इंडिया एनर्जी वीक 2026 गोवा में शुरू (27-30 जनवरी); 700+ प्रदर्शक, 75,000+ प्रतिभागी
Aसीधा उत्तर
गोवा में इंडिया एनर्जी वीक 2026: 700+ प्रदर्शक, 120+ देशों से 75,000+ प्रतिभागी; ऊर्जा संक्रमण पर ध्यान।
मुख्य तथ्य
इंडिया एनर्जी वीक (IEW) 2026 का चौथा संस्करण 27 जनवरी को गोवा के ONGC उन्नत प्रशिक्षण संस्थान में शुरू हुआ और चार दिनों तक चला।
कार्यक्रम में 700+ प्रदर्शक, 75,000+ प्रतिभागी, 550+ वक्ता और 120+ सत्र रहे तथा 120+ देशों के लोगों ने भाग लिया।
कार्यक्रम पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के तत्वावधान में आयोजित हुआ।
तेल और गैस, नवीकरणीय ऊर्जा, हाइड्रोजन, जैव ईंधन और कृत्रिम बुद्धिमत्ता से जुड़े क्षेत्रों में ऊर्जा सुरक्षा, निवेश और कार्बन उत्सर्जन घटाने पर ध्यान दिया गया।
केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने भारत को तीसरा सबसे बड़ा ऊर्जा उपभोक्ता और सबसे तेज़ी से बढ़ने वाला प्रमुख ऊर्जा बाज़ार बताया।
इंडिया एनर्जी वीक (IEW) 2026 का चौथा संस्करण 27 जनवरी को गोवा स्थित तेल और प्राकृतिक गैस निगम (ONGC) के उन्नत प्रशिक्षण संस्थान में शुरू हुआ। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के तत्वावधान में 27-30 जनवरी तक चले इस चार दिवसीय कार्यक्रम में 700+ प्रदर्शक, 75,000+ प्रतिभागी और 550+ वक्ता शामिल हुए। कुल 120+ सत्र हुए और 12+ अंतरराष्ट्रीय मंडप लगाए गए। इसमें 120+ देशों के लोगों ने भाग लिया।
IEW 2026 में तेल और गैस, नवीकरणीय ऊर्जा, हाइड्रोजन, जैव ईंधन, विद्युतीकरण, डिजिटलीकरण और कृत्रिम बुद्धिमत्ता से जुड़े क्षेत्रों में ऊर्जा सुरक्षा मज़बूत करने, निवेश को बढ़ावा देने और कार्बन उत्सर्जन घटाने के उपायों पर ध्यान दिया गया। केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने भारत के ऊर्जा संक्रमण को दुनिया के लिए एक उदाहरण बताया। उन्होंने भारत को तीसरा सबसे बड़ा ऊर्जा उपभोक्ता और सबसे तेज़ी से बढ़ने वाला प्रमुख ऊर्जा बाज़ार भी बताया।
PYQप्रीलिम्स/PYQ दृष्टिकोण
RAS 2024 भारत के राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन के उद्देश्य क्या हैं? — आईईडब्ल्यू 2026 हाइड्रोजन, जैव-ईंधन एवं डीकार्बनीकरण को प्रमुखता देता है, जो ग्रीन हाइड्रोजन मिशन नीति चर्चा का सीधा विस्तार है।
मेन्स दृष्टिकोण
प्रश्न: भारत की ऊर्जा संक्रमण से जुड़ी कूटनीति के मंच के रूप में इंडिया एनर्जी वीक 2026 की विवेचना कीजिए। इसके पैमाने, इसमें शामिल ऊर्जा क्षेत्रों और वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा की बहस में इसकी भूमिका का उल्लेख कीजिए।
उत्तर (50 शब्द):
IEW का चौथा संस्करण 27 जनवरी 2026 को गोवा स्थित ONGC उन्नत प्रशिक्षण संस्थान में शुरू हुआ और 30 जनवरी तक चला। इसमें 700 प्रदर्शक, 75,000 प्रतिभागी, 550 वक्ता, 120 सत्र और 12 अंतरराष्ट्रीय मंडप रहे तथा 120 देशों ने भाग लिया। हरदीप सिंह पुरी ने भारत को तीसरा सबसे बड़ा ऊर्जा उपभोक्ता और सबसे तेज़ी से बढ़ता प्रमुख ऊर्जा बाज़ार बताया तथा भारत के ऊर्जा संक्रमण को दुनिया के लिए एक उदाहरण बताया।
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इंडिया एनर्जी वीक 2026 क्या है और यह कहाँ आयोजित हुआ?
**इंडिया एनर्जी वीक 2026** का आयोजन **गोवा में 27-30 जनवरी 2026** तक हुआ। इसमें **700+ प्रदर्शक और 75,000+ प्रतिभागी** शामिल हुए, जिससे यह एशिया में ऊर्जा क्षेत्र के सबसे बड़े आयोजनों में से एक बना। **भारतीय पेट्रोलियम उद्योग महासंघ (FIPI)** ने **पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय** के तत्वावधान में इसका आयोजन किया। कार्यक्रम में दिखाया गया कि भारत का ऊर्जा क्षेत्र पारंपरिक तेल और गैस से आगे बढ़कर **हरित हाइड्रोजन, सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा, तरलीकृत प्राकृतिक गैस (LNG) और अपतटीय ऊर्जा** को अपना रहा है। इससे भारत दुनिया की एक प्रमुख ऊर्जा शक्ति के रूप में सामने आया।
गोवा में इंडिया एनर्जी वीक 2026 के प्रमुख विषय क्या थे?
