सर्वोच्च न्यायालय ने अक्टूबर 2025 में ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के अधिकारों की रक्षा और समान अवसर नीति तैयार करने के लिए एक विशेष समिति गठित की। समिति की अध्यक्षता दिल्ली उच्च न्यायालय की पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति आशा मेनन कर रही हैं।

कर्नाटक की प्रसिद्ध ट्रांसजेंडर कार्यकर्ता अक्कई पद्मशाली को सदस्य नियुक्त किया गया, जिससे सर्वोच्च न्यायालय की इस समिति में ट्रांसजेंडर अधिकार कार्यकर्ताओं को प्रतिनिधित्व मिला। संगठन 'ओंदेदे' की संस्थापक पद्मशाली कर्नाटक में विवाह पंजीकृत करने वाली पहली ट्रांसजेंडर व्यक्ति भी हैं।