NITI आयोग ने कार्बन कैप्चर, उपयोग और भंडारण (CCUS) पर एक व्यापक नीतिगत रूपरेखा जारी की है। इसमें 2050 तक प्रति वर्ष 75 करोड़ मीट्रिक टन (MTPA) CO2 कैप्चर करने की भारत की रणनीति बताई गई है। इस नीति दस्तावेज के लिए ₹20,000 करोड़ का प्रस्तावित बजट आवंटन रखा गया है।

CCUS में औद्योगिक उत्सर्जन स्रोतों से CO2 को पकड़ना और फिर उसे भूवैज्ञानिक संरचनाओं में स्थायी रूप से भूमिगत भंडारित करना या औद्योगिक प्रक्रियाओं में कच्चे माल के रूप में उपयोग करना शामिल है। यह तकनीक इस्पात, सीमेंट, तेल एवं गैस और उर्वरक जैसे उन क्षेत्रों में नेट-ज़ीरो लक्ष्य हासिल करने के लिए महत्वपूर्ण है, जहाँ उत्सर्जन घटाना कठिन है।

अगले 25 वर्षों में कुल निवेश $100-150 अरब अनुमानित है। CCUS के उपयोग से निर्माण, संचालन, निगरानी और संबंधित उद्योगों के ज़रिए भारत में 80 लाख-1 करोड़ नौकरियां पैदा होने का अनुमान है।