राजस्थान में 4,000 मेगावाट से अधिक चालू नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता पारेषण अवरोध के कारण सौर उत्पादन के चरम घंटों में बिजली निकासी नहीं कर पा रही है। राज्य में 23 गीगावाट नवीकरणीय क्षमता के बावजूद उपलब्ध निकासी की गुंजाइश सीमित है। सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक अस्थायी सामान्य नेटवर्क पहुंच के अंतर्गत कई परियोजनाओं को लगभग पूरी कटौती झेलनी पड़ती है।

खेतड़ी-नरेला लाइन चालू होने के बाद भी अपेक्षित राहत नहीं मिली। तकनीकी समस्याओं में वोल्टेज दोलन, कम शॉर्ट-सर्किट अनुपात और भादला-बीकानेर 400 किलोवोल्ट कॉरिडोर पर लोडिंग से जुड़ी बाधाएँ शामिल हैं। विकासकर्ताओं ने परियोजना व्यवहार्यता, ऋण अदायगी और निवेशक भरोसे पर गंभीर जोखिम की चेतावनी दी।