प्रकाशित: 11 मार्च 2026समाचार स्रोतअर्थव्यवस्था
राजस्थान: ग्रिड पारेषण बाधाओं के कारण 4,000 मेगावाट से अधिक नवीकरणीय ऊर्जा में कटौती
राजस्थान में 4,000 मेगावाट से अधिक चालू नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता पारेषण अवरोध के कारण सौर उत्पादन के चरम घंटों में बिजली निकासी नहीं कर पा रही है। राज्य में 23 गीगावाट नवीकरणीय क्षमता के बावजूद उपलब्ध निकासी की गुंजाइश सीमित है। सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक अस्थायी सामान्य नेटवर्क पहुंच के अंतर्गत कई परियोजनाओं को लगभग पूरी कटौती झेलनी पड़ती है।
खेतड़ी-नरेला लाइन चालू होने के बाद भी अपेक्षित राहत नहीं मिली। तकनीकी समस्याओं में वोल्टेज दोलन, कम शॉर्ट-सर्किट अनुपात और भादला-बीकानेर 400 किलोवोल्ट कॉरिडोर पर लोडिंग से जुड़ी बाधाएँ शामिल हैं। विकासकर्ताओं ने परियोजना व्यवहार्यता, ऋण अदायगी और निवेशक भरोसे पर गंभीर जोखिम की चेतावनी दी।
मेन्स दृष्टिकोण
प्रश्न: राजस्थान में नवीकरणीय ऊर्जा पारेषण अड़चनों का विश्लेषण कीजिए।
उत्तर (50 शब्द):
राजस्थान में 4 गीगावाट से अधिक चालू नवीकरणीय क्षमता पीक सौर घंटों में कटौती झेल रही है। सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक अस्थायी सामान्य नेटवर्क पहुंच वाली परियोजनाओं में लगभग पूरी कटौती बताई गई। ग्रिड इंडिया ने वोल्टेज दोलन, कम शॉर्ट-सर्किट अनुपात और भादला-बीकानेर 400 किलोवोल्ट कॉरिडोर की बाधाओं को कारण बताया।
6-अक्ष वर्गीकरण
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आर्थिक समीक्षा 2025-26 के अनुसार चालू मूल्यों पर राजस्थान का GSDP कितना है?
व्याख्या · सही उत्तर Cराजस्थान GSDP चालू मूल्यों पर ₹18.75 लाख करोड़ अनुमानित।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
राजस्थान की चालू नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता के सामने कौन सी समस्या आ रही है?
राजस्थान में 4,000 मेगावाट से अधिक चालू नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता पीक सौर घंटों में बिजली की निकासी नहीं कर पा रही है। इसकी वजह ट्रांसमिशन जाम है।
राजस्थान का निकासी मार्जिन उसकी नवीकरणीय क्षमता की तुलना में कितना है?
राजस्थान में 23 गीगावाट चालू नवीकरणीय क्षमता है, लेकिन उपलब्ध निकासी मार्जिन केवल 18.9 गीगावाट है। सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक अस्थायी जीएनए के तहत 3,287 मेगावाट की 26 परियोजनाओं को 100% कटौती झेलनी पड़ती है।
किन ट्रांसमिशन लाइनों से उनकी डिजाइन क्षमता से कम उपयोगी मार्जिन मिला?
खेत्री-नरेला और भडला द्वितीय-सीकर द्वितीय लाइनों की संयुक्त डिजाइन क्षमता लगभग 8,000 मेगावाट थी। इनसे केवल लगभग 2,000 मेगावाट उपयोगी मार्जिन जुड़ा।
राजस्थान की ग्रिड बाधा में कौन से तकनीकी मुद्दे और नुकसान बताए गए?
तकनीकी मुद्दों में वोल्टेज दोलन, कम शॉर्ट-सर्किट अनुपात और भडला-बीकानेर 400 किलोवोल्ट लाइन की ओवरलोडिंग शामिल हैं। डेवलपर्स ने 250 करोड़ रुपये तक के नुकसान बताए।