प्रकाशित: 12 मार्च 2026समाचार स्रोतअर्थव्यवस्था
राजस्थान: ग्रिड की पारेषण क्षमता में अड़चनों के कारण 4,000 मेगावाट से अधिक नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन में कटौती
राजस्थान में 4,000 मेगावाट से अधिक चालू नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता से बनने वाली बिजली उस समय ग्रिड तक नहीं पहुँच पा रही है, जब सौर ऊर्जा का उत्पादन चरम पर होता है; इसका कारण पारेषण की अड़चनें हैं। राज्य में 23 गीगावाट चालू नवीकरणीय क्षमता है, लेकिन ग्रिड में बिजली भेजने की उपलब्ध क्षमता केवल 18.9 गीगावाट है। सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक अस्थायी सामान्य नेटवर्क पहुँच के अंतर्गत आने वाली 26 परियोजनाओं की कुल 3,287 मेगावाट क्षमता में 100% कटौती होती है।
खेतड़ी-नरेला और भादला द्वितीय-सीकर द्वितीय लाइनों की संयुक्त निर्धारित क्षमता लगभग 8,000 मेगावाट है, लेकिन इनसे ग्रिड में बिजली भेजने की उपयोगी क्षमता केवल लगभग 2,000 मेगावाट बढ़ी। ग्रिड इंडिया ने वोल्टेज में उतार-चढ़ाव, कम शॉर्ट-सर्किट अनुपात और भादला-बीकानेर 400 किलोवोल्ट लाइन पर क्षमता से अधिक भार को तकनीकी कारण बताया। विकासकर्ताओं के अनुसार 250 करोड़ रुपये तक का नुकसान हुआ है; उन्होंने परियोजनाओं की व्यवहार्यता, ऋण चुकाने की क्षमता और निवेशकों के भरोसे पर गंभीर असर की चेतावनी दी है।
मेन्स दृष्टिकोण
प्रश्न: राजस्थान में नवीकरणीय ऊर्जा के पारेषण में आ रही अड़चनों का विश्लेषण कीजिए।
उत्तर (50 शब्द):
राजस्थान में 23 गीगावाट चालू नवीकरणीय क्षमता है, लेकिन ग्रिड में बिजली भेजने की उपलब्ध क्षमता केवल 18.9 गीगावाट है। सौर उत्पादन चरम पर होने के दौरान 4,000 मेगावाट से अधिक क्षमता में कटौती होती है। सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक अस्थायी सामान्य नेटवर्क पहुँच वाली 26 परियोजनाओं की 3,287 मेगावाट क्षमता में 100% कटौती होती है। खेतड़ी-नरेला और भादला द्वितीय-सीकर द्वितीय से उपयोगी क्षमता केवल लगभग 2,000 मेगावाट बढ़ी; विकासकर्ताओं का नुकसान 250 करोड़ रुपये तक पहुँचा।
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आर्थिक समीक्षा 2025-26 के अनुसार चालू मूल्यों पर राजस्थान का GSDP कितना है?
व्याख्या · सही उत्तर Cराजस्थान GSDP चालू मूल्यों पर ₹18.75 लाख करोड़ अनुमानित।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
राजस्थान की चालू नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता के सामने क्या समस्या है?
राजस्थान में 4,000 मेगावाट से अधिक चालू नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता से बनने वाली बिजली उस समय ग्रिड तक नहीं पहुँच पा रही है, जब सौर ऊर्जा का उत्पादन चरम पर होता है। इसकी वजह पारेषण की अड़चनें हैं।
राजस्थान में ग्रिड तक बिजली भेजने की क्षमता उसकी नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता की तुलना में कितनी है?
राजस्थान में 23 गीगावाट चालू नवीकरणीय क्षमता है, लेकिन ग्रिड में बिजली भेजने की उपलब्ध क्षमता केवल 18.9 गीगावाट है। सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक अस्थायी सामान्य नेटवर्क पहुँच के अंतर्गत आने वाली 26 परियोजनाओं की कुल 3,287 मेगावाट क्षमता में 100% कटौती होती है।
खेतड़ी-नरेला और भादला द्वितीय-सीकर द्वितीय लाइनों से ग्रिड में बिजली भेजने की उपयोगी क्षमता कितनी बढ़ी?
खेतड़ी-नरेला और भादला द्वितीय-सीकर द्वितीय लाइनों की संयुक्त निर्धारित क्षमता लगभग 8,000 मेगावाट है, लेकिन इनसे ग्रिड में बिजली भेजने की उपयोगी क्षमता केवल लगभग 2,000 मेगावाट बढ़ी।
राजस्थान की ग्रिड पारेषण अड़चन से जुड़ी कौन-सी तकनीकी समस्याएँ और कितना नुकसान बताया गया?
तकनीकी समस्याओं में वोल्टेज का उतार-चढ़ाव, कम शॉर्ट-सर्किट अनुपात और भादला-बीकानेर 400 किलोवोल्ट लाइन पर क्षमता से अधिक भार शामिल हैं। विकासकर्ताओं ने 250 करोड़ रुपये तक का नुकसान बताया।