भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (GSI) ने मार्च 2026 में उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में कालिंजर किले के आसपास के पहाड़ी क्षेत्र को राष्ट्रीय भू-विरासत स्थल घोषित किया। यह राज्य का पहला राष्ट्रीय भू-विरासत स्थल है। विंध्य क्षेत्र में स्थित कालिंजर में कई दसियों करोड़ वर्ष पुरानी चट्टान संरचनाएं हैं, जो पृथ्वी के भूवैज्ञानिक विकास को समझने के लिए महत्वपूर्ण हैं। यह किला ASI-संरक्षित स्मारक है और इसका ऐतिहासिक महत्व चंदेल वंश काल से जुड़ा है। इस घोषणा का उद्देश्य भूवैज्ञानिक विशेषताओं का संरक्षण करना, वैज्ञानिक अनुसंधान को बढ़ावा देना और सतत विरासत पर्यटन को प्रोत्साहित करना है।
बांदा, उत्तर प्रदेश में कालिंजर किला क्षेत्र को GSI ने राष्ट्रीय भू-विरासत स्थल घोषित किया
GSI ने बांदा, उत्तर प्रदेश के कालिंजर किला क्षेत्र को राष्ट्रीय भू-विरासत स्थल घोषित किया — राज्य में पहला।
मुख्य तथ्य
- भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (GSI) ने उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में कालिंजर किले के आसपास के पहाड़ी क्षेत्र को राष्ट्रीय भू-विरासत स्थल घोषित किया।
- कालिंजर किला अपनी अनूठी भूवैज्ञानिक संरचना और विंध्य पर्वत श्रृंखला की प्राचीन चट्टान संरचनाओं के लिए महत्वपूर्ण है।
- GSI ने इसे भू-पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की योजना बनाई है।
- कालिंजर किला ऐतिहासिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है — यह बुंदेलखंड क्षेत्र का प्रमुख किला है।
- राष्ट्रीय भू-विरासत स्थल घोषित होने से इस क्षेत्र की सुरक्षा और अनुसंधान को बढ़ावा मिल सकता है।
मेन्स दृष्टिकोण
प्रश्न: भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण द्वारा कालिंजर किला क्षेत्र को राष्ट्रीय भू-विरासत स्थल घोषित किए जाने के भूवैज्ञानिक तथा ऐतिहासिक महत्व की चर्चा कीजिए।
उत्तर (50 शब्द):
भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (जीएसआई) ने मार्च 2026 में उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में कालिंजर किले के आसपास के पहाड़ी क्षेत्र को राष्ट्रीय भू-विरासत स्थल घोषित किया — राज्य का पहला ऐसा स्थल। कालिंजर विंध्यन क्षेत्र में है, जहां करोड़ों वर्ष पुरानी चट्टानी संरचनाएं मिलती हैं; साथ ही यह ASI-संरक्षित चंदेल-कालीन स्मारक भी है।
इस विषय की स्थिर तैयारी
इस खबर के पीछे का स्थायी सिलेबस पढ़ें।
6-अक्ष वर्गीकरण
यह टॉपिक में दिखता है
स्रोत: अमर उजाला
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
कालिंजर किला क्षेत्र को राष्ट्रीय भू-विरासत स्थल किस संगठन ने घोषित किया?
**भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (GSI)** ने **मार्च 2026** में उत्तर प्रदेश के **बांदा जिले** में **कालिंजर किले** के आसपास के पहाड़ी क्षेत्र को **राष्ट्रीय भू-विरासत स्थल** घोषित किया। यह उत्तर प्रदेश का **पहला** ऐसा स्थल है।
कालिंजर किला क्षेत्र भूवैज्ञानिक दृष्टि से क्यों महत्वपूर्ण है?
कालिंजर जिस **विंध्य क्षेत्र** में स्थित है, वहां **करोड़ों वर्ष पुरानी** चट्टान संरचनाएं हैं, जो पृथ्वी के **भूवैज्ञानिक विकास** को समझने के लिए बेहद ज़रूरी हैं। इस स्थल से भारतीय उपमहाद्वीप के भूवैज्ञानिक इतिहास की दुर्लभ जानकारी मिलती है।
बांदा जिले में कालिंजर किले का ऐतिहासिक महत्व क्या है?
उत्तर प्रदेश के **बांदा** में स्थित **कालिंजर किला** एक **ASI-संरक्षित स्मारक** है जिसका ऐतिहासिक महत्व **चंदेल वंश** काल से है। अब इसे ऐतिहासिक और भूवैज्ञानिक — दोनों दृष्टियों से महत्व प्राप्त है।
GSI द्वारा कालिंजर किला क्षेत्र को भू-विरासत स्थल घोषित करने के क्या उद्देश्य हैं?
**GSI** द्वारा **कालिंजर किला** क्षेत्र को घोषित करने के निम्न उद्देश्य हैं: - विंध्य श्रृंखला की दुर्लभ **भूवैज्ञानिक विशेषताओं का संरक्षण** - प्राचीन चट्टान संरचनाओं पर **वैज्ञानिक शोध को बढ़ावा** - क्षेत्र में **सतत विरासत पर्यटन** को प्रोत्साहित करना
कालिंजर किले की घोषणा के बाद उत्तर प्रदेश में कितने राष्ट्रीय भू-विरासत स्थल हैं?
**GSI** द्वारा **मार्च 2026** में **कालिंजर किला** क्षेत्र को **राष्ट्रीय भू-विरासत स्थल** घोषित किए जाने के बाद उत्तर प्रदेश को अपना **पहला** राष्ट्रीय भू-विरासत स्थल मिला है। यह घोषणा देश के प्रमुख पृथ्वी विज्ञान संगठन **भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण** ने की।
क्या यह उपयोगी था?
सुधार या छूटा परीक्षा दृष्टिकोण संपादकीय टीम को भेजें।
प्रतिक्रिया भेजें