प्रकाशित: 11 अक्टूबर 2025द हिन्दूअर्थव्यवस्था
सावलकोट जलविद्युत परियोजना को नई पर्यावरणीय मंजूरी: चिनाब पर 1,856 MW
पर्यावरण मंत्रालय की विशेषज्ञ मूल्यांकन समिति (EAC) ने जम्मू-कश्मीर के रामबन जिले में चिनाब नदी पर सावलकोट जलविद्युत परियोजना को पूर्व पर्यावरणीय मंज़ूरी देने की सिफ़ारिश की। राष्ट्रीय जलविद्युत ऊर्जा निगम (NHPC) की ₹31,380 करोड़ की इस परियोजना की क्षमता 1,856 MW होगी और इसकी कुल डिज़ाइन ऊर्जा 753.39 करोड़ यूनिट होगी।
परियोजना के तहत 192.5 मीटर ऊँचा रोलर-कॉम्पैक्टेड कंक्रीट बाँध बनाया जाएगा, जो भारत के सबसे ऊँचे बाँधों में से एक होगा। पहली बार 1984 में प्रस्तावित यह परियोजना पर्यावरण और तकनीक से जुड़ी देरी के कारण लगभग चार दशकों तक आगे नहीं बढ़ सकी। 2025 में भारत द्वारा सिंधु जल संधि निलंबित किए जाने के बाद मंज़ूरी की प्रक्रिया ने गति पकड़ी। परियोजना के आँकड़ों में 112 प्रभावित गाँव और 1,477 प्रभावित परिवार दर्ज हैं।
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
चिनाब नदी पर सावलकोट जलविद्युत परियोजना क्या है?
**जम्मू-कश्मीर के रामबन जिले में चिनाब नदी पर सावलकोट जलविद्युत परियोजना** को 2025 में नई पर्यावरणीय मंज़ूरी देने की सिफ़ारिश की गई। **राष्ट्रीय जलविद्युत ऊर्जा निगम (NHPC) की ₹31,380 करोड़ की इस परियोजना** की क्षमता 1,856 MW होगी और इसमें 192.5 मीटर ऊँचा रोलर-कॉम्पैक्टेड कंक्रीट बाँध बनाया जाएगा। इससे हर साल लगभग 800 करोड़ यूनिट बिजली पैदा होने का अनुमान है।
सावलकोट जलविद्युत परियोजना को दशकों की देरी के बाद मंज़ूरी देने की सिफ़ारिश क्यों की गई?
सावलकोट परियोजना **पहली बार 1984 में प्रस्तावित हुई थी, लेकिन पर्यावरण और तकनीक से जुड़ी देरी के कारण लगभग चार दशकों तक आगे नहीं बढ़ सकी।** 2025 में **भारत द्वारा सिंधु जल संधि निलंबित किए जाने के बाद** पर्यावरणीय मंज़ूरी की प्रक्रिया ने गति पकड़ी। इस संधि ने पहले चिनाब पर भारत के जलविद्युत विकास को सीमित कर रखा था।
सावलकोट जलविद्युत परियोजना के बाँध की ऊँचाई कितनी है?
सावलकोट जलविद्युत परियोजना के तहत **192.5 मीटर ऊँचा रोलर-कॉम्पैक्टेड कंक्रीट बाँध** बनाया जाएगा, जो भारत के सबसे ऊँचे बाँधों में से एक होगा। परियोजना की 1,856 MW स्थापित क्षमता से हर साल लगभग 800 करोड़ यूनिट बिजली पैदा होने का अनुमान है।
सावलकोट जलविद्युत परियोजना से कितने गाँव और परिवार प्रभावित होंगे?
सावलकोट जलविद्युत परियोजना से **112 गाँव और 1,477 परिवार प्रभावित होंगे।** ₹31,380 करोड़ की NHPC परियोजना के लिए पर्यावरणीय मंज़ूरी की शर्तों के तहत प्रभावित लोगों को उचित पुनर्वास और पुनर्स्थापन पैकेज देने होंगे।
भारत के जलविद्युत क्षेत्र में NHPC की क्या भूमिका है?
**राष्ट्रीय जलविद्युत ऊर्जा निगम (NHPC)** भारत में जलविद्युत परियोजनाएँ विकसित करने वाली प्रमुख संस्था है और सावलकोट (1,856 MW) जैसी बड़ी परियोजनाओं के लिए ज़िम्मेदार है। NHPC पूरे भारत में जलविद्युत परियोजनाओं का विकास, निर्माण और संचालन करता है तथा भारत के नवीकरणीय ऊर्जा लक्ष्यों और 2030 तक 500 GW गैर-जीवाश्म क्षमता के लक्ष्य में अहम योगदान देता है।