गणराज्य कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्युंग ने 20 अप्रैल 2026 को नई दिल्ली के हैदराबाद हाउस में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता की। यह 19 से 21 अप्रैल 2026 तक चलने वाली उनकी तीन दिवसीय भारत राजकीय यात्रा का दूसरा दिन था। आठ वर्षों में किसी दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति की यह पहली भारत राजकीय यात्रा है और इससे दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों पर नए सामरिक ध्यान का संकेत मिलता है। दोनों नेताओं ने अगले पाँच वर्षों के लिए भारत-गणराज्य कोरिया विशेष सामरिक साझेदारी को लागू करने और विस्तार देने के लिए संयुक्त सामरिक दृष्टि 2026-2030 को अंगीकृत किया। इसमें व्यापार, प्रौद्योगिकी, रक्षा, जहाज निर्माण, अंतरिक्ष, ऊर्जा तथा जन-जन संपर्क के क्षेत्रों में 25 परिणामों की रूपरेखा दी गई है। दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय वस्तु व्यापार को लगभग 27 अरब अमरीकी डॉलर से बढ़ाकर 2030 तक 50 अरब अमरीकी डॉलर तक लगभग दुगुना करने तथा 2010 से प्रभावी व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौते के उन्नयन में तेजी लाने की प्रतिबद्धता जताई, जिसकी वार्ताएँ 2027 तक पूरी की जाएँगी। राष्ट्रपति ली के साथ सैमसंग, हुंडई, एलजी और एसके समूह जैसी प्रमुख कोरियाई कंपनियों के लगभग 200 अधिकारियों का उच्च-स्तरीय व्यापार प्रतिनिधिमंडल था और दोनों नेताओं ने दोनों पक्षों के व्यवसायियों के साथ कार्य-भोज में भाग लिया। संयुक्त सामरिक दृष्टि में अर्धचालक, कृत्रिम बुद्धिमत्ता एवं डिजिटल प्रौद्योगिकियों, इलेक्ट्रिक वाहन एवं बैटरी पारितंत्र, रक्षा विनिर्माण एवं संयुक्त उत्पादन, असैन्य परमाणु सहयोग, महत्वपूर्ण खनिज एवं स्वच्छ ऊर्जा आपूर्ति शृंखला तथा हिन्द-प्रशांत समुद्री सुरक्षा जैसे स्तंभों पर सहयोग की दिशा तय की गई है। दोनों नेताओं ने किसी एक देश में या प्रमुख अंतर्राष्ट्रीय आयोजनों के अवसर पर वार्षिक शिखर सम्मेलन आयोजित करके शिखर-स्तर के संवाद को संस्थागत बनाने पर सहमति जताई।
कोरिया गणराज्य के राष्ट्रपति ली जे म्युंग ने 20 अप्रैल 2026 को हैदराबाद हाउस में प्रधानमंत्री मोदी के साथ शिखर बैठक की; भारत-कोरिया विशेष सामरिक साझेदारी को मजबूत करने के लिए संयुक्त सामरिक दृष्टि 2026-2030 अपनाई गई
20 अप्रैल 2026 को प्रधानमंत्री मोदी और गणराज्य कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्युंग ने हैदराबाद हाउस में प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता की और संयुक्त सामरिक दृष्टि 2026-2030 अपनाई। यह भारत-कोरिया विशेष सामरिक साझेदारी को व्यापार, अर्धचालक, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, रक्षा, जहाज निर्माण और अंतरिक्ष सहित 25 परिणामों के ज़रिए और मजबूत करती है। इसमें 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार लगभग दुगुना कर 50 अरब अमरीकी डॉलर तक पहुँचाने तथा सीईपीए उन्नयन वार्ताओं को 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य है।
मुख्य तथ्य
- राष्ट्रपति ली जे म्युंग ने 19 से 21 अप्रैल 2026 तक भारत की तीन दिवसीय राजकीय यात्रा की, जो आठ वर्षों में किसी कोरियाई राष्ट्रपति की भारत की पहली राजकीय यात्रा है।
