राजस्थान सरकार ने 10 दिसंबर 2025 को जयपुर एग्जीबिशन एंड कन्वेंशन सेंटर (JECC), जयपुर में राजस्थान पर्यटन नीति 2025 का औपचारिक शुभारंभ किया, जिसकी अध्यक्षता मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने की। इस नीति की प्रमुख पहल 'पर्यटन स्थल अपनाओ' योजना है। इसके तहत निजी भागीदारों, स्थानीय समुदायों, पर्यटन हितधारकों और कॉर्पोरेट संस्थाओं को चयनित विरासत, पारिस्थितिक पर्यटन और प्रकृति पर्यटन स्थलों को न्यूनतम पाँच वर्षों के लिए अपनाने के लिए आमंत्रित किया जाएगा। ऐसे साझेदार विकास, नियमित रखरखाव, सुविधाओं के उन्नयन और पर्यटकों के समग्र अनुभव के प्रबंधन की जिम्मेदारी लेंगे। वित्तीय स्थिरता इस मॉडल का अभिन्न हिस्सा है — कैफेटेरिया, रेस्तरां, एकीकृत शॉपिंग आर्केड, स्मारिका स्टोर और आतिथ्य इकाइयों सहित स्थल पर चलने वाली व्यावसायिक गतिविधियों से मिलने वाले राजस्व से रखरखाव लागत की भरपाई होने की उम्मीद है। नीति में राजस्थान की स्थानीय विरासत — हस्तशिल्प, कला और पारंपरिक व्यंजन — प्रदर्शित करने के लिए कोटा अनिवार्य किया गया है, जिससे स्थानीय कारीगरों और विक्रेताओं के लिए आजीविका के अवसर सृजित होंगे। पर्यटन नीति 2025 के अन्य प्रमुख तत्वों में पर्यटन निवेशकों के लिए सरलीकृत मंजूरी, हेरिटेज होटलों और ग्रामीण होमस्टे के लिए विशेष प्रोत्साहन, साहसिक पर्यटन क्षेत्रों (विशेष रूप से अरावली और थार में) का प्रचार और पर्यटक सुविधा के लिए डिजिटल बुनियादी ढाँचा शामिल हैं। 'पर्यटन स्थल अपनाओ' मॉडल को सार्वजनिक-निजी भागीदारी ढाँचे के रूप में देखा जा रहा है।
राजस्थान पर्यटन नीति 2025 का शुभारंभ: 'पर्यटन स्थल अपनाओ' योजना के तहत निजी क्षेत्र को विरासत और पर्यावरण-पर्यटन स्थलों के पुनरुद्धार व प्रबंधन के लिए आमंत्रण
राजस्थान सरकार ने 10 दिसंबर 2025 को जयपुर एग्जीबिशन एंड कन्वेंशन सेंटर (JECC), जयपुर में राजस्थान पर्यटन नीति 2025 का औपचारिक शुभारंभ किया, जिसकी अध्यक्षता मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने की। इस नीति की प्रमुख नई पहल 'पर्यटन स्थल अपनाओ' योजना है, जो निजी भागीदारों, स्थानीय समुदायों, पर्यटन हितधारकों और कॉर्पोरेट संस्थाओं को चयनित विरासत, पारिस्थितिक पर्यटन और प्रकृति पर्यटन स्थलों को न्यूनतम पाँच वर्षों के लिए अपनाने के लिए आमंत्रित करती है। अपनाने वाले साझेदार विकास, नियमित रखरखाव, सुविधाओं के उन्नयन और समग्र पर्यटक अनुभव के प्रबंधन की जिम्मेदारी लेते हैं। वित्तीय स्थिरता इस मॉडल का अभिन्न हिस्सा है — कैफेटेरिया, रेस्तरां, एकीकृत शॉपिंग आर्केड, स्मारिका स्टोर और आतिथ्य इकाइयों जैसे स्थल-आधारित व्यावसायिक उपक्रमों से होने वाले राजस्व से रखरखाव लागत निकलने की उम्मीद है। नीति में राजस्थान की स्थानीय विरासत — हस्तशिल्प, कला और पारंपरिक व्यंजन — प्रदर्शित करने के लिए कोटा अनिवार्य किया गया है, जिससे स्थानीय कारीगरों और विक्रेताओं के लिए आजीविका के अवसर सृजित होंगे। पर्यटन नीति 2025 के अन्य प्रमुख तत्वों में पर्यटन निवेशकों के लिए सरलीकृत मंजूरी, हेरिटेज होटलों और ग्रामीण होमस्टे के लिए विशेष प्रोत्साहन, साहसिक पर्यटन क्षेत्रों (विशेष रूप से अरावली और थार में) को बढ़ावा देना और पर्यटक सुविधा के लिए डिजिटल बुनियादी ढाँचा शामिल हैं। 'पर्यटन स्थल अपनाओ' मॉडल को एक सार्वजनिक-निजी भागीदारी ढाँचे के रूप में देखा जा रहा है।
