भारत के विज्ञान और प्रौद्योगिकी क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में, सरकार ने मार्च 2026 के मध्य में राष्ट्रीय क्वांटम मिशन (NQM) के तहत 23 शैक्षणिक संस्थानों में क्वांटम टीचिंग लैबोरेटरी स्थापित करने की मंजूरी दी। प्रत्येक चयनित संस्थान को B.Tech स्तर पर क्वांटम प्रौद्योगिकी पाठ्यक्रम तैयार करने, संकाय विकास और शिक्षण बुनियादी ढाँचे के लिए ₹1 करोड़ का वित्तपोषण मिलेगा। अतिरिक्त 100 संस्थागत प्रस्ताव विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MoST) के पास समीक्षाधीन हैं।

राष्ट्रीय क्वांटम मिशन 2023–2031 की अवधि के लिए ₹6,003.65 करोड़ के बजट के साथ स्वीकृत किया गया था। इसके प्रमुख तकनीकी लक्ष्यों में 50 से 1,000 क्यूबिट वाले क्वांटम कम्प्यूटर विकसित करना, उपग्रह-आधारित सुरक्षित क्वांटम संचार, उच्च-संवेदनशीलता क्वांटम सेंसर और नई क्वांटम सामग्री शामिल हैं। मिशन का लक्ष्य भारत को क्वांटम प्रौद्योगिकी में वैश्विक अग्रणी बनाना है।

ये टीचिंग लैब शोध प्रयोगशालाएं नहीं, बल्कि मुख्य रूप से क्वांटम विज्ञान में स्नातक स्तर पर मानव पूंजी तैयार करने के लिए हैं। NQM के अंतर्गत क्वांटम कंप्यूटिंग, संचार, संवेदन और सामग्री पर केंद्रित चार विषयगत हब (T-Hubs) भी हैं।

राजस्थान के लिए IIT जोधपुर और MNIT जयपुर जैसे संस्थान भारत के उभरते क्वांटम प्रौद्योगिकी पारिस्थितिकी तंत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।