प्रकाशित: 15 सितंबर 2025समाचार स्रोतटॉपिक
GRSE ने भारतीय नौसेना को दूसरा पनडुब्बी रोधी युद्धपोत 'अंद्रोत' सुपुर्द किया
गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (GRSE), कोलकाता ने 13 सितंबर 2025 को भारतीय नौसेना को 'अंद्रोत' — आठ पनडुब्बी रोधी उथले जल युद्धपोतों (ASW SWC) की श्रृंखला में दूसरा — सुपुर्द किया। लक्षद्वीप द्वीपसमूह के अंद्रोत द्वीप के नाम पर बने 77 मीटर के इस पोत में डीजल इंजन और वॉटरजेट प्रणोदन का संयोजन है, और यह इस व्यवस्था से चलने वाला सबसे बड़ा भारतीय नौसैनिक युद्धपोत है।
पोत में GRSE द्वारा निर्मित स्वदेशी 30 मिमी नौसैनिक सतह तोप है और लगभग 88% स्वदेशी सामग्री है। ASW SWC तटीय जल में व्यापक उप-सतह निगरानी और विमान के साथ समन्वित पनडुब्बी रोधी अभियान चलाने में सक्षम हैं, जिससे रक्षा विनिर्माण में आत्मनिर्भर भारत और मेक इन इंडिया को बढ़ावा मिलता है।
मेन्स दृष्टिकोण
प्रश्न: सितंबर 2025 में जीआरएसई द्वारा भारतीय नौसेना को पनडुब्बी रोधी उथले जल युद्धपोत 'अंद्रोत' की सुपुर्दगी के रक्षा एवं स्वदेशीकरण के महत्व को रेखांकित कीजिए।
उत्तर (50 शब्द):
13 सितंबर 2025 को जीआरएसई कोलकाता ने आठ पनडुब्बी रोधी उथले जल युद्धपोतों में दूसरे, अंद्रोत, को भारतीय नौसेना को सुपुर्द किया। लक्षद्वीप के अंद्रोत द्वीप के नाम पर रखा गया 77 मीटर का यह पोत जीआरएसई निर्मित 30 मिमी नौसैनिक तोप तथा लगभग 88 प्रतिशत स्वदेशी सामग्री से युक्त है और आत्मनिर्भर भारत को बढ़ावा देता है।
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1946 के RIN विद्रोह में कितने नाविकों ने भाग लिया?
व्याख्या · सही उत्तर D1946 का RIN विद्रोह बॉम्बे से शुरू होकर कराची, कलकत्ता और अन्य नौसैनिक केंद्रों तक फैल गया। इसके चरम पर लगभग 20,000 नौसैनिक रेटिंग, 78 जहाज और 20 तटीय प्रतिष्ठान शामिल थे, इसलिए सही उत्तर 20,000 है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
GRSE द्वारा भारतीय नौसेना को सौंपा गया INS एंड्रोथ क्या है?
**GRSE, Kolkata** ने **'Androth'** सौंपा, जो आठ **एंटी-सबमरीन वारफेयर शैलो वाटर क्राफ्ट्स** में दूसरा है। INS एंड्रोथ GRSE (गार्डन रीच शिपबिल्डर्स) द्वारा भारतीय नौसेना को सौंपा गया दूसरा एंटी-सबमरीन वारफेयर (ASW) शैलो वाटर क्राफ्ट है।
GRSE क्या है और यह भारत के लिए कौन से युद्धपोत बनाता है?
**GRSE (गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स) रक्षा मंत्रालय के अंतर्गत भारत की प्रमुख रक्षा जहाज निर्माण कंपनी है**। **इसका नाम लक्षद्वीप के एंड्रोथ द्वीप पर रखा गया है; 77 मीटर लंबा यह पोत सबसे बड़ा है**
एंटी-सबमरीन वारफेयर जहाजों का उपयोग किस लिए होता है?
**ASW जहाज सोनार, टॉरपीडो और डेप्थ चार्ज का उपयोग करके दुश्मन की पनडुब्बियों का पता लगाते और उन्हें नष्ट करते हैं**। **इसमें GRSE द्वारा निर्मित स्वदेशी 30 mm नौसैनिक सतह तोप लगी है, जिसमें लगभग **
GRSE की एंड्रोथ डिलीवरी भारत के स्वदेशी नौसैनिक जहाज निर्माण को कैसे आगे बढ़ाती है?
**ASW SWCs तटीय जल में पानी की सतह के नीचे पूरी निगरानी रखने और तालमेल के साथ पनडुब्बी-रोधी कार्रवाई करने में सक्षम हैं**। स्वदेशी ASW डिलीवरी विदेशी युद्धपोत आयात पर निर्भरता कम करने में भारत की आत्मनिर्भर भारत प्रगति को दर्शाती है।
'एंड्रोथ' नाम का क्या अर्थ है और भारतीय नौसेना के लिए इसका क्या महत्व है?
**एंड्रोथ का नाम लक्षद्वीप के एंड्रोट द्वीप के नाम पर रखा गया है**, जो भारतीय द्वीपों के नाम पर जहाजों का नाम रखने की नौसेना परंपरा के अनुरूप है। **गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (GRSE), कोलकाता ने 'एंड्रोथ' की डिलीवरी की — t**