केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 26 दिसंबर 2025 को राष्ट्रीय जांच एजेंसी द्वारा आयोजित आतंकवाद-रोधी सम्मेलन 2025 में भारत का पहला राष्ट्रीय स्तर का संगठित अपराध नेटवर्क डेटाबेस शुरू किया। एआई-आधारित यह डेटाबेस आंतरिक सुरक्षा के लिए खतरा बने अपराधी गिरोहों को खत्म करने के उद्देश्य से बनाया गया है।

इस डेटाबेस में सभी राज्यों की प्राथमिकी, आरोपपत्र, डोजियर और अन्य महत्वपूर्ण जानकारियाँ एक जगह जोड़ी गई हैं, ताकि जांच एजेंसियों को वे वास्तविक समय में मिल सकें। इसमें आवाज का मिलान, फिंगरप्रिंट डेटा और सूचनाओं का तुरंत आपसी मिलान करने जैसी सुविधाएँ हैं। राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने इसे राज्य पुलिस बलों और नैटग्रिड के सहयोग से विकसित किया। अमित शाह ने खोए, लूटे और बरामद हथियारों का डेटाबेस भी शुरू किया।