भारत के यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) पर दिसंबर 2025 में 21.6 अरब लेनदेन हुए और पिछले सभी रिकॉर्ड टूट गए। इस महीने लेनदेन का कुल मूल्य ₹23 लाख करोड़ से अधिक रहा।

यूपीआई का इस्तेमाल बढ़ने के पीछे टियर-2 और टियर-3 शहरों में इसका विस्तार, त्योहारी और वर्षांत खर्च तथा ज़्यादा व्यापारियों का इससे जुड़ना प्रमुख कारण रहे। सक्रिय उपयोगकर्ताओं की संख्या 50 करोड़ से अधिक हो गई। भारत यूपीआई को दूसरे देशों की भुगतान प्रणालियों से जोड़ने के लिए 20 से अधिक देशों के साथ चर्चा कर रहा है। NPCI International सिंगापुर की PayNow प्रणाली, यूएई, फ्रांस और दक्षिण-पूर्व एशिया के कई देशों की भुगतान प्रणालियों से यूपीआई को जोड़ने पर काम कर रहा है।