भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन के चंद्रयान 3 मिशन को 21 मई 2026 को वाशिंगटन डीसी में आयोजित ASCEND 2026 सम्मेलन में 2026 अमेरिकी एयरोनॉटिक्स और एस्ट्रोनॉटिक्स संस्थान का गोडार्ड एस्ट्रोनॉटिक्स पुरस्कार मिला। अमेरिका में भारत के राजदूत विनय मोहन क्वात्रा ने ISRO की ओर से यह प्रतिष्ठित सम्मान स्वीकार किया। आधुनिक रॉकेट विज्ञान के जनक रॉबर्ट एच गोडार्ड के नाम पर रखा गया AIAA गोडार्ड एस्ट्रोनॉटिक्स पुरस्कार, एस्ट्रोनॉटिक्स विज्ञान में उल्लेखनीय उपलब्धि के लिए AIAA द्वारा दिया जाने वाला सर्वोच्च सम्मान है। यह पुरस्कार चंद्रयान 3 को तकनीकी नवाचार, सुरक्षित चंद्र लैंडिंग और वैश्विक अंतरिक्ष अनुसंधान की प्रगति में योगदान के लिए दिया गया। चंद्रयान 3 को 14 जुलाई 2023 को सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र श्रीहरिकोटा से LVM 3 M4 रॉकेट से प्रक्षेपित किया गया और 23 अगस्त 2023 को विक्रम लैंडर को चंद्र सतह पर दक्षिणी ध्रुव के पास स्टेटियो शिव शक्ति पर सफलतापूर्वक सॉफ्ट लैंडिंग कराई गई। इससे भारत चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के पास उतरने वाला पहला देश और संयुक्त राज्य अमेरिका, सोवियत संघ और चीन के बाद चंद्रमा पर सॉफ्ट लैंडिंग करने वाला चौथा देश बना। मिशन की लागत लगभग 615 करोड़ रुपये थी और इसने थ्रॉटलेबल इंजन, हैजर्ड डिटेक्शन और प्रज्ञान रोवर सहित पूरी तरह स्वदेशी क्षमताओं का प्रदर्शन किया। प्रज्ञान रोवर एक चंद्र दिवस तक चला और उसने चंद्र रेगोलिथ पर इन सिटू डेटा एकत्र किया तथा सल्फर, एल्यूमिनियम, कैल्शियम, लोहा, क्रोमियम, टाइटेनियम, मैंगनीज, सिलिकॉन और ऑक्सीजन सहित तत्वों का पता लगाया। चंद्रयान श्रृंखला की सफलता ने भारत के महत्वाकांक्षी अनुवर्ती मिशनों को प्रोत्साहन दिया है, जिनमें नियोजित चंद्रयान 4 चंद्र नमूना वापसी मिशन और 2035 के लिए नियोजित भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन शामिल हैं। यह पुरस्कार संयुक्त राष्ट्र द्वारा 23 अगस्त को भारत में राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस घोषित किए जाने के बाद आया है।
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन के चंद्रयान 3 मिशन को 21 मई 2026 को वाशिंगटन डीसी में आयोजित ASCEND 2026 सम्मेलन में 2026 AIAA गोडार्ड एस्ट्रोनॉटिक्स पुरस्कार मिला। अमेरिका में भारत के राजदूत विनय मोहन क्वात्रा ने अमेरिकी एयरोनॉटिक्स और एस्ट्रोनॉटिक्स संस्थान से यह पुरस्कार स्वीकार किया। यह सम्मान 23 अगस्त 2023 को चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के पास ऐतिहासिक सॉफ्ट लैंडिंग, तकनीकी नवाचार, मिशन इंजीनियरिंग और वैश्विक अंतरिक्ष अनुसंधान की उन्नति के लिए दिया गया
ISRO के चंद्रयान 3 मिशन को 21 मई 2026 को वाशिंगटन डीसी में 2026 AIAA गोडार्ड एस्ट्रोनॉटिक्स पुरस्कार मिला। इसे भारतीय राजदूत विनय मोहन क्वात्रा ने स्वीकार किया। यह सम्मान 23 अगस्त 2023 को चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर हुई ऐतिहासिक सॉफ्ट लैंडिंग के लिए दिया गया।
मुख्य तथ्य
- ISRO के चंद्रयान 3 मिशन को 21 मई 2026 को वाशिंगटन डीसी में ASCEND 2026 सम्मेलन में 2026 AIAA गोडार्ड एस्ट्रोनॉटिक्स पुरस्कार मिला
- अमेरिका में भारत के राजदूत विनय मोहन क्वात्रा ने AIAA द्वारा एस्ट्रोनॉटिक्स में उल्लेखनीय उपलब्धि के लिए दिए जाने वाले इस सर्वोच्च सम्मान को स्वीकार किया
- यह पुरस्कार आधुनिक रॉकेट विज्ञान के जनक रॉबर्ट एच गोडार्ड के नाम पर है और तकनीकी नवाचार, मिशन इंजीनियरिंग तथा वैश्विक अंतरिक्ष अनुसंधान की उन्नति के लिए दिया जाता है
- चंद्रयान 3 को 14 जुलाई 2023 को श्रीहरिकोटा से LVM 3 M4 से प्रक्षेपित किया गया और 23 अगस्त 2023 को विक्रम लैंडर ने चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के पास स्टेटियो शिव शक्ति पर सफल सॉफ्ट लैंडिंग की
- भारत चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के पास उतरने वाला पहला देश और अमेरिका, सोवियत संघ तथा चीन के बाद चंद्रमा पर सॉफ्ट लैंडिंग करने वाला चौथा देश बना
- चंद्रयान 3 की लागत लगभग 615 करोड़ रुपये थी और प्रज्ञान रोवर ने चंद्र रेगोलिथ पर सल्फर, एल्यूमिनियम, कैल्शियम, लोहा, क्रोमियम, टाइटेनियम, मैंगनीज, सिलिकॉन और ऑक्सीजन का पता लगाया
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21 मई 2026 को ISRO के चंद्रयान 3 मिशन को प्रदान किया गया AIAA गोडार्ड एस्ट्रोनॉटिक्स पुरस्कार किस वैज्ञानिक के नाम पर है?
