राष्ट्रीय जलविद्युत निगम (NHPC) ने 2,000 MW की सुबनसिरी लोअर जलविद्युत परियोजना (SLHEP) की 250 MW यूनिट-2 का व्यावसायिक संचालन 23 दिसंबर 2025 को 00:00 बजे से घोषित किया। केंद्रीय ऊर्जा, आवास एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल ने वर्चुअल रूप से व्यावसायिक संचालन का उद्घाटन किया। असम-अरुणाचल प्रदेश सीमा पर ब्रह्मपुत्र की सहायक नदी सुबनसिरी पर स्थित SLHEP एक रन-ऑफ-द-रिवर योजना है जिसकी कुल स्थापित क्षमता 2,000 MW (8×250 MW) है। पूर्ण कमीशनिंग के बाद यह भारत की सबसे बड़ी जलविद्युत परियोजना होगी और प्रतिवर्ष लगभग 7,422 MU नवीकरणीय बिजली उत्पन्न करेगी। यूनिट-1 दिसंबर 2025 की शुरुआत में कमीशन हुई थी। शेष छह यूनिट 2026-27 तक चरणबद्ध तरीके से कमीशन होंगी। परियोजना को असम में पर्यावरणीय विरोध के कारण दो दशकों से अधिक की देरी का सामना करना पड़ा। यह भारत की 50,000 MW जलविद्युत पहल के तहत आती है और 2030 तक 500 GW गैर-जीवाश्म ईंधन ऊर्जा क्षमता के लक्ष्य के अनुरूप है।