- 20 अप्रैल 2026 को नई दिल्ली के हैदराबाद हाउस में प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता हुई, जिसके बाद दोनों पक्षों के व्यवसायियों के साथ कार्य-भोज आयोजित किया गया।
- प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति ली ने भारत-गणराज्य कोरिया विशेष सामरिक साझेदारी हेतु 25 परिणामों को आधार देने वाली संयुक्त सामरिक दृष्टि 2026-2030 अंगीकृत की।
- दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय वस्तु व्यापार को लगभग 27 अरब डॉलर से बढ़ाकर 2030 तक 50 अरब अमरीकी डॉलर तक लगभग दुगुना करने की प्रतिबद्धता जताई।
- दोनों देशों ने 2010 के व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौते के उन्नयन को द्रुत गति देने तथा वार्ताओं को 2027 तक पूरा करने पर सहमति बनाई।
- आगंतुक कोरियाई प्रतिनिधिमंडल में सैमसंग, हुंडई, एलजी और एसके समूह के लगभग 200 अधिकारी शामिल थे।
- दोनों नेताओं ने भारत या कोरिया में अथवा प्रमुख अंतर्राष्ट्रीय आयोजनों के अवसर पर वार्षिक शिखर बैठकों के माध्यम से शिखर-स्तरीय संवाद को संस्थागत बनाने पर सहमति व्यक्त की।
6-अक्ष वर्गीकरण
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अभ्यास प्रश्न MCQ
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अप्रैल 2026 में गणराज्य कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्युंग की भारत यात्रा से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. यह राजकीय यात्रा 19 से 21 अप्रैल 2026 तक हुई। 20 अप्रैल 2026 को हैदराबाद हाउस में प्रतिनिधिमंडल-स्तरीय वार्ता हुई। 2. यह 8 वर्षों में गणराज्य कोरिया के किसी राष्ट्रपति की भारत की पहली राजकीय यात्रा थी। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा या कौन-से सही हैं?
दोनों कथन तथ्यतः सही हैं। राष्ट्रपति ली जे म्युंग ने 19 से 21 अप्रैल 2026 तक तीन दिवसीय राजकीय यात्रा की और 20 अप्रैल को हैदराबाद हाउस में प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता हुई। यह आठ वर्षों में किसी गणराज्य कोरिया के राष्ट्रपति की भारत की पहली राजकीय यात्रा भी है।
स्रोत: समाचार स्रोत
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
20 अप्रैल 2026 को भारत की राजकीय यात्रा करने वाले कोरिया गणराज्य के राष्ट्रपति कौन हैं?
ली जे म्युंग। उन्होंने 19 से 21 अप्रैल 2026 तक भारत की तीन दिवसीय राजकीय यात्रा की। यह आठ वर्षों में किसी दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति की पहली ऐसी यात्रा थी।
20 अप्रैल 2026 को भारत और कोरिया ने द्विपक्षीय व्यापार का कौन-सा लक्ष्य अपनाया?
2030 तक 50 अरब अमरीकी डॉलर, जो लगभग 27 अरब डॉलर के वर्तमान स्तर से दोगुना है।
भारत-कोरिया व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौते का उन्नयन कब तक पूरा किया जाएगा?
2027 तक; इसके अगले दौर की वार्ता अगले महीने निर्धारित है।
20 अप्रैल 2026 को अपनाई गई संयुक्त सामरिक दृष्टि क्या है?
भारत-कोरिया विशेष सामरिक साझेदारी को 25 परिणामों के जरिए लागू और विस्तारित करने वाला 2026-2030 का पाँच वर्षीय ढाँचा।
प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति ली के बीच प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता कहाँ हुई?
नई दिल्ली के हैदराबाद हाउस में, जिसके बाद दोनों देशों के व्यवसायियों के साथ कार्य-भोज आयोजित किया गया।
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