**इंडिया एनर्जी वीक 2026** के प्रमुख विषय थे: (1) **ऊर्जा संक्रमण** — 2070 तक शुद्ध-शून्य उत्सर्जन हासिल करने की भारत की योजना; (2) **हरित हाइड्रोजन** — उत्पादन, भंडारण और निर्यात की संभावना; (3) **अपतटीय ऊर्जा** — गहरे समुद्र में तेल और गैस तथा अपतटीय पवन ऊर्जा; (4) **LNG** — संक्रमणकालीन ईंधन और अपेक्षाकृत स्वच्छ विकल्प; (5) **कार्बन कैप्चर और भंडारण (CCS)**; (6) ऊर्जा क्षेत्र का **डिजिटलीकरण**; और (7) ऊर्जा संक्रमण के लिए **महत्वपूर्ण खनिज**, जैसे लिथियम, कोबाल्ट और दुर्लभ मृदा तत्व। प्रधानमंत्री मोदी ने ऑनलाइन संबोधन में ऊर्जा सुरक्षा को लेकर भारत की महत्वाकांक्षाएँ बताईं।
भारत में ऊर्जा खपत की स्थिति क्या है और देश ऊर्जा संक्रमण की ओर कैसे बढ़ रहा है?
भारत, अमेरिका और चीन के बाद **दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा ऊर्जा उपभोक्ता** है। **कोयले** से 55%+ बिजली मिलती है, जबकि **पेट्रोलियम और LNG** का उपयोग परिवहन और खाना पकाने में होता है। बिजली उत्पादन क्षमता में **नवीकरणीय ऊर्जा** की हिस्सेदारी अब 22%+ है। ऊर्जा संक्रमण की दिशा में **2030 तक 500 GW नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता**, बड़े पैमाने पर हरित हाइड्रोजन उत्पादन, **ऊर्जा दक्षता** के लिए प्रदर्शन, उपलब्धि और व्यापार योजना (PAT), **बिजली से चलने वाले वाहन** तथा बिजली क्षेत्र में कोयले का उपयोग पूरी तरह बंद करने के बजाय धीरे-धीरे घटाना शामिल है। भारत **80%+ कच्चा तेल** आयात करता है, इसलिए ऊर्जा सुरक्षा और ऊर्जा स्रोतों में विविधता देश की महत्वपूर्ण प्राथमिकताएँ हैं।
भारत की हरित हाइड्रोजन महत्वाकांक्षा क्या है और इंडिया एनर्जी वीक इसे कैसे बढ़ावा देता है?
भारत के **राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन** को जनवरी 2023 में मंज़ूरी मिली और इसका बजट ₹19,744 करोड़ है। इसके लक्ष्यों में **2030 तक हर साल 50 लाख मीट्रिक टन (MMT) हरित हाइड्रोजन का उत्पादन**, हाइड्रोजन उत्पादन के लिए 125 GW नवीकरणीय ऊर्जा, ₹8 लाख करोड़ का निवेश और 6 लाख नए रोज़गार शामिल हैं। इंडिया एनर्जी वीक 2026 में **इलेक्ट्रोलाइज़र तकनीक**, भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारे (IMEC) के ज़रिए भारत से मध्य पूर्व तक निर्यात गलियारे का विकास, उर्वरकों के लिए हरित अमोनिया और इस्पात उद्योग में कार्बन उत्सर्जन घटाने के लिए हरित हाइड्रोजन को प्रमुखता दी गई। इन क्षेत्रों में भारत का लक्ष्य **हरित हाइड्रोजन का वैश्विक निर्यातक** बनना है।
इंडिया एनर्जी वीक के लिए गोवा क्यों चुना गया और इससे क्या संकेत मिलता है?
**गोवा** से **पश्चिमी अपतटीय तेल ब्लॉकों**, खासकर मुंबई अपतटीय बेसिन तक आसानी से पहुँचा जा सकता है। मुंबई बेसिन ONGC का मुख्य उत्पादन क्षेत्र है, जबकि **कोंकण तट** पर अपतटीय पवन ऊर्जा की संभावना है। बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजनों के लिए गोवा में मज़बूत **पर्यटन ढाँचा** है। मध्य पूर्व और यूरोप के ऊर्जा निवेशकों के लिए भी इसकी भौगोलिक स्थिति अनुकूल है। 2024 का संस्करण गोवा में और 2025 का संस्करण नई दिल्ली में आयोजित हुआ था। इस कार्यक्रम की मेज़बानी से एशिया की ऊर्जा माँग को वैश्विक आपूर्ति से जोड़ने वाले **अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा केंद्र** के रूप में भारत को स्थापित करने का इरादा स्पष्ट होता है।
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