गैस अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (GAIL) ने 694 किलोमीटर लंबी मुंबई–नागपुर प्राकृतिक गैस पाइपलाइन पूरी कर ली है, जो समृद्धि महामार्ग (महाराष्ट्र का नागपुर–मुंबई सुपर कम्युनिकेशन एक्सप्रेसवे) के किनारे बनाई गई है। यह परियोजना PM गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के अंतर्गत विकसित की गई है, जिसका उद्देश्य समन्वित योजना से मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी अवसंरचना को एकीकृत करना है।
पाइपलाइन समृद्धि महामार्ग के किनारे 3 मीटर चौड़े गलियारे में बनाई गई है, जो एकीकृत गलियारा आधारित अवसंरचना विकास का मॉडल है। 16.5 MMSCMD की डिज़ाइन क्षमता के साथ यह पश्चिमी और मध्य भारत की सर्वाधिक क्षमता वाली प्राकृतिक गैस संचरण पाइपलाइनों में से एक है।
मुंबई–नागपुर पाइपलाइन महाराष्ट्र में कई महत्वपूर्ण ऊर्जा जरूरतें पूरी करेगी। यह अपने मार्ग के किनारे स्थित नगरों में सिटी गैस वितरण (CGD) नेटवर्क को प्राकृतिक गैस की आपूर्ति करेगी, स्वच्छ वाहन ईंधन के लिए संपीड़ित प्राकृतिक गैस (CNG) अवसंरचना के विस्तार में मदद करेगी, और राज्य के औद्योगिक व घरेलू क्षेत्रों को स्वच्छ ऊर्जा उपलब्ध कराएगी। इससे कोयला और तरल पेट्रोलियम जैसे पारंपरिक जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता काफी कम होने की उम्मीद है।
PM गति शक्ति ढांचे के तहत 16 मंत्रालय मिलकर मौजूदा परिवहन गलियारों के किनारे गैस, ऑप्टिकल फाइबर, बिजली लाइनें जैसी सुविधाएं बिछाने की योजना बनाते हैं, जिससे खुदाई की लागत और देरी कम होती है।
GAIL की पाइपलाइन महाराष्ट्र के स्वच्छ ऊर्जा लक्ष्यों को पूरा करने में मदद करेगी और 2030 तक भारत के ऊर्जा मिश्रण में प्राकृतिक गैस की हिस्सेदारी लगभग 6% से बढ़ाकर 15% करने के राष्ट्रीय उद्देश्य को बढ़ावा देगी।
