प्रकाशित: 13 नवंबर 2025PIBशासन
PRS मासिक नीति समीक्षा नवंबर 2025 — शीतकालीन सत्र के विधेयक और राष्ट्रपति की सहमति पर सर्वोच्च न्यायालय का फैसला
PRS लेजिस्लेटिव रिसर्च की नवंबर 2025 मासिक नीति समीक्षा में आगामी शीतकालीन सत्र (1-19 दिसंबर 2025) और शासन क्षेत्र से जुड़े महत्वपूर्ण विधायी तथा न्यायिक घटनाक्रमों को रेखांकित किया गया है।
शीतकालीन सत्र में महत्वपूर्ण क्षेत्रों से जुड़े 10 नए विधेयक लिए जाने की उम्मीद है। प्रमुख प्रस्तावित कानूनों में प्रतिभूति बाजार संहिता (SEBI अधिनियम, SCRA, डिपॉजिटरी अधिनियम को एकीकृत करना); बीमा FDI संशोधन विधेयक (बीमा क्षेत्र में FDI सीमा 74% से 100% तक बढ़ाना); उच्च शिक्षा आयोग विधेयक (UGC की जगह); परमाणु ऊर्जा संशोधन विधेयक (परमाणु ऊर्जा में निजी भागीदारी); और राष्ट्रीय राजमार्ग अधिनियम में संशोधन शामिल हैं।
PRS समीक्षा में राष्ट्रपति की सहमति की समयसीमा पर सर्वोच्च न्यायालय के एक महत्वपूर्ण फैसले का भी उल्लेख किया गया। सर्वोच्च न्यायालय ने माना कि न्यायपालिका राष्ट्रपति या राज्यपाल को राज्य विधेयकों पर सहमति देने के लिए निश्चित समयसीमा तय नहीं कर सकती; इस तरह शक्तियों के पृथक्करण के सिद्धांत की पुष्टि हुई। हालांकि, न्यायालय ने स्पष्ट किया कि सहमति में अनिश्चित देरी संवैधानिक योजना के विपरीत होगी।
यह फैसला कई राज्यों में राज्यपालों द्वारा राज्य विधानसभाओं से पारित विधेयकों पर सहमति देने में लंबे समय तक देरी की पृष्ठभूमि में आया।
0मेन्स दृष्टिकोण
प्रश्न: पीआरएस नवंबर 2025 समीक्षा में उल्लिखित संसद शीतकालीन सत्र 2025 के प्रमुख विधायी प्रस्तावों तथा राष्ट्रपति-सहमति की समयसीमा पर सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय का परीक्षण कीजिए।
उत्तर (50 शब्द):
पीआरएस नवंबर 2025 समीक्षा ने संसद शीतकालीन सत्र (1-19 दिसंबर 2025) के 10 विधेयकों का उल्लेख किया: प्रतिभूति बाजार संहिता, बीमा विदेशी निवेश सीमा 74 से 100 प्रतिशत बढ़ाने वाला संशोधन, यूजीसी की जगह उच्च शिक्षा आयोग विधेयक, परमाणु ऊर्जा संशोधन। सर्वोच्च न्यायालय ने माना कि न्यायपालिका राष्ट्रपति-सहमति की समयसीमा तय नहीं कर सकती।
6-अक्ष वर्गीकरण
कवरेजराष्ट्रीयविषयराष्ट्रीयपरीक्षाबेसिक कंप्यूटर इंस्ट्रक्टर · CET स्नातक · CET सीनियर सेकेंडरी · EO/RO · LDC · महिला पर्यवेक्षक · पटवार · PTI · RAS · REET · RPSC SI · स्कूल व्याख्याता · सीनियर कंप्यूटर इंस्ट्रक्टर · वरिष्ठ अध्यापक · UPSC · वनपाल · दोनोंस्रोतPIB
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
PRS मासिक नीति समीक्षा क्या है और यह क्यों प्रासंगिक है?
PRS लेजिस्लेटिव रिसर्च संसद के विधेयकों, न्यायिक घटनाक्रमों और नीतिगत बदलावों पर नज़र रखने वाली मासिक समीक्षाएं प्रकाशित करता है — शासन, विधायन और संवैधानिक घटनाक्रमों की तैयारी के लिए यह प्रतियोगी परीक्षाओं का एक प्रमुख संसाधन है।
शीतकालीन सत्र 2025 में कौन से प्रमुख विधेयक अपेक्षित हैं?
शीतकालीन सत्र (1-19 दिसंबर) में 10 नए विधेयकों में से प्रतिभूति बाजार संहिता, बीमा FDI संशोधन (74% से 100%), HECI विधेयक (UGC की जगह), परमाणु ऊर्जा संशोधन (निजी क्षेत्र भागीदारी), और राष्ट्रीय राजमार्ग संशोधन शामिल करने की योजना है।
राष्ट्रपति की सहमति की समयसीमा पर सर्वोच्च न्यायालय ने क्या फैसला सुनाया?
सर्वोच्च न्यायालय ने माना कि न्यायपालिका विधेयकों पर सहमति देने के लिए राष्ट्रपति या राज्यपाल के लिए निश्चित समयसीमा तय नहीं कर सकती, लेकिन अनिश्चित देरी संवैधानिक रूप से अस्वीकार्य है।
राज्यपालों और राज्य विधेयकों को लेकर क्या विवाद था?
तमिलनाडु, केरल और तेलंगाना में राज्यपालों को राज्य विधानसभाओं द्वारा पारित विधेयकों पर सहमति देने में लंबी देरी को लेकर राजनीतिक विवाद का सामना करना पड़ा।
प्रतिभूति बाजार संहिता क्यों महत्वपूर्ण है?
यह SEBI अधिनियम, प्रतिभूति अनुबंध विनियमन अधिनियम, डिपॉजिटरी अधिनियम और संबंधित कानूनों को एक एकीकृत संहिता में समेकित करेगी।