प्रकाशित: 14 नवंबर 2025PIBपर्यावरण
NITI आयोग ने CCUS नीति ढांचा जारी किया — 2050 तक 750 MTPA कार्बन कैप्चर का लक्ष्य, ₹20,000 करोड़ बजट
Aसीधा उत्तर
NITI आयोग के CCUS नीति ढांचे में 2050 तक 750 MTPA CO2 कैप्चर का लक्ष्य है। इसमें इस्पात, सीमेंट, तेल एवं गैस और उर्वरक क्षेत्रों पर ध्यान देते हुए $10,000-15,000 करोड़ निवेश, ₹20,000 करोड़ प्रारंभिक बजट समर्थन और 80 लाख से 1 करोड़ हरित नौकरियों का अनुमान दिया गया है।
NITI आयोग ने कार्बन कैप्चर, उपयोग और भंडारण (CCUS) पर एक व्यापक नीतिगत रूपरेखा जारी की है। इसमें 2050 तक प्रति वर्ष 75 करोड़ मीट्रिक टन (MTPA) CO2 कैप्चर करने की भारत की रणनीति बताई गई है। इस नीति दस्तावेज के लिए ₹20,000 करोड़ का प्रस्तावित बजट आवंटन रखा गया है।
CCUS में औद्योगिक उत्सर्जन स्रोतों से CO2 को पकड़ना और फिर उसे भूवैज्ञानिक संरचनाओं में स्थायी रूप से भूमिगत भंडारित करना या औद्योगिक प्रक्रियाओं में कच्चे माल के रूप में उपयोग करना शामिल है। यह तकनीक इस्पात, सीमेंट, तेल एवं गैस और उर्वरक जैसे उन क्षेत्रों में नेट-ज़ीरो लक्ष्य हासिल करने के लिए महत्वपूर्ण है, जहाँ उत्सर्जन घटाना कठिन है।
अगले 25 वर्षों में कुल निवेश $100-150 अरब अनुमानित है। CCUS के उपयोग से निर्माण, संचालन, निगरानी और संबंधित उद्योगों के ज़रिए भारत में 80 लाख-1 करोड़ नौकरियां पैदा होने का अनुमान है।
मेन्स दृष्टिकोण
प्रश्न: नेट-ज़ीरो प्रतिबद्धताओं को पूरा करते हुए भारत के उन औद्योगिक क्षेत्रों में, जहां उत्सर्जन घटाना कठिन है, कार्बन उत्सर्जन घटाने के उपाय के रूप में नीति आयोग के कार्बन कैप्चर, उपयोग एवं भंडारण नीति ढांचे का मूल्यांकन कीजिए।
उत्तर (50 शब्द):
नीति आयोग के सीसीयूएस ढांचे में 2050 तक प्रति वर्ष 75 करोड़ टन कार्बन डाइऑक्साइड कैप्चर करने का लक्ष्य है। इसके लिए 20,000 करोड़ रुपये प्रारंभिक बजट और 1 खरब से 1.5 खरब डॉलर निवेश का आधार है। यह इस्पात, सीमेंट, तेल-गैस और उर्वरक जैसे कठिन क्षेत्रों पर केंद्रित है तथा निर्माण और संचालन में 80 लाख से 1 करोड़ हरित रोज़गार अनुमानित हैं।
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
CCUS क्या है और यह भारत के नेट-ज़ीरो लक्ष्यों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?
CCUS (कार्बन कैप्चर, उपयोग और भंडारण) में औद्योगिक स्रोतों से CO2 को कैप्चर कर उसे भंडारित करना या उपयोग में लाना शामिल है। यह इस्पात, सीमेंट, तेल एवं गैस और उर्वरक जैसे उन क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण है, जहां उत्सर्जन घटाना कठिन है।
NITI आयोग का 2050 CCUS लक्ष्य और निवेश अनुमान क्या है?
NITI आयोग के CCUS नीति ढांचे का लक्ष्य 2050 तक 750 MTPA CO2 कैप्चर करना है, जिसके लिए कुल $100-150 अरब निवेश और ₹20,000 करोड़ प्रारंभिक बजटीय समर्थन की आवश्यकता है।
भारत के CCUS ढांचे में किन चार क्षेत्रों को प्राथमिकता दी गई है?
चार प्राथमिकता क्षेत्र हैं: इस्पात (~7% वैश्विक CO2), सीमेंट (~8% वैश्विक CO2), तेल एवं गैस, और उर्वरक।
CCUS को लागू करने से भारत में रोजगार की क्या संभावना है?
NITI आयोग का अनुमान है कि CCUS की तैनाती से भारत में 80-100 लाख नौकरियाँ पैदा हो सकती हैं।
RAS और UPSC परीक्षाओं के लिए CCUS क्यों प्रासंगिक है?
इसमें जलवायु नीति, औद्योगिक डीकार्बोनाइजेशन, भारत की नेट-ज़ीरो रणनीति, हरित नौकरियाँ और NITI आयोग की भूमिका शामिल हैं।