राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने जयपुर मेट्रो फेज 2 की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) मंज़ूर की है। इससे राज्य की राजधानी में शहरी परिवहन के बड़े विस्तार का रास्ता खुलेगा। परियोजना में टोडी मोड़ से प्रहलादपुरा तक 42.80 किमी लंबी नई मेट्रो लाइन—ऑरेंज लाइन—बनाने का प्रस्ताव है। इसमें 36 स्टेशन होंगे और इसकी अनुमानित लागत 13,600 करोड़ रुपये है।
मुख्यमंत्री ने राजस्थान विधानसभा में वित्त एवं विनियोग विधेयक पर जवाब देते हुए यह घोषणा की। उन्होंने फेज 2 का भूमिपूजन जल्द कराने की प्रतिबद्धता जताई। अब केंद्र सरकार और केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंज़ूरी बाकी है; इन मंज़ूरियों के बाद ही निर्माण शुरू हो सकेगा।
जयपुर मेट्रो फेज 1 की दो लाइनें चल रही हैं: फेज 1A (मानसरोवर से चाँदपोल, 9.25 किमी) और फेज 1B (चाँदपोल से बड़ी चौपड़, 2.35 किमी)। फेज 2 बनने पर मेट्रो नेटवर्क की पहुँच तीन गुना से अधिक हो जाएगी और जयपुर के प्रमुख आवासीय, व्यावसायिक तथा औद्योगिक क्षेत्रों तक मेट्रो सेवा पहुँचेगी।
मुख्यमंत्री ने जगतपुरा और वैशाली नगर जैसे तेज़ी से विकसित हो रहे क्षेत्रों तक मेट्रो का विस्तार करने की संभावना भी जताई। जयपुर मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (JMRC) को तकनीकी अध्ययन और भूमि अधिग्रहण की प्रक्रियाएँ तेज़ करने के निर्देश दिए गए हैं।
यह परियोजना विकसित राजस्थान 2030 के तहत राज्य की शहरी विकास योजनाओं के लिए महत्वपूर्ण है। इससे यातायात जाम और वाहनों से होने वाला प्रदूषण कम होने तथा जयपुर के विस्तारित शहरी क्षेत्र के अनुमानित 40 लाख निवासियों को मेट्रो से गंतव्य तक किफायती आवागमन की सुविधा मिलने की उम्मीद है।
RAS अभ्यर्थियों के लिए जयपुर मेट्रो फेज 2 शहरी शासन, राज्य में बुनियादी ढाँचे से जुड़ी नीति, सार्वजनिक-निजी भागीदारी के मॉडल और नगर नियोजन में पर्यावरणीय स्थिरता जैसे विषयों की दृष्टि से महत्वपूर्ण है।
