित समर्पित ड्रोन युद्ध इकाई — **स्विच UAV, संजय, प्रलय** और **बाज** सशस्त्र ड्रोन भी संचालित करेगी। **850 कामिकेज़ ड्रोन** खरीदने की योजना है और इसका पहला प्रदर्शन **15 जनवरी सेना दिवस परेड** में होना था।
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