पुष्कर ऊँट मेला 2025, अजमेर जिले में अक्टूबर 2025 के अंत में प्रारम्भ हुआ और हजारों घरेलू व अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों को आकर्षित किया। यह विश्व के सबसे बड़े ऊँट मेलों में से एक है, जो कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर पवित्र पुष्कर झील के तट पर आयोजित होता है। मेले में ऊँट व्यापार, लोक संगीत, घूमर नृत्य, साफा बाँधने की प्रतियोगिता तथा प्रसिद्ध 'ऊँट सौंदर्य प्रतियोगिता' होती है। यह राजस्थान पर्यटन विभाग की प्रमुख सांस्कृतिक पर्यटन पहल है, जो विदेशी मुद्रा अर्जित करती है तथा राज्य की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करती है। पुष्कर में विश्व का एकमात्र ब्रह्मा मंदिर भी स्थित है, जो धार्मिक पर्यटन को और बढ़ाता है।
पुष्कर ऊँट मेला 2025 अजमेर में प्रारम्भ — संस्कृति, व्यापार एवं पर्यटन का संगम
पुष्कर ऊँट मेला 2025, अजमेर जिले में अक्टूबर 2025 के अंत में प्रारम्भ हुआ और हजारों घरेलू व अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों को आकर्षित किया। यह विश्व के सबसे बड़े ऊँट मेलों में से एक है, जो कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर पवित्र पुष्कर झील के तट पर आयोजित होता है। मेले में ऊँट व्यापार, लोक संगीत, घूमर नृत्य, साफा बाँधने की प्रतियोगिता तथा प्रसिद्ध 'ऊँट सौंदर्य प्रतियोगिता' होती है। यह राजस्थान पर्यटन विभाग की प्रमुख सांस्कृतिक पर्यटन पहल है, जो विदेशी मुद्रा अर्जित करती है तथा राज्य की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करती है। पुष्कर में विश्व का एकमात्र ब्रह्मा मंदिर भी स्थित है, जो धार्मिक पर्यटन को और बढ़ाता है।
मुख्य तथ्य
- वार्षिक पुष्कर ऊँट मेला 2025 अक्टूबर 2025 के अंत में अजमेर जिले में शुरू हुआ।
- यह विश्व के सबसे बड़े ऊँट मेलों में से एक है, जो कार्तिक पूर्णिमा पर पुष्कर झील तट पर आयोजित होता है।
- मेले में ऊँट व्यापार, लोक संगीत, घूमर नृत्य, साफा प्रतियोगिता और ऊँट सौंदर्य प्रतियोगिता होती है।
- यह मेला राजस्थान पर्यटन विभाग की प्रमुख सांस्कृतिक पर्यटन पहल है।
- पुष्कर में विश्व का एकमात्र ब्रह्मा मंदिर है, जिससे धार्मिक पर्यटन का महत्व बढ़ता है।
- इस आयोजन से विदेशी मुद्रा अर्जित होती है और राजस्थान की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत सामने आती है।
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राजस्थान के अजमेर ज़िले में पुष्कर झील के किनारे वार्षिक पुष्कर ऊँट मेला किस हिंदू त्यौहार के आसपास आयोजित किया जाता है?
पुष्कर ऊँट मेला कार्तिक पूर्णिमा त्यौहार के आसपास पवित्र पुष्कर झील के किनारे आयोजित होता है, जिसमें ऊँट व्यापार, लोक संगीत, घूमर नृत्य और ऊँट सौंदर्य प्रतियोगिता जैसी गतिविधियाँ शामिल रहती हैं।
स्रोत: समाचार स्रोत
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
पुष्कर ऊँट मेला प्रतिवर्ष कहाँ और कब आयोजित होता है?
पुष्कर ऊँट मेला प्रतिवर्ष राजस्थान के अजमेर जिले में पवित्र पुष्कर झील के तट पर कार्तिक पूर्णिमा (अक्टूबर–नवंबर) के अवसर पर आयोजित होता है। 2025 का आयोजन अक्टूबर 2025 के अंत में प्रारम्भ हुआ।
पुष्कर की क्या विशेष धार्मिक मान्यता है जो मेले के महत्व को और बढ़ाती है?
पुष्कर में विश्व का एकमात्र ब्रह्मा मंदिर स्थित है, इसलिए इसे सबसे पवित्र हिंदू तीर्थ स्थलों में से एक माना जाता है। यह धार्मिक महत्व मेले की सांस्कृतिक और व्यापारिक गतिविधियों को एक और महत्वपूर्ण आयाम देता है।
पुष्कर ऊँट मेले के दौरान आयोजित प्रमुख सांस्कृतिक कार्यक्रम कौन से हैं?
पुष्कर ऊँट मेले में ऊँट व्यापार, लोक संगीत प्रदर्शन, घूमर नृत्य, साफा बाँधने की प्रतियोगिता और प्रसिद्ध ऊँट सौंदर्य प्रतियोगिता होती है, जो राजस्थान की समृद्ध अमूर्त सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करती है।
पुष्कर ऊँट मेले का आयोजन कौन सा सरकारी विभाग करता है और इसका आर्थिक महत्व क्या है?
पुष्कर ऊँट मेला राजस्थान पर्यटन विभाग की प्रमुख सांस्कृतिक पर्यटन पहल है। इससे काफी विदेशी मुद्रा आती है और राजस्थान की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत दुनिया के सामने प्रस्तुत होती है।
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