संयुक्त राष्ट्र ने 2026 को अंतर्राष्ट्रीय महिला किसान वर्ष घोषित किया है। यह घोषणा विश्व भर में कृषि और खाद्य सुरक्षा में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका को मान्यता देती है। भारत में ग्रामीण महिलाओं के लिए कृषि और संबद्ध क्षेत्र आजीविका का प्रमुख स्रोत हैं और 80% ग्रामीण महिलाएं इन क्षेत्रों से जुड़ी हैं; महिलाएं कृषि श्रम में लगभग 60-70% योगदान भी देती हैं। महिलाओं द्वारा संचालित परिचालन जोतों की हिस्सेदारी 2015-16 में 13.9% तक बढ़ी, लेकिन भूमि पर महिलाओं का औपचारिक नियंत्रण अब भी सीमित है। भारत सरकार ने नमो ड्रोन दीदी योजना जैसी लक्षित पहलें शुरू की हैं, जिसमें चयनित महिला स्वयं सहायता समूहों को ड्रोन पैकेज के लिए 80% केंद्रीय वित्तीय सहायता मिलती है। लखपति दीदी पहल का लक्ष्य स्वयं सहायता समूहों के ज़रिए 6 करोड़ ऐसी महिलाएं तैयार करना है जिनके परिवार की वार्षिक आय एक लाख रुपये से अधिक हो। भारत में उच्च शिक्षा स्तर पर एसटीईएम विषयों में कुल नामांकन का 43% महिलाएं हैं।