प्रकाशित: 18 सितंबर 2025राजस्थान
राजस्थान ने सहकारी समितियों के ज़रिए 152 मिलेट आउटलेट खोले; यह संख्या शुरुआती लक्ष्य के 4 गुना से अधिक है
राजस्थान सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में सहकारी समितियों के ज़रिए 152 मिलेट आउटलेट खोले, जबकि शुरुआती लक्ष्य 34 आउटलेट का था। 2025-26 के राज्य बजट में घोषित इस पहल का मकसद ग्रामीण रोजगार पैदा करने के साथ-साथ मिलेट को 'पारंपरिक अनाज के पौष्टिक, किफायती और टिकाऊ विकल्प' के रूप में बढ़ावा देना है।
राजस्थान राज्य सहकारी उपभोक्ता संघ और जिला सहकारी उपभोक्ता समितियाँ इन आउटलेट को चलाती हैं। यहाँ महिला स्वयं सहायता समूहों के उत्पाद भी उपलब्ध हैं। मिलेट की खेती के रकबे में राजस्थान देश के सभी राज्यों से आगे है। दुनिया में पैदा होने वाले मिलेट का 38.4% भारत में होता है; बाजरा, ज्वार और रागी इसकी प्रमुख किस्में हैं। अंतरराष्ट्रीय मिलेट वर्ष 2023 के बाद यह पहल भारत में पूरे साल मिलेट को बढ़ावा देने के अभियान को आगे बढ़ाती है।
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जुड़ा प्रश्नमध्यम
जनजातीय गौरव वर्ष के संदर्भ में राजस्थान की कितनी प्रतिशत आबादी जनजातीय है?
व्याख्या · सही उत्तर Cराजस्थान की जनजातीय आबादी राज्य की कुल जनसंख्या का 13.5% है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
राजस्थान ने सहकारी समितियों के ज़रिए कितने मिलेट आउटलेट खोले?
राजस्थान ने सहकारी समितियों के ज़रिए **152 मिलेट आउटलेट** खोले। 2025-26 के राज्य बजट में घोषित शुरुआती लक्ष्य **34 आउटलेट** का था, इसलिए खोले गए आउटलेट की संख्या लक्ष्य के 4 गुना से अधिक रही।
राजस्थान में मिलेट आउटलेट की संख्या लक्ष्य के 4 गुना से अधिक होने का क्या महत्व है?
राजस्थान राज्य सहकारी उपभोक्ता संघ और जिला सहकारी उपभोक्ता समितियाँ इन आउटलेट को चलाती हैं। यहाँ महिला स्वयं सहायता समूहों के उत्पाद भी उपलब्ध हैं। लक्ष्य से अधिक आउटलेट खुलना मिलेट की अच्छी माँग और भारत के श्री अन्न प्रोत्साहन कार्यक्रम के सफल अमल को दर्शाता है।
सहकारी मिलेट आउटलेट राजस्थान के किसानों को कैसे लाभ पहुँचाते हैं?
मिलेट की खेती के रकबे में राजस्थान देश के सभी राज्यों से आगे है। सहकारी विपणन से बिचौलियों की ज़रूरत नहीं रहती, किसानों को बेहतर कीमत मिलती है और मिलेट की माँग स्थिर रहती है।
भारत की श्री अन्न पहल में राजस्थान का क्या योगदान है?
दुनिया में पैदा होने वाले मिलेट का 38.4% भारत में होता है; बाजरा, ज्वार और रागी इसकी प्रमुख किस्में हैं। संयुक्त राष्ट्र के अंतरराष्ट्रीय मिलेट वर्ष 2023 के दौरान भारत ने मिलेट को श्री अन्न के रूप में दुनिया भर में बढ़ावा दिया; राजस्थान इस अभियान को आगे बढ़ाता है।
राजस्थान के सहकारी आउटलेट से कौन-कौन से मिलेट बढ़ावा दिए जाते हैं?
अंतरराष्ट्रीय मिलेट वर्ष 2023 के बाद यह पहल भारत में पूरे साल मिलेट को बढ़ावा देने के अभियान को आगे बढ़ाती है। इसके तहत बाजरा (पर्ल मिलेट), ज्वार (सोरघम), रागी (फिंगर मिलेट) और अन्य पारंपरिक अनाज को बढ़ावा दिया जाता है।