राजस्थान पहली बार किसी बाघ को दूसरे राज्य से लाकर स्थानांतरित करने की योजना बना रहा है। भारत में भी यह दूसरी बार होगा जब किसी जंगली बाघ को एक प्राकृतिक क्षेत्र से दूसरे प्राकृतिक क्षेत्र में स्थानांतरित किया जाएगा। राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण की अंतिम मंज़ूरी मिलने पर मध्य प्रदेश के पेंच बाघ अभयारण्य से एक बाघिन को हवाई मार्ग से बूंदी जिले के रामगढ़ विषधारी बाघ अभयारण्य लाया जाएगा।

इस स्थानांतरण का उद्देश्य रामगढ़ विषधारी में आनुवंशिक विविधता बढ़ाना और ऐसी स्थायी आबादी बसाना है जो आगे प्रजनन कर सके। बाघिन को वैश्विक स्थान-निर्धारण प्रणाली (GPS) से लैस रेडियो कॉलर लगाया जाएगा, ताकि वास्तविक समय में उसकी निगरानी और गतिविधियों का विश्लेषण किया जा सके तथा संभावित संघर्ष या तनाव के संकेतों का जल्दी पता चल सके। यह प्रक्रिया IUCN के स्थानांतरण प्रोटोकॉल के अनुसार होगी। रामगढ़ विषधारी को 2022 में भारत के 52वें बाघ अभयारण्य के रूप में अधिसूचित किया गया था। यह राजस्थान में रणथंभौर और मुकुंदरा हिल्स बाघ अभयारण्यों के बीच एक महत्वपूर्ण गलियारा बनाता है।