केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 9 जनवरी 2026 को नई दिल्ली से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) की राष्ट्रीय इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED) डेटा प्रबंधन प्रणाली (NIDMS) का उद्घाटन किया। NIDMS एक सुरक्षित राष्ट्रीय डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म है, जिसमें 1999 से भारत में IED और बम-विस्फोट से जुड़ा सारा डेटा संग्रहीत, मानकीकृत और विश्लेषित किया जाता है। इससे देशभर के जाँचकर्ताओं को दशकों की फोरेंसिक जानकारी एक क्लिक में मिलती है। NSG, जिसे 'ब्लैक कैट्स' के नाम से जाना जाता है, NSG अधिनियम, 1986 के तहत 1984 में स्थापित भारत का प्रमुख आतंकवाद-रोधी बल है। NIDMS में डेटा के मानकीकरण से NIA, राज्य पुलिस बम निरोधक दस्तों और केंद्रीय फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशालाओं के बीच समन्वय बेहतर होगा। पाकिस्तान सीमा से राजस्थान की निकटता को देखते हुए यह शुरुआत राज्य के लिए भी महत्वपूर्ण है।
अमित शाह ने NSG की राष्ट्रीय IED डेटा प्रबंधन प्रणाली (NIDMS) लॉन्च की: 1999 से बम विस्फोट जांच डेटा के लिए केंद्रीकृत डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 9 जनवरी 2026 को नई दिल्ली से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) की राष्ट्रीय इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED) डेटा प्रबंधन प्रणाली (NIDMS) का उद्घाटन किया। NIDMS एक सुरक्षित राष्ट्रीय डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म है, जिसमें 1999 से भारत में IED और बम विस्फोट से संबंधित सभी डेटा को संग्रहीत, मानकीकृत और विश्लेषित किया जाता है; इससे देशभर के जाँचकर्ताओं को दशकों की फोरेंसिक खुफिया जानकारी तक एक क्लिक में पहुँच मिलती है। NSG, जिसे 'ब्लैक कैट्स' के नाम से जाना जाता है, NSG अधिनियम, 1986 के तहत 1984 में स्थापित भारत का प्रमुख आतंकवाद-रोधी बल है। NIDMS में डेटा का मानकीकरण NIA, राज्य पुलिस बम निरोधक दस्तों और केंद्रीय फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशालाओं के बीच समन्वय बेहतर करेगा। पाकिस्तान सीमा से राजस्थान की निकटता को देखते हुए यह शुरुआत राज्य के लिए भी महत्वपूर्ण है।
मुख्य तथ्य
- अमित शाह ने 9 जनवरी 2026 को NSG की राष्ट्रीय IED डेटा प्रबंधन प्रणाली (NIDMS) लॉन्च की।
- NIDMS 1999 से भारत के सभी IED और बम-विस्फोटों से जुड़े डेटा का संग्रह और विश्लेषण करता है।
- यह प्लेटफ़ॉर्म जाँचकर्ताओं को दशकों की फोरेंसिक इंटेलिजेंस तक एक क्लिक में पहुँच देता है।
- NSG ('ब्लैक कैट्स') की स्थापना 1984 में NSG अधिनियम, 1986 के तहत गृह मंत्रालय के अधीन हुई।
- NIDMS NIA, राज्य पुलिस बम निरोधक दस्तों और केंद्रीय फोरेंसिक लैब के बीच समन्वय बेहतर बनाता है।
- यह प्रणाली आतंकी संगठनों के पैटर्न, नेटवर्क और दोहराई जाने वाली कार्यप्रणालियों की पहचान में सहायक है।
मेन्स दृष्टिकोण
प्रश्न: भारत की विस्फोटक-रोधी और आंतरिक सुरक्षा संरचना में डिजिटल फोरेंसिक क्षमता की छलांग के रूप में राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड की राष्ट्रीय आईईडी डेटा प्रबंधन प्रणाली के शुभारंभ का विश्लेषण कीजिए।
उत्तर (50 शब्द):
9 जनवरी 2026 को गृह मंत्री अमित शाह ने एनआईडीएमएस का शुभारंभ किया। यह केंद्रीकृत प्लेटफ़ॉर्म 1999 से सभी आईईडी और बम-विस्फोट डेटा संग्रहीत करता है। 'ब्लैक कैट्स' 1984 में एनएसजी अधिनियम 1986 के तहत गठित हुए और गृह मंत्रालय के अधीन हैं। यह प्रणाली NIA, राज्य दस्तों और केंद्रीय फोरेंसिक प्रयोगशालाओं के समन्वय में मदद करती है।
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9 जनवरी 2026 को NSG की राष्ट्रीय IED डेटा प्रबंधन प्रणाली (NIDMS) का उद्घाटन किसने किया?
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 9 जनवरी 2026 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड की राष्ट्रीय IED डेटा प्रबंधन प्रणाली (NIDMS) का उद्घाटन किया। यह प्रणाली IED घटनाओं की जांच, रुझान विश्लेषण और एजेंसियों के बीच समन्वय को मजबूत करने के लिए बनाई गई है।
स्रोत: समाचार स्रोत
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
NIDMS क्या है और इसे किसने शुरू किया?
NIDMS (राष्ट्रीय IED डेटा प्रबंधन प्रणाली) राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) द्वारा विकसित एक सुरक्षित राष्ट्रीय डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म है, जो 1999 से भारत में IED और बम-विस्फोट से संबंधित सभी डेटा को संग्रहीत, मानकीकृत और विश्लेषित करता है। इसे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 9 जनवरी 2026 को शुरू किया।
NSG क्या है और इसकी स्थापना कब हुई?
'ब्लैक कैट्स' के नाम से प्रसिद्ध राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) भारत का विशिष्ट आतंकवाद-निरोधी बल है। इसकी स्थापना 1984 में NSG अधिनियम, 1986 के तहत हुई। यह गृह मंत्रालय (MHA) के अधीन कार्य करता है।
NIDMS जाँचकर्ताओं को कौन-सी प्रमुख क्षमता देता है?
NIDMS देशभर के जाँचकर्ताओं को 1999 से हुई IED घटनाओं से जुड़ी दशकों की फोरेंसिक इंटेलिजेंस तक एक क्लिक में पहुँच देता है। यह NIA, राज्य पुलिस के बम निरोधक दस्तों और केंद्रीय फोरेंसिक प्रयोगशालाओं के बीच समन्वय बेहतर बनाता है।
NIDMS आतंकवाद-रोधी अभियानों में कैसे सहायक है?
NIDMS सुरक्षा एजेंसियों को आतंकी संगठनों द्वारा अपनाए जाने वाले पैटर्न, नेटवर्क और दोहराई जाने वाली कार्यप्रणालियों की पहचान करने में मदद करता है। बम-विस्फोट जाँच डेटा को मानकीकृत और केंद्रीकृत करके यह IED खतरों पर तेज़ और प्रभावी प्रतिक्रिया सुनिश्चित करता है।
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