रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आत्मनिर्भर भारत पहल के तहत 2029 तक घरेलू रक्षा उत्पादन को ₹3 लाख करोड़ और रक्षा निर्यात को ₹50,000 करोड़ तक बढ़ाने का लक्ष्य घोषित किया। 2024-25 में भारत का रक्षा उत्पादन ₹1.27 लाख करोड़ से अधिक रहा, जिसमें निजी क्षेत्र का योगदान 21% था।

भारत अब 100 से अधिक देशों को रक्षा उपकरण निर्यात करता है। प्रमुख निर्यातों में फिलीपींस को ब्रह्मोस मिसाइलें और आकाश मिसाइल प्रणालियाँ शामिल हैं; कई देशों ने तेजस हल्के लड़ाकू विमान (LCA) में भी रुचि दिखाई है। राजस्थान के जयपुर और कोटा में रक्षा क्षेत्र के सार्वजनिक उपक्रमों की महत्वपूर्ण विनिर्माण इकाइयाँ हैं। भारतीय सेना की दक्षिण-पश्चिमी कमान का मुख्यालय भी जयपुर में है।