AIAA गोडार्ड एस्ट्रोनॉटिक्स पुरस्कार अमेरिकी भौतिक विज्ञानी और इंजीनियर रॉबर्ट एच गोडार्ड के नाम पर है, जिन्हें आधुनिक रॉकेट विज्ञान का जनक माना जाता है और जिन्होंने 16 मार्च 1926 को विश्व का पहला तरल ईंधन वाला रॉकेट सफलतापूर्वक बनाया और प्रक्षेपित किया। यह अमेरिकी एयरोनॉटिक्स और एस्ट्रोनॉटिक्स संस्थान द्वारा एस्ट्रोनॉटिक्स के विज्ञान में उल्लेखनीय उपलब्धि के लिए दिया जाने वाला सर्वोच्च सम्मान है। ISRO के चंद्रयान 3 मिशन को 21 मई 2026 को वाशिंगटन डीसी में ASCEND 2026 सम्मेलन में 2026 का पुरस्कार मिला, जिसे अमेरिका में भारत के राजदूत विनय मोहन क्वात्रा ने स्वीकार किया।
स्रोत: India TV News
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
AIAA गोडार्ड एस्ट्रोनॉटिक्स पुरस्कार क्या है और चंद्रयान 3 को यह क्यों मिला?
AIAA गोडार्ड एस्ट्रोनॉटिक्स पुरस्कार अमेरिकी एयरोनॉटिक्स और एस्ट्रोनॉटिक्स संस्थान द्वारा एस्ट्रोनॉटिक्स के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि के लिए दिया जाने वाला सर्वोच्च सम्मान है। इसका नाम आधुनिक रॉकेट विज्ञान के जनक रॉबर्ट एच गोडार्ड के नाम पर रखा गया है। चंद्रयान 3 को 23 अगस्त 2023 को चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव क्षेत्र में ऐतिहासिक सॉफ्ट लैंडिंग, तकनीकी नवाचार और वैश्विक अंतरिक्ष अनुसंधान को आगे बढ़ाने के लिए 2026 का पुरस्कार मिला।
पुरस्कार ISRO की ओर से किसने स्वीकार किया?
अमेरिका में भारत के राजदूत विनय मोहन क्वात्रा ने 21 मई 2026 को वाशिंगटन डीसी में आयोजित ASCEND 2026 सम्मेलन में ISRO की ओर से पुरस्कार स्वीकार किया।
चंद्रयान 3 का लैंडिंग स्थल विशेष क्यों था?
चंद्रयान 3 के विक्रम लैंडर ने 23 अगस्त 2023 को चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के पास स्टेटियो शिव शक्ति पर लैंडिंग की। पानी की बर्फ के संभावित भंडारों के कारण यह क्षेत्र वैज्ञानिक दृष्टि से अत्यंत महत्त्वपूर्ण माना जाता है। इस उपलब्धि के साथ भारत चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के पास उतरने वाला पहला देश बना और अमेरिका, सोवियत संघ तथा चीन के बाद चंद्रमा पर सॉफ्ट लैंडिंग करने वाला चौथा देश बना।
प्रज्ञान रोवर ने चंद्र सतह पर किन तत्वों का पता लगाया?
प्रज्ञान रोवर ने चंद्र रेगोलिथ में सल्फर, एल्यूमिनियम, कैल्शियम, लोहा, क्रोमियम, टाइटेनियम, मैंगनीज, सिलिकॉन और ऑक्सीजन की उपस्थिति का पता लगाया। इससे दक्षिणी ध्रुवीय क्षेत्र के बारे में महत्वपूर्ण संरचना-संबंधी डेटा प्राप्त हुआ।
चंद्रयान 3 के संदर्भ में 23 अगस्त का क्या महत्व है?
23 अगस्त 2023 को चंद्रयान 3 के विक्रम लैंडर की चंद्र सतह पर सफल सॉफ्ट लैंडिंग के बाद भारत में 23 अगस्त को राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस दिवस को पहली बार 2024 में अंतरिक्ष अन्वेषण में भारत की उपलब्धि को याद करने के लिए मनाया गया।
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