यूरोपीय संघ ने 12 अक्टूबर 2025 से 29 शेंगेन क्षेत्र देशों में अपना बायोमेट्रिक एंट्री और एग्जिट सिस्टम (EES) लागू करना शुरू किया। यह प्रणाली सभी गैर-EU नागरिकों का नाम, यात्रा दस्तावेज, बायोमेट्रिक विवरण (उंगलियों के निशान और चेहरे की छवि) और प्रवेश/निकास तिथियां दर्ज करती है।

लागू करने की समयरेखा: 12 अक्टूबर — क्रमिक शुरुआत; दिसंबर 2025 — बायोमेट्रिक जांच शुरू; जनवरी 2026 — आधे सीमा बिंदुओं पर EES; 10 अप्रैल 2026 — पूर्ण कार्यान्वयन, हाथ से होने वाली पासपोर्ट स्टैम्पिंग की जगह। यह भारतीय अल्पावधि यात्रियों को प्रभावित करता है। इसका उद्देश्य निर्धारित अवधि से अधिक ठहरने वालों का स्वचालित पता लगाना तथा सीमा सुरक्षा बढ़ाना और जांच को तेज़ बनाना है।