प्रकाशित: 16 सितंबर 2025समाचार स्रोतटॉपिक
GRSE ने भारतीय नौसेना को दूसरा पनडुब्बी रोधी युद्धपोत 'अंद्रोत' सुपुर्द किया
गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (GRSE), कोलकाता ने 13 सितंबर 2025 को भारतीय नौसेना को 'अंद्रोत' सुपुर्द किया। यह आठ पनडुब्बी रोधी उथले जल युद्धपोतों की श्रृंखला का दूसरा पोत है। लक्षद्वीप द्वीपसमूह के अंद्रोत द्वीप के नाम पर बने 77 मीटर के इस पोत में डीजल इंजन और वॉटरजेट प्रणोदन का संयोजन है। इस व्यवस्था से चलने वाला यह सबसे बड़ा भारतीय नौसैनिक युद्धपोत है।
पोत में GRSE द्वारा निर्मित स्वदेशी 30 मिमी नौसैनिक सतह तोप लगी है और इसमें लगभग 88% स्वदेशी सामग्री है। ये पोत तटीय जल में व्यापक उप-सतही निगरानी और विमानों के साथ समन्वित पनडुब्बी रोधी अभियान चलाने में सक्षम हैं। इससे रक्षा विनिर्माण में आत्मनिर्भर भारत और मेक इन इंडिया को बढ़ावा मिलता है।
मेन्स दृष्टिकोण
प्रश्न: सितंबर 2025 में जीआरएसई द्वारा भारतीय नौसेना को पनडुब्बी रोधी उथले जल युद्धपोत 'अंद्रोत' की सुपुर्दगी के रक्षा एवं स्वदेशीकरण के महत्व को रेखांकित कीजिए।
उत्तर (50 शब्द):
13 सितंबर 2025 को जीआरएसई कोलकाता ने आठ पनडुब्बी रोधी उथले जल युद्धपोतों में दूसरे, अंद्रोत, को भारतीय नौसेना को सुपुर्द किया। लक्षद्वीप के अंद्रोत द्वीप के नाम पर रखा गया 77 मीटर का यह पोत जीआरएसई निर्मित 30 मिमी नौसैनिक तोप तथा लगभग 88 प्रतिशत स्वदेशी सामग्री से युक्त है और आत्मनिर्भर भारत को बढ़ावा देता है।
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1946 के RIN विद्रोह में कितने नाविकों ने भाग लिया?
व्याख्या · सही उत्तर D1946 का RIN विद्रोह बॉम्बे से शुरू होकर कराची, कलकत्ता और अन्य नौसैनिक केंद्रों तक फैल गया। इसके चरम पर लगभग 20,000 नौसैनिक रेटिंग, 78 जहाज और 20 तटीय प्रतिष्ठान शामिल थे, इसलिए सही उत्तर 20,000 है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
GRSE द्वारा भारतीय नौसेना को सुपुर्द किया गया अंद्रोत क्या है?
**GRSE, कोलकाता ने 13 सितंबर 2025 को भारतीय नौसेना को 'अंद्रोत' सुपुर्द किया। यह आठ पनडुब्बी रोधी उथले जल युद्धपोतों में दूसरा है।** गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स द्वारा भारतीय नौसेना को सुपुर्द किया गया यह इस श्रेणी का दूसरा पोत है।
GRSE क्या है और यह भारत के लिए किस प्रकार के युद्धपोत बनाता है?
**गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (GRSE) रक्षा मंत्रालय के अंतर्गत भारत की प्रमुख रक्षा पोत निर्माण कंपनी है।** इसने 77 मीटर लंबा अंद्रोत बनाया है, जो डीजल इंजन-वॉटरजेट संयोजन से चलने वाला भारतीय नौसैनिक युद्धपोत है।
पनडुब्बी रोधी युद्धपोतों का उपयोग किस लिए होता है?
**पनडुब्बी रोधी युद्धपोत सोनार, टॉरपीडो और गहराई में विस्फोट करने वाले बमों से दुश्मन की पनडुब्बियों का पता लगाकर उन्हें निष्क्रिय करते हैं।** अंद्रोत में GRSE द्वारा निर्मित स्वदेशी 30 मिमी नौसैनिक सतह तोप लगी है और लगभग 88% स्वदेशी सामग्री है।
GRSE की अंद्रोत सुपुर्दगी भारत के स्वदेशी नौसैनिक पोत निर्माण को कैसे आगे बढ़ाती है?
**ये पोत तटीय जल में व्यापक उप-सतही निगरानी और विमानों के साथ समन्वित पनडुब्बी रोधी अभियान चला सकते हैं।** यह स्वदेशी पोत विदेशी युद्धपोतों के आयात पर निर्भरता घटाने और आत्मनिर्भर भारत अभियान की प्रगति को दिखाता है।
'अंद्रोत' नाम का क्या अर्थ है और भारतीय नौसेना के लिए इसका क्या महत्व है?
**अंद्रोत का नाम लक्षद्वीप के अंद्रोत द्वीप पर रखा गया है**, जो भारतीय द्वीपों के नाम पर पोतों का नाम रखने की नौसेना की परंपरा के अनुरूप है। GRSE ने इसे आठ पनडुब्बी रोधी उथले जल युद्धपोतों की श्रृंखला के दूसरे पोत के रूप में सुपुर्द किया।