प्रकाशित: 12 अक्टूबर 2025अर्थव्यवस्था
भारत की नीली अर्थव्यवस्था: नीति आयोग रिपोर्ट में गहरे समुद्री मत्स्य पालन की क्षमता
नीति आयोग ने गहरे समुद्र और अपतटीय मत्स्य पालन विकास से जुड़ी भारत की नीली अर्थव्यवस्था पर व्यापक रिपोर्ट जारी की। भारत के EEZ में 71.6 लाख टन मत्स्य संसाधन क्षमता है, लेकिन वर्तमान में केवल 4 भारतीय पोत उच्च समुद्रों में काम कर रहे हैं।
रिपोर्ट में EEZ मत्स्य अधिनियम, बेड़े के आधुनिकीकरण और गहरे समुद्र मत्स्य पालन प्राधिकरण स्थापित करने की सिफारिश की गई है। भारत का कुल मछली उत्पादन ~175 लाख टन है, जो अर्थव्यवस्था में ₹1.75 लाख करोड़ का योगदान देता है और 2.8 करोड़+ मछुआरों को आजीविका प्रदान करता है।
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अक्टूबर 2025 में जारी भारत की नीली अर्थव्यवस्था पर नीति आयोग की रिपोर्ट के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. भारत के विशेष आर्थिक क्षेत्र में 71.6 लाख टन संभावित मत्स्य संसाधन हैं।
2. वर्तमान में केवल 4 भारतीय जहाज उच्च समुद्रों में संचालित होते हैं।
3. रिपोर्ट विशेष आर्थिक क्षेत्र मत्स्य अधिनियम का मसौदा तैयार करने की सिफारिश करती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
व्याख्या · सही उत्तर Dनीति आयोग की रिपोर्ट के अनुसार तीनों कथन सही हैं। भारत के ईईजेड में 71.6 लाख टन संभावित मत्स्य संसाधन हैं, केवल 4 भारतीय जहाज उच्च समुद्रों में संचालित होते हैं, और रिपोर्ट ईईजेड मत्स्य अधिनियम का मसौदा तैयार करने, मछली पकड़ने के बेड़े का आधुनिकीकरण करने और गहरे समुद्र मत्स्य प्राधिकरण की स्थापना की सिफारिश करती है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
भारत की गहरे समुद्र में मत्स्य पालन की क्षमता के बारे में NITI आयोग की ब्लू इकोनॉमी रिपोर्ट क्या कहती है?
**NITI आयोग की ब्लू इकोनॉमी रिपोर्ट ने बताया कि भारत में गहरे समुद्र में मत्स्य पालन में विशाल अप्रयुक्त क्षमता है**, जिसमें **23.7 लाख वर्ग किलोमीटर से अधिक** का अनन्य आर्थिक क्षेत्र (EEZ) शामिल है।
भारत की ब्लू इकोनॉमी क्या है और इसमें कौन से क्षेत्र शामिल हैं?
**भारत की ब्लू इकोनॉमी आर्थिक विकास के लिए समुद्री संसाधनों के टिकाऊ उपयोग को संदर्भित करती है**, जिसमें **मत्स्य पालन, जलकृषि, समुद्री जैव-प्रौद्योगिकी, शिपिंग, बंदरगाह, अपतटीय ऊर्जा और तटीय पर्यटन** जैसे क्षेत्र शामिल हैं।
भारत के अनन्य आर्थिक क्षेत्र EEZ का आकार और ब्लू इकोनॉमी के लिए इसकी क्या महत्ता है?
भारत का **अनन्य आर्थिक क्षेत्र (EEZ) हिंद महासागर, बंगाल की खाड़ी और अरब सागर में 23.7 लाख वर्ग किलोमीटर से अधिक** तक फैला है। इस विशाल समुद्री क्षेत्र में **महत्वपूर्ण मछली भंडार, पॉलीमेटेलिक नोड्यूल, गैस हाइड्रेट और अपतटीय ऊर्जा संसाधन** हैं।
भारत का डीप सी मिशन क्या है और यह ब्लू इकोनॉमी से कैसे संबंधित है?
**भारत का डीप ओशन मिशन (DOM)** 2021 में स्वीकृत 4,077 करोड़ रुपये का कार्यक्रम है जो गहरे समुद्री संसाधनों की खोज, तकनीकों के विकास और समुद्री जैव-विविधता के अध्ययन के लिए है। यह **6,000 मीटर गहराई** तक मानव पनडुब्बी क्षमता को आगे बढ़ाता है।
भारत के लिए NITI आयोग की ब्लू इकोनॉमी रिपोर्ट में मुख्य नीतिगत सिफारिशें क्या हैं?
NITI आयोग की ब्लू इकोनॉमी रिपोर्ट **मछली पकड़ने के बेड़े के आधुनिकीकरण, ब्लू इकोनॉमी इंडेक्स विकसित करने, समुद्री स्थानिक नियोजन ढांचे स्थापित करने, और बंदरगाह-नेतृत्व तटीय विकास में निवेश बढ़ाने** की सिफारिश करती है।