प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बीकानेर, राजस्थान के पुगल में भारत की सबसे बड़ी बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली (BESS) — 2,500 MWh परियोजना — और 1,560 MW-पीक सौर ऊर्जा संयंत्र की आधारशिला रखी। इस परियोजना को अवाडा ग्रुप द्वारा ₹9,200 करोड़ से अधिक के संयुक्त निवेश से विकसित किया जा रहा है। इससे 1,600 से अधिक हरित रोजगार, प्रतिवर्ष 20 लाख टन CO₂ उत्सर्जन में कमी और रोबोटिक सफाई तकनीक से 600 लाख लीटर पानी की बचत होगी। 200 MW श्री डूंगरगढ़ सौर परियोजना का भी उद्घाटन हुआ।
PM मोदी ने बीकानेर, राजस्थान में भारत की सबसे बड़ी बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली और 1,560 MW सौर संयंत्र की आधारशिला रखी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बीकानेर, राजस्थान के पुगल में भारत की सबसे बड़ी बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली (BESS) — 2,500 MWh परियोजना — और 1,560 MW-पीक सौर ऊर्जा संयंत्र की आधारशिला रखी। इस परियोजना को अवाडा ग्रुप द्वारा ₹9,200 करोड़ से अधिक के संयुक्त निवेश से विकसित किया जा रहा है। इससे 1,600 से अधिक हरित रोजगार, प्रतिवर्ष 20 लाख टन CO₂ उत्सर्जन में कमी और रोबोटिक सफाई तकनीक से 600 लाख लीटर पानी की बचत होगी। 200 MW श्री डूंगरगढ़ सौर परियोजना का भी उद्घाटन हुआ।
मुख्य तथ्य
- PM मोदी ने बीकानेर के पुगल में भारत की सबसे बड़ी BESS (2,500 MWh) की नींव रखी।
- BESS 1,560 MW-पीक सौर ऊर्जा संयंत्र के साथ एकीकृत है।
- परियोजना अवाडा ग्रुप द्वारा ₹9,200 करोड़ से अधिक के निवेश से विकसित की जा रही है।
- निर्माण के दौरान और बाद में 1,600 से अधिक हरित रोजगार सृजित होंगे।
- परियोजना से सालाना 20 लाख टन CO2 उत्सर्जन में कमी होगी।
- राजस्थान भारत के अग्रणी नवीकरणीय ऊर्जा केंद्र के रूप में उभर रहा है।
6-अक्ष वर्गीकरण
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पूगल, बीकानेर में 2,500 मेगावाट घंटा बीईएसएस और 1,560 मेगावाट सौर संयंत्र परियोजना कौन-सी कंपनी विकसित कर रही है?
बीकानेर जिले के पूगल में 1,560 MWp सौर और 2,500 MWh बैटरी ऊर्जा भंडारण परियोजना अवाड़ा समूह विकसित कर रहा है। इस परियोजना का उद्देश्य सौर उत्पादन के घंटों के बाद भी बिजली उपलब्ध कराने के लिए ऊर्जा भंडारण करना है और यह राजस्थान में अवाड़ा के नवीकरणीय ऊर्जा निवेश का हिस्सा है।
स्रोत: PIB
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
PM मोदी ने भारत की सबसे बड़ी बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली (BESS) की नींव कहाँ रखी?
PM मोदी ने भारत की सबसे बड़ी BESS (2,500 MWh) की आधारशिला बीकानेर, राजस्थान के पुगल में रखी। यह परियोजना 1,560 MW-पीक सौर ऊर्जा संयंत्र के साथ एकीकृत है।
बीकानेर की BESS परियोजना किस कंपनी द्वारा विकसित की जा रही है और इसमें कितना निवेश है?
बीकानेर की BESS और सौर परियोजना अवाडा ग्रुप द्वारा ₹9,200 करोड़ से अधिक के संयुक्त निवेश से विकसित की जा रही है।
बीकानेर BESS-सौर परियोजना के पर्यावरणीय और रोजगार संबंधी लाभ क्या हैं?
इस परियोजना से 1,600 से अधिक हरित रोजगार सृजित होंगे, प्रतिवर्ष 20 लाख टन CO₂ उत्सर्जन में कमी आएगी और रोबोटिक सफाई तकनीक से 600 लाख लीटर पानी की बचत होगी।
नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में राजस्थान का क्या महत्व है?
राजस्थान अपनी विशाल सौर क्षमता और बड़े पैमाने की परियोजनाओं के कारण भारत के अग्रणी नवीकरणीय ऊर्जा केंद्र के रूप में उभर रहा है। बीकानेर की BESS-सौर परियोजना इस स्थिति को और सुदृढ़ करती है।
बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली (BESS) क्या है और यह सौर ऊर्जा के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?
BESS सौर संयंत्रों से पैदा हुई अतिरिक्त बिजली को जमा करती है और कम उत्पादन या अधिक माँग के समय इसकी आपूर्ति करती है, जिससे सूर्य की रोशनी न होने पर भी विद्युत आपूर्ति स्थिर बनी रहती है।
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