प्रकाशित: 29 मार्च 2026समाचार स्रोतअंतरराष्ट्रीय
बालेन शाह 35 वर्ष की आयु में नेपाल के सबसे युवा प्रधानमंत्री बने; PM मोदी ने भारत-नेपाल साझेदारी का संकल्प लिया
बालेंद्र 'बालेन' शाह ने 27 मार्च 2026 को नेपाल के प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली और 35 वर्ष की आयु में देश के अब तक के सबसे युवा शासनाध्यक्ष बने। काठमांडू के पूर्व महापौर और पूर्व रैपर-राजनेता शाह राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (RSP) के नेता हैं, जिसने 5 मार्च 2026 को हुए नेपाल के संसदीय चुनावों में 275 सदस्यीय प्रतिनिधि सभा में 182 सीटें जीतकर ऐतिहासिक भारी जीत दर्ज की। उनकी जीत ऐतिहासिक रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि वे नेपाल के पहले मधेसी प्रधानमंत्री भी बने, जो भारत की सीमा से लगे तराई मैदान के समुदायों का प्रतिनिधित्व करते हैं।
भारत उन पहले देशों में था, जिन्होंने नेपाल के नए नेतृत्व को बधाई दी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 28 मार्च 2026 को शाह से गर्मजोशी भरी टेलीफोन वार्ता की, लोकतांत्रिक चुनावों को नेपाल की 'लोकतांत्रिक यात्रा में गर्व का क्षण' बताया और द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने की भारत की प्रतिबद्धता व्यक्त की। शाह ने PM मोदी को धन्यवाद दिया और कहा कि वह 'भारत के साथ काम करने के लिए उत्सुक हैं।' नई सरकार से भारत-नेपाल कूटनीतिक और आर्थिक संबंधों में नई शुरुआत का संकेत मिलने की उम्मीद है।
0
6-अक्ष वर्गीकरण
कवरेजअंतरराष्ट्रीयविषयअंतरराष्ट्रीयपरीक्षाबेसिक कंप्यूटर इंस्ट्रक्टर · CET स्नातक · CET सीनियर सेकेंडरी · EO/RO · LDC · महिला पर्यवेक्षक · पटवार · PTI · RAS · REET · RPSC SI · स्कूल व्याख्याता · सीनियर कंप्यूटर इंस्ट्रक्टर · वरिष्ठ अध्यापक · UPSC · वनपाल · दोनोंस्रोतसमाचार स्रोत
अभ्यास प्रश्न MCQ
हल करेंनीचे विकल्प चुनें। सही या गलत संकेत तुरंत दिखेगा।
जुड़ा प्रश्नआसान
27 मार्च 2026 को नेपाल के सबसे युवा प्रधानमंत्री के रूप में किसने शपथ ली?
व्याख्या · सही उत्तर Dकाठमांडू के पूर्व मेयर और राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी के नेता बालेन्द्र 'बालेन' शाह ने 27 मार्च 2026 को 35 वर्ष की आयु में नेपाल के सबसे युवा प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
बालेन शाह कौन हैं और नेपाल के प्रधानमंत्री के रूप में वे ऐतिहासिक रूप से इतने महत्वपूर्ण क्यों हैं?
बालेन शाह 35 वर्षीय नेपाली रैपर और काठमांडू के पूर्व मेयर हैं, जिन्होंने 27 मार्च 2026 को नेपाल के प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली। वे दो कारणों से ऐतिहासिक हैं: नेपाल के अब तक के सबसे युवा प्रधानमंत्री बने और मधेसी समुदाय से यह पद पाने वाले पहले व्यक्ति। उनकी राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (RSP) ने 275 में से 182 सीटें जीतकर स्पष्ट बहुमत हासिल किया।
मधेसी समुदाय कौन है और बालेन शाह का नेपाल के PM बनना एक मील का पत्थर क्यों है?
मधेसी समुदाय नेपाल की तराई के मैदानी इलाकों के लोगों को कहा जाता है, जिन्हें ऐतिहासिक रूप से पहाड़ी समुदायों के वर्चस्व वाली सरकार और संस्थाओं में कम प्रतिनिधित्व मिला है। पहले मधेसी प्रधानमंत्री के रूप में बालेन शाह की जीत नेपाल की सत्ता संरचना में बदलाव और तराई क्षेत्र की बढ़ती चुनावी ताकत की स्वीकृति मानी जा रही है।
नेपाल में भारत का रणनीतिक हित क्या है और PM मोदी ने शपथ के तुरंत बाद बालेन शाह को फोन क्यों किया?
भारत और नेपाल खुली सीमा, गहरे सांस्कृतिक-धार्मिक संबंध और 1950 की शांति व मैत्री संधि से जुड़े हैं। नेपाल हिमालयी क्षेत्र में भारत के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि उत्तर में इसकी सीमा चीन से लगती है। PM मोदी ने 28 मार्च 2026 को — शपथ के अगले दिन — फोन कर भारत-नेपाल साझेदारी जारी रखने का संकल्प लिया, जो नई सरकार के साथ मज़बूत संबंधों की शुरुआत का संकेत था।
राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (RSP) क्या है और इसे इतना बड़ा जनादेश कैसे मिला?
राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (RSP) नेपाल की एक अपेक्षाकृत नई पार्टी है, जिसकी स्थापना बालेन शाह ने की। इसने खुद को नेपाल की परंपरागत प्रभावशाली पार्टियों के विकल्प के रूप में पेश किया। आम चुनाव में RSP ने प्रतिनिधि सभा की 275 में से 182 सीटें जीतीं — यह असाधारण बहुमत पुरानी पार्टियों से जनता की व्यापक निराशा और बालेन शाह की सुधारवादी छवि के प्रति भारी समर्थन का परिणाम था।
नेपाल की राजनीतिक संरचना कैसी है और प्रधानमंत्री के पास क्या अधिकार होते हैं?
नेपाल एक संघीय लोकतांत्रिक गणराज्य है जिसमें द्विसदनीय संसद — प्रतिनिधि सभा (275 सीटें) और राष्ट्रीय सभा (59 सीटें) — है। प्रधानमंत्री सरकार के प्रमुख के रूप में कार्यकारी शक्ति का प्रयोग करते हैं। राष्ट्रपति औपचारिक राष्ट्राध्यक्ष होते हैं। नेपाल के संविधान (2015) ने देश को सात संघीय प्रांतों में पुनर्गठित किया, जिससे यह दक्षिण एशिया का सबसे युवा संघीय गणराज्य बना।