मुख्य तथ्य
- राजस्थान पर्यटन नीति 2025 का औपचारिक शुभारंभ 10 दिसंबर 2025 को JECC, जयपुर में CM शर्मा ने किया।
- 'पर्यटन स्थल अपनाओ' योजना में साझेदारों के लिए न्यूनतम पाँच वर्ष की प्रतिबद्धता अनिवार्य है।
- कैफेटेरिया और स्मारिका स्टोर जैसे व्यावसायिक उद्यमों से होने वाले राजस्व से रखरखाव लागत की भरपाई होती है।
- नीति में स्थानीय विरासत — हस्तशिल्प, कला और पारंपरिक व्यंजन — प्रदर्शित करना अनिवार्य है।
- हेरिटेज होटल, ग्रामीण होमस्टे और साहसिक पर्यटन क्षेत्रों के लिए विशेष प्रोत्साहन दिए गए।
- नीति का लक्ष्य राजस्थान को MICE गंतव्य के रूप में स्थापित करना है।
6-अक्ष वर्गीकरण
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राजस्थान पर्यटन नीति 2025 के तहत 'पर्यटन स्थल अपनाओ' पहल के बारे में कौन-सा कथन सही है?
राजस्थान पर्यटन नीति 2025 में 'पर्यटन स्थल अपनाओ' पहल का उद्देश्य चयनित विरासत और ईको-टूरिज्म स्थलों के रखरखाव, सुधार और प्रबंधन में निजी क्षेत्र, स्थानीय समुदाय और पर्यटन हितधारकों की भागीदारी बढ़ाना है। यह रेलवे कनेक्टिविटी, होटल लाइसेंसिंग या स्मारक सुरक्षा की योजना नहीं है।
स्रोत: समाचार स्रोत
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
राजस्थान पर्यटन नीति 2025 का आधिकारिक शुभारंभ कब और कहाँ हुआ?
राजस्थान पर्यटन नीति 2025 का आधिकारिक शुभारंभ 10 दिसंबर 2025 को जयपुर एग्जीबिशन एंड कन्वेंशन सेंटर (JECC), जयपुर में मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा की अध्यक्षता में हुआ।
राजस्थान पर्यटन नीति 2025 के तहत 'पर्यटन स्थल अपनाओ' योजना क्या है?
'पर्यटन स्थल अपनाओ' योजना निजी क्षेत्र, स्थानीय समुदायों, पर्यटन हितधारकों और कॉर्पोरेट संस्थाओं को चयनित विरासत, पारिस्थितिक और प्रकृति पर्यटन स्थलों को न्यूनतम पाँच वर्षों के लिए अपनाने का आमंत्रण देती है। इन्हें अपनाने वाले साझेदार विकास, नियमित रखरखाव और सुविधाओं के उन्नयन के लिए जिम्मेदार होते हैं।
'पर्यटन स्थल अपनाओ' योजना के तहत राजस्व कैसे उत्पन्न और उपयोग किया जाएगा?
स्थल पर चलने वाले कैफेटेरिया और स्मारिका दुकानों जैसे व्यावसायिक उद्यमों से राजस्व मिलेगा, जिसका उपयोग अपनाए गए पर्यटन स्थल के रखरखाव और विकास में किया जाएगा।
राजस्थान पर्यटन नीति 2025 में MICE पर्यटन की क्या परिकल्पना है?
इस नीति में राजस्थान की शाही विरासत और आधुनिक कन्वेंशन अवसंरचना (जैसे JECC) का लाभ उठाते हुए राज्य को प्रमुख MICE (बैठकें, प्रोत्साहन, सम्मेलन और प्रदर्शनियाँ) गंतव्य के रूप में स्थापित करने की परिकल्पना की गई है।
राजस्थान पर्यटन नीति 2025 में कौन-कौन से विशेष प्रोत्साहन दिए गए हैं?
नीति में हेरिटेज होटल, ग्रामीण होमस्टे और साहसिक पर्यटन क्षेत्रों के लिए विशेष प्रोत्साहन दिए गए हैं, और अपनाए गए स्थलों पर हस्तशिल्प, कला एवं पारंपरिक व्यंजनों से स्थानीय विरासत प्रदर्शित करना अनिवार्य किया गया है।
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