राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय, सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय ने वित्त वर्ष 2025-26 की दूसरी तिमाही के लिए भारत की वास्तविक GDP वृद्धि 8.2% रहने का अनुमान लगाया। यह वित्त वर्ष 2024-25 की दूसरी तिमाही की 5.6% वृद्धि से अधिक है। इसी अवधि में नाममात्र GDP 8.7% बढ़ी और वास्तविक निजी अंतिम उपभोग व्यय 7.9% बढ़ा।
उत्पादन पक्ष पर द्वितीयक क्षेत्र की वृद्धि 8.1% और तृतीयक क्षेत्र की वृद्धि 9.2% रही। द्वितीयक क्षेत्र के भीतर विनिर्माण 9.1% और निर्माण 7.2% बढ़े। इसलिए यह अपडेट केवल एक मुख्य GDP आंकड़ा नहीं है; यह बताता है कि उद्योग, निर्माण और सेवा गतिविधियों ने मिलकर वास्तविक वृद्धि को 8% से ऊपर ले जाने में भूमिका निभाई। परीक्षा की दृष्टि से यह विषय राष्ट्रीय आय, स्थिर कीमतों और चालू कीमतों पर GDP, निजी अंतिम उपभोग व्यय, क्षेत्रीय वृद्धि और व्यापक अर्थव्यवस्था के संकेतकों से जुड़ता है।
प्रारंभिक परीक्षा में सीधे आंकड़ा-आधारित प्रश्न भी पूछे जा सकते हैं, जैसे वास्तविक GDP वृद्धि, नाममात्र GDP वृद्धि, निजी अंतिम उपभोग व्यय या किस क्षेत्र ने तेज वृद्धि दिखाई। मुख्य परीक्षा में इस डेटा का उपयोग वृद्धि की गुणवत्ता, खपत-आधारित मांग, विनिर्माण और सेवाओं की भूमिका तथा नीति-निर्माण के लिए आधिकारिक सांख्यिकीय आंकड़ों के महत्व पर छोटे उत्तर या विश्लेषणात्मक उत्तर में किया जा सकता है। स्टैटिक जीके से इसका लिंक आर्थिक वृद्धि एवं सतत विकास और मौद्रिक एवं राजकोषीय नीति के आधारभूत विषयों से बनता है।
