रॉयल स्वीडिश अकादमी ऑफ साइंसेज ने 13 अक्टूबर 2025 को जोएल मोक्यर (नॉर्थवेस्टर्न विश्वविद्यालय), फिलिप एग्यियोन (कॉलेज द फ्रांस, INSEAD और LSE) एवं पीटर हॉविट (ब्राउन विश्वविद्यालय) को अर्थशास्त्र में 2025 का नोबेल पुरस्कार 'नवाचार-आधारित आर्थिक विकास की व्याख्या करने के लिए' प्रदान किया। 1.1 करोड़ स्वीडिश क्रोनर के पुरस्कार में आधी राशि मोक्यर को दीर्घकालिक तकनीकी विकास की पूर्व-शर्तों की पहचान के लिए और शेष आधी राशि संयुक्त रूप से एग्यियोन व हॉविट को उनके 'क्रिएटिव डिस्ट्रक्शन' मॉडल (1992 के ऐतिहासिक शोध-पत्र पर आधारित) के लिए दी गई। उनका कार्य शुम्पेटर के इस विचार पर आधारित है कि पुराने उद्योगों का स्थान नवाचार-आधारित उद्योगों को लेना चाहिए। भारत के लिए यह शोध अत्यंत महत्त्वपूर्ण है, क्योंकि भारत अभी पूंजी-संचय से नवाचार-आधारित विकास की ओर संक्रमण में पिछड़ा है।