राजस्थान ने इलेक्ट्रिक बस युग में कदम रखते हुए स्वच्छ और आधुनिक सार्वजनिक परिवहन की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना के तहत जयपुर में 29 अत्याधुनिक इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। अमर जवान ज्योति पर आयोजित इसी कार्यक्रम में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भीलवाड़ा में 18 इलेक्ट्रिक बसों के संचालन की भी शुरुआत की गई, जिससे तत्काल बसों की संख्या 47 हो गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि अगस्त 2023 में शुरू की गई इस केंद्रीय योजना का उद्देश्य शहरी परिवहन को स्वच्छ, सुरक्षित और पर्यावरण अनुकूल बनाना है तथा इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देने के लिए राज्यों को वित्तीय और तकनीकी सहायता दी जा रही है। योजना के तहत राजस्थान के आठ शहर चुने गए हैं — जयपुर, जोधपुर, उदयपुर, कोटा, बीकानेर, भीलवाड़ा, अलवर और अजमेर। केंद्र सरकार ने इन आठ शहरों के लिए 675 इलेक्ट्रिक बसें स्वीकृत की हैं और 475 अतिरिक्त बसों की मंजूरी मिलने से प्रदेश को कुल 1150 इलेक्ट्रिक बसें प्राप्त होंगी। प्रथम चरण में दीपावली तक 675 बसों के संचालन का लक्ष्य रखा गया है। इन बसों में सीसीटीवी कैमरे, पैनिक बटन और एयर कंडीशनिंग जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं, जो महिलाओं, विद्यार्थियों, वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगजनों के लिए विशेष रूप से उपयोगी होंगी। राज्य सरकार शहरी परिवहन के लिए 555 इलेक्ट्रिक बसें तथा पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए 50 डबल डेकर इलेक्ट्रिक बसें उपलब्ध कराने पर भी कार्य कर रही है। सरकार का दावा है कि यह पहल विकसित राजस्थान 2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।