राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने 25 मई 2026 को गंगा दशमी के अवसर पर टोंक जिले के बीसलपुर बांध से वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान 2026 का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने बीसलपुर बांध पर वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच जल पूजन किया तथा राज्य भर में पर्याप्त वर्षा की कामना की। टोंक जिले में बनास नदी पर बना बीसलपुर बांध जयपुर अजमेर और टोंक जिलों के लिए पेयजल का प्रमुख स्रोत है तथा पूर्वी राजस्थान के लिए एक महत्वपूर्ण संपत्ति है। शुभारंभ समारोह के बाद श्री भजनलाल शर्मा ने सवाई माधोपुर में बनास नदी पर स्थित ईसरदा बांध का हवाई सर्वेक्षण किया, ताकि पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना, जिसका नाम बदलकर रामजल सेतु लिंक परियोजना किया गया है, के व्यापक हिस्से के रूप में जल संरक्षण जल प्रबंधन और सिंचाई संबंधी कार्यों की प्रगति की समीक्षा की जा सके। रामजल सेतु लिंक का फीडर चैनल ईसरदा गलवा और बंध बरेठा बांधों से होकर गुजरता है। राज्यव्यापी वंदे गंगा अभियान 25 मई 2026 से 5 जून 2026 जो विश्व पर्यावरण दिवस है तक चलेगा और इसमें सभी 50 जिले शामिल होंगे। गतिविधियों में कुओं बावड़ियों तालाबों और अन्य जलस्रोतों की सफाई, श्रमदान, ग्राम पंचायत स्तर पर जल चौपाल, सामुदायिक बैठकें, प्रभात फेरी यानी प्रातः कालीन जागरूकता रैलियां, वृक्षारोपण अभियान तथा संरचित जन जागरूकता सत्र शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को बीसलपुर बांध के आसपास नई अवसंरचना विकसित करने का निर्देश दिया और बनास नदी के पुनर्भरण, वर्षा जल संचयन को मजबूत करने तथा भूजल स्तर फिर से बढ़ाने के लिए प्रभावी उपायों का आह्वान किया। यह अभियान 2025 में आयोजित वंदे गंगा के पहले चरण पर आधारित है और एक ऐसे राज्य में जल सुरक्षा पर जन आंदोलन के रूप में परिकल्पित है जहां औसत वार्षिक वर्षा केवल 575 मिलीमीटर है और कई जिले गंभीर भूजल संकट का सामना कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने गंगा दशमी 25 मई 2026 को टोंक जिले के बीसलपुर बांध से वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान 2026 का जल पूजन समारोह से शुभारंभ किया। इसके बाद रामजल सेतु लिंक परियोजना की प्रगति की समीक्षा के लिए ईसरदा बांध का हवाई सर्वेक्षण किया और 5 जून 2026 विश्व पर्यावरण दिवस तक राजस्थान के सभी जिलों में वर्षा जल संचयन, तालाब पुनरुद्धार तथा वृक्षारोपण अभियानों में जनसहभागिता का आह्वान किया
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने 25 मई 2026 गंगा दशमी को टोंक के बीसलपुर बांध से वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान 2026 का शुभारंभ किया। उन्होंने रामजल सेतु लिंक परियोजना की समीक्षा के लिए ईसरदा बांध का हवाई सर्वेक्षण किया और 5 जून 2026 विश्व पर्यावरण दिवस तक सभी 50 जिलों में राज्यव्यापी जल संरक्षण अभियान चलाने का निर्देश दिया।
मुख्य तथ्य
- मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने 25 मई 2026 गंगा दशमी को टोंक के बीसलपुर बांध से वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान 2026 का शुभारंभ किया
- बीसलपुर बांध टोंक जिले में बनास नदी पर बना है और जयपुर, अजमेर तथा टोंक जिलों को पेयजल आपूर्ति करता है
- मुख्यमंत्री ने रामजल सेतु लिंक परियोजना, जिसे पहले पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना कहा जाता था, की समीक्षा के लिए सवाई माधोपुर में ईसरदा बांध का हवाई सर्वेक्षण किया
- रामजल सेतु लिंक की फीडर नहर ईसरदा, गलवा और बंध बरेठा बांधों से होकर गुजरती है
- राज्यव्यापी अभियान 25 मई 2026 से 5 जून 2026 विश्व पर्यावरण दिवस तक सभी 50 जिलों में चलेगा
- गतिविधियों में ग्राम पंचायत स्तर पर श्रमदान जल चौपाल प्रभात फेरी कुआं और तालाब सफाई तथा वृक्षारोपण अभियान शामिल हैं
6-अक्ष वर्गीकरण
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राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने 25 मई 2026 को जिस बीसलपुर बांध से वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान 2026 का शुभारंभ किया वह किस नदी पर बना है?
बीसलपुर बांध राजस्थान के टोंक जिले में बनास नदी पर बना है। यह जयपुर अजमेर और टोंक जिलों के लिए पेयजल का प्रमुख स्रोत है। मुख्यमंत्री ने 25 मई 2026 को गंगा दशमी पर इस स्थल से वंदे गंगा अभियान का शुभारंभ किया।
स्रोत: समाचार स्रोत
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान 2026 का शुभारंभ कब और कहां से किया?
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने 25 मई 2026 को गंगा दशमी के अवसर पर टोंक जिले के बीसलपुर बांध से वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान 2026 का शुभारंभ किया और यह अभियान 5 जून 2026 को विश्व पर्यावरण दिवस तक चलेगा।
बीसलपुर बांध किस नदी पर बना है और यह किन जिलों को पेयजल आपूर्ति करता है?
बीसलपुर बांध राजस्थान के टोंक जिले में बनास नदी पर बना है। यह पूर्वी राजस्थान के जयपुर अजमेर और टोंक जिलों के लिए पेयजल का प्रमुख स्रोत है।
रामजल सेतु लिंक परियोजना क्या है और इसके फीडर चैनल में कौन से बांध शामिल हैं?
रामजल सेतु लिंक परियोजना पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना ईआरसीपी का नया नाम है जो दक्षिण पूर्वी राजस्थान की नदियों से अधिशेष मानसूनी जल का उपयोग करके 21 जिलों को पेयजल और सिंचाई आपूर्ति के लिए डिजाइन की गई है। इसका फीडर चैनल ईसरदा गलवा और बंध बरेठा बांधों से होकर गुजरता है।
वंदे गंगा अभियान के तहत मुख्य गतिविधियां क्या प्रस्तावित हैं?
इन गतिविधियों में कुओं, बावड़ियों, तालाबों और अन्य जल निकायों की सफाई, श्रमदान यानी स्वैच्छिक श्रम, जल चौपाल और सामुदायिक बैठकें, प्रभात फेरी यानी प्रातः कालीन जागरूकता रैलियां, वृक्षारोपण अभियान तथा ग्राम पंचायत स्तर पर सुनियोजित जन जागरूकता सत्र शामिल हैं।
राजस्थान के लिए जल संरक्षण क्यों एक प्राथमिकता है?
राजस्थान भारत का सबसे शुष्क बड़ा राज्य है। यहां औसत वार्षिक वर्षा लगभग 575 मिलीमीटर है, जबकि राष्ट्रीय औसत 1100 मिलीमीटर से अधिक है। कई जिले भूजल की गंभीर कमी से जूझ रहे हैं। इंदिरा गांधी नहर और रामजल सेतु लिंक मुख्य सहारे हैं। दीर्घकालिक जल सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए वर्षा जल संचयन और तालाबों के पुनरुद्धार पर जन अभियान जरूरी